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मां ने बेटी का गला घोंटकर की हत्या, डेडबॉडी लगाई ठिकाने फिर ये वजह आई सामने

क्या है मामला: बेटी के गायब होने की शिकायत खुद ही दर्ज कराई।

Danik Bhaskar | Dec 10, 2017, 05:16 AM IST

चंडीगढ़. अपनी ही ढाई साल की बेटी के कत्ल में जिला अदालत ने शनिवार को 40 साल की मंजू देवी को दोषी करार दिया है। मंजू को सजा सोमवार को सुनाई जाएगी। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज पूनम आर.जोशी की कोर्ट ने डेढ़ साल में ही इस केस का निपटारा कर दिया। मंजू को कोर्ट ने आईपीसी की धारा 302(हत्या) के तहत दोषी करार दिया है।

मंजू ने गरीबी के कारण अप्रैल 2016 में ढाई साल की बेटी पीहू की गला घोटकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद उसने शव को इंडस्ट्रियल एरिया में फेंक दिया था। बच्ची के पिता रमेश्वर सिंह ठेके पर माली का काम करते हैं।

ऐसे पकड़ा : सरपंच के सामने कबूल लिया था जुर्म
पुलिस की जांच में सामने आया कि पीहू की हत्या मंजू ने ही की थी। पुलिस के मुताबिक मंजू ने गांव के सरपंच के सामने जुर्म कबूल लिया था। मंजू ने सरपंच को बताया था कि गरीबी के कारण बेटी की हत्या की।

और वजह : कैसे होगी पढ़ाई और शादी
मंजू ने बताया था कि उसके चार बच्चे थे जिनमें एक बड़ी बेटी, दो बेटे थे और चौथी पीहू थी। गरीब परिवार से होने के कारण मंजू को हमेशा डर सताता था कि पीहू का खर्च कैसे उठा पाएगी। उसकी पढ़ाई और फिर शादी कैसे होगी। इसी परेशानी में एक दिन उसने पीहू की जान ही ले ली।

फुटेज, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने खोला राज

बेटी का शव बोरी में लेकर मंजू ऑटो से इंडस्ट्रियल एरिया गई और फिर ट्रिब्यून चौक पर उतरकर आगे पैदल गई। इस दौरान एक फैक्ट्री के सामने लगे सीसीटीवी में वह बोरी लेकर जाते कैद हो गई। ये सीसीटीवी फुटेज जुर्म को साबित करने में अहम साबित हुआ।
गवाह... मंजू को गांव के ही एक युवक ने भी बोरी ले जाते देखा था। पुलिस ने उसे भी गवाह बनाया था। उसकी स्टेटमेंट थी कि उसने मंजू के हाथ में बोरी देखी थी, लेकिन उसमें क्या था पता नहीं।

- पोस्टमॉर्टम से साफ हो गया था कि मौत गला घोटने से हुई थी।
- इन सभी सबूतों के चलते कोर्ट ने मंजू को दोषी करार दे दिया।