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घरवाले बोले- पुलिस ने हथौड़ों से दरवाजे तोड़े, 80 साल की दादी से की मारपीट

धोखाधड़ी के आरोपी को पकड़ने गई पुलिस ने आरोपी की मां पर दर्ज किया मिसबिहेव का केस

Dainik Bhaskar

Dec 30, 2017, 06:41 AM IST
बुजुर्ग सविता रामपाल ने बताया कि पुलिस ने उनके घर के दरवाजे हथौड़ों से तोड़ डाले। दरवाजे तोड़ने से पहले एसएचओ ने अपनी टोपी साइट पर रखी और वहीं भूल गए। बुजुर्ग सविता रामपाल ने बताया कि पुलिस ने उनके घर के दरवाजे हथौड़ों से तोड़ डाले। दरवाजे तोड़ने से पहले एसएचओ ने अपनी टोपी साइट पर रखी और वहीं भूल गए।

पंचकूला. धोखाधड़ी के आरोपी युवक को पकड़ने आई पंचकूला पुलिस ने उसकी मां को ही कानूनी पेंच में फंसा दिया और उस पर पुलिस के साथ मिसबिहेव का केस दर्ज कर दिया। हालांकि असलियत में मिसबिहेव पुलिस ने किया। घर का जबरन दरवाजा तोड़ा, जबरन पुलिस घर में घुसी और जब घर में मौजूद पालतू डॉग उन पर झपटा तो महिला पर ही केस दर्ज कर दिया।

कहा कि उसने उन पर कुत्ता छोड़ दिया। अब कोई जबरन घर में घुसेगा तो पालतू डॉग तो झपटेगा ही। डॉग को क्या पता कि जबरन दाखिल होने वाले पुलिसवाले हैं या अपराधी। पुलिस ने मां से मारपीट करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा आरोपी की 80 साल की दादी से इतनी मारपीट की गई कि उन्हें जनरल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। वहीं। आरोपी की दादी ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि उसने घर में घुसकर महिलाओं से धक्केशाही और मारपीट की और हथौड़ों से घर के दरवाजे तोड़े, जबकि आरोपी घर में मौजूद नहीं था। पुलिस ने उन पर दबाव बनाने के लिए आरोपी की मां को झूठा केस दर्ज कर गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि वे अस्पताल से निकलने के बाद इस बारे में सीएम मनोहर लाल खट्टर और हरियाणा के डीजीपी से मिलकर पुलिस की शिकायत करेंगी।

दादी बोली-पोते को पकड़ने बिना सर्च वारंट आई पुलिस, नहीं मिला तो हथौड़ों से तोड़े घर के दरवाजे, मां को घसीटा

सेक्टर-4 के मकान नंबर-596 में रहने वाली 80 साल की बुजुर्ग सविता रामपाल ने बताया कि वीरवार शाम करीब 4 बजे सेक्टर-5 थाने के एसएचओ करमवीर सिंह और 7-8 पुलिस वाले उनके घर पहुंचे। वे उनके पोते करण रामपाल को गिरफ्तार करने आए थे, जबकि वह घर में नहीं था। उनकी नौकरानी मंजू ने इस बारे में पुलिस को बता दिया, लेकिन पुलिस ने इस पर यकीन नहीं किया। उनका कहना था कि करण घर में ही छिपा है। बिना सर्च वारंट वे घर में दरवाजा तोड़कर घुस गए। इस दौरान करण की मां रजनी रामपाल और वे ऊपर के कमरे में थीं। उनके कमरे का दरवाजा बंद था। पुलिस वाले ऊपर पहुंचे। उनके पास हथौड़े भी थे। उन्होंने हथौड़े मारकर दरवाजा तोड़ दिया और अंदर उनसे और रजनी से बदसलूकी शुरू कर दी। रजनी ने पुलिस ने कहा कि उनका बेटा करण घर में नहीं है। इसलिए पुलिस चली जाए। इसी दौरान कुछ लेडी पुलिस भी पहुंच गई।

मां को टांगों से पकड़कर घसीट ले गई पुलिस

बुजुर्ग सविता ने बताया कि पुलिस वालों ने मिलकर रजनी को टांगों से पकड़कर घसीटते हुए नीचे ले आई। यह देखकर जब सविता ने विरोध जताया तो पुलिस वालों ने उन्हें धक्का दे दिया। इससे उनका सिर दीवार में लगा और घुटने पर काफी चोट आई। इसके बाद पुलिस रजनी को घसीटते हुए ले गई। इसी दौरान उनके कुत्ते ने पुलिस पर भौंकना शुरू कर दिया। इस पर पुलिस ने रजनी के खिलाफ झूठा केस बना दिया कि उसने पुलिस पर कुत्ता छोड़ा और आत्मदाह करने की धमकी दी। जबकि रजनी ने ऐसा कुछ नहीं किया।


डीवीआर भी ले गए : सविता ने आरोप लगाया कि पुलिस वाले रजनी का मोबाइल फोन और डीवीआर भी उठाकर साथ ले गई, ताकि पुलिस की ओर से की गई बदसलूकी का कोई सबूत न रहे। उनका कहना है कि उनके बेटे आनंद कुमार का रियल इस्टेट का कारोबार है। किसी ने झूठे कागजात पर उनके जाली साइन कर उनके खिलाफ कोर्ट में झूठी शिकायत देकर केस दायर किया है। उन्होंने कहा कि उनका कुत्ता अलग से बंद था। पुलिस ने खुद ही हथौड़े मारकर उसका भी दरवाजा तोड़ा। कुत्ते ने किसी पुलिस वाले को नहीं काटा। पुलिस ने उन पर झूठा केस दर्ज कराया है। उधर, एसएचओ करमवीर सिंह का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर रेड करने गए थे। रजनी ने मिसबिहेव किया और उन पर कुत्ता छोड़ा। उसने आत्महत्या की धमकी भी दी। दादी से मारपीट नहीं की गई।

सबूत मिटाने को डीवीआर ले गई पुलिस। सबूत मिटाने को डीवीआर ले गई पुलिस।
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बुजुर्ग सविता रामपाल ने बताया कि पुलिस ने उनके घर के दरवाजे हथौड़ों से तोड़ डाले। दरवाजे तोड़ने से पहले एसएचओ ने अपनी टोपी साइट पर रखी और वहीं भूल गए।बुजुर्ग सविता रामपाल ने बताया कि पुलिस ने उनके घर के दरवाजे हथौड़ों से तोड़ डाले। दरवाजे तोड़ने से पहले एसएचओ ने अपनी टोपी साइट पर रखी और वहीं भूल गए।
सबूत मिटाने को डीवीआर ले गई पुलिस।सबूत मिटाने को डीवीआर ले गई पुलिस।
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