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साक्षी ने चाय पर बुलाया, अफसरों ने विज को भिजवाया 4 लाख का बिल

रियो ओलिंपिक से कुश्ती में ब्रॉन्ज मैडल जीतकर लौटी पहलवान साक्षी मलिक और उनकी मां ने हरियाणा के खेलमंत्री अनिल विज को अप

Danik Bhaskar | Dec 09, 2017, 06:42 AM IST

चंडीगढ़ रियो ओलिंपिक से कुश्ती में ब्रॉन्ज मैडल जीतकर लौटी पहलवान साक्षी मलिक और उनकी मां ने हरियाणा के खेलमंत्री अनिल विज को अपने यहां चाय पर बुलाया था। विज ने भी निमंत्रण स्वीकार कर लिया। विवाद तो तब हुआ जब खेल विभाग ने इस पूरे आयोजन पर खर्च हुए करीब 4.11 लाख रुपए का बिल खेल मंत्रालय को भेज दिया। विज ने बिल पास करने से इनकार कर दिया है। कहा कि यह पूरा आयोजन साक्षी मलिक का निजी था। सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है। इस कार्यक्रम का आयोजन 3 सितंबर 2016 को राेहतक के सर छोटूराम स्टेडियम में हुआ था।

जैसे ही अधिकािरयों को पता चला कि खेलमंत्री अनिल विज और सहकारिता राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर स्पेशल गेस्ट के तौर पर रहे हैं ताे उन्होंने अपने नंबर बढ़ाने के लिए जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम कार्यालय से आयोजन पर खूब खर्च करवा दिया। भीड़ जुटाने के लिए भिवानी, जींद, सोनीपत और झज्जर जिलों से भी खिलाड़ी और कोच बुलाए गए। अिधकारी इस बिल को दो बार मंत्रालय भेज चुके हैं लेकिन दोनों ही बार रिजेक्ट कर दिया गया। अब अिधकारी परेशान हैं कि वे इस बिल का भुगतान कैसे और कहां से करें। अिधकारी इस बिल को खिलाड़ियों के लिए जारी नकद इनामी राशि में से एडजस्ट करने की भी मंजूरी मांग चुके हैं, जिसे माना नहीं गया।

कोच के लिए फिर नया एफिडेविटः अपनेकोच को इनाम राशि दिलाने के लिए साक्षी ने हाल ही फिर एक नया एफिडेविट दिया है। उन्होंने पहले के सभी एफिडेविट रद्द करते हुए मंदीप सिंह को अपना कोच बताया है। उन्हें ही इनामी राशि देने की बात कही है। इससे पहले भी साक्षी मलिक के तीन कोच इनामी राशि के लिए सामने चुके हैं ।


विवाद ये भी

एमडीयू में पोस्ट बनाई, अब जॉइन नहीं कर रहीं साक्षी : खेलविभाग के मुताबिक साक्षी की मांग पर रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में सरकार ने खेल निदेशक की पोस्ट सृजित की। लेकिन अब वे जॉइन नहीं कर रही हैं। उन्होंने तर्क दिया कि रेलवे ने प्रमोट कर दिया है। इसलिए अब वे वहीं काम जारी रखेंगी। वहीं साक्षी की मां ने कहा कि सरकार ने कोई ऑफर लेटर ही नहीं दिया।

साक्षी मलिक और उनकी मां ने मुझे बुलाया था: विज

मुझे साक्षी और उसकी मां सुदेश ने चाय पर बुलाया था। मैं खुद वहां भीड़ देखकर हैरान रह गया था। यह पूरी तरह निजी कार्यक्रम था। सरकार इसके पैसे क्यों दें। ^-अनिल विज, खेलमंत्री

यह कार्यक्रम सरकारी था। हमने तो यूं ही विज साहब से कहा था कि आप रोहतक आएं। इससे खिलाड़ियों का हौसला बढ़ेगा। इस पर किसने खर्च किया,क्यों किया, हमें जानकारी नहीं है। ^
-सुदेश मलिक, साक्षी की मां

विवाद ये भी

खेल विभाग के मुताबिक साक्षी की मांग पर रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में सरकार ने स्पोर्ट्स डायरेक्टर की पोस्ट बनाई। लेकिन अब वे जॉइन नहीं कर रही हैं। तर्क दिया कि रेलवे ने प्रमोशन कर दी है। वहीं साक्षी की मां ने कहा कि सरकार ने कोई ऑफर लेटर ही नहीं दिया। मौखिक तौर पर ही एक बार जॉइन करने को कहा था। विभाग उन्हें महिला रेसलिंग की निदेशक पद दे रहा था जबकि साक्षी खेल निदेशक के पद पर ज्वाइन करना चाहती हैं।