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NRI मर्डर केस- पुलिस ने आरोपी के कपड़ों के सैंपल ही नहीं लिए और गवाह भी मुकरे

पहले जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने तीन साल की कैद सुनाई थी

Danik Bhaskar | Jan 03, 2018, 07:41 AM IST

चंडीगढ़. जनवरी 2015 में इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एलांते मॉल के बाहर एनआरआई जितेंदर सिंह उर्फ हरक सिंह की हत्या हो गई थी। इस मामले में नाबालिग को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने धारा 302 के तहत तीन साल की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एवं सेशंस जज एसके सचदेवा ने जुवेनाइल को बरी कर दिया। बचाव पक्ष की वकील प्रतिभा भंडारी ने बताया कि जुवेनाइल को पहले डिस्क्लोजर स्टेटमेंट के आधार पर सजा सुनाई थी।

अपील पर सुनवाई के दौरान अदालत ने दोषी के कपड़ों पर खून के निशान की रिपोर्ट मांगी तो अदालत को बताया गया कि पुलिस ने सैंपल लिए ही नहीं थे। एलांते मॉल के बाहर जिन प्रत्यक्षदर्शियों को गवाह बनाया गया था उन्होंने भी क्रॉस के दौरान दोषी को पहचानने से इनकार कर दिया। इसके अलावा एनआरआई का बेटा भी घटना के वक्त मौके पर मौजूद था। वह एक बार भी अदालत में पेश नहीं हुआ। मृतक के बेटे 24 वर्षीय रोरकी पर भी दोषी ने वारदात के वक्त हमला किया था। एडवोकेट प्रतिभा ने कहा कि जिस डंडे से हमला करने का आरोप था पुलिस यह भी नहीं बता पाई कि डंडा किस कलर का था। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में दोषी को बरी कर दिया।

28 जनवरी 2015 को आए थे चंडीगढ़

एनआरआई जितेंदर सिंह के बेटे रोरकी उर्फ रॉकी के साथ सात जनवरी को कैलिफोर्निया से देश आए थे। 28 जनवरी को वह किसी काम के सिलसिले में चंडीगढ़ आए और यहां एलटिस होटल में ठहरे थे। 29 जनवरी की रात करीब दस बजे वे एलांते मॉल स्थित स्पोर्ट्स लाउंज और बार में बालिंग खेलने गए थे। यहां दोनों ने ड्रिंक्स भी लीं। इसके बाद रात करीब 12 बजे दोनों होटल जाने के लिए एलांते से बाहर आए। एक ऑटो चालक से उन्होंने होटल तक छोड़ने को कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। इससे दोनों पक्षों में बहस हो गई। जितेंदर सिंह बेटे रॉकी के साथ थोड़ी दूर ही गए थे कि ऑटो चालक ने पीछे से उन पर डंडे से हमला कर दिया।

बाप के साथ बेटा भी हुआ था घायल

हमले में जितेंदर और रॉकी दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। पार्किंग कर्मी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। उसने ऑटो का नंबर भी बताया। पीसीआर दोनों को जीएमसीएच-32 ले गई। वहां जितेंदर को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने ऑटो नंबर की तलाश की और उसके चालक नाबालिग को देर रात गिरफ्तार कर लिया। उससे वारदात में इस्तेमाल किया गया डंडा और ऑटो बरामद कर लिया। वह ब्लॉक-1 कॉलोनी नं-4 इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में रहता था।

प्रॉपर्टी विवाद के चलते आए थे

एनआरआई जितेंदर करीब 20 करोड़ की प्रॉपर्टी विवाद के सिलसिले में पंजाब आए थे। उनकी पंजाब के फगवाड़ा के गांव में जमीन है। इसे लेकर कई वर्ष से डीलरों से विवाद चल रहा है। इस विवाद के कारण पहले उनके पिता बगीचा सिंह की तनाव में आने से मौत हो गई थी। उससे पहले जितेंदर के बड़े भाई की अमेरिका के कैलिफोर्निया में प्रॉपर्टी को लेकर हार्ट अटैक से मौत हुई थी। जितेंदर उसी प्रॉपर्टी के सिलसिले में वकील से मिलने यहां आए थे।