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बहू ने बुजुर्ग मां-बाप को इसलिए रखती थी भूखा, 4 बच्चों की मौत के बाद हुआ था बेटा

शादी के बाद बेटे का व्यवहार बदल गया, 4 बच्चों की मौत के बाद औलाद मांगी थी,13 साल बाद हुआ था बेटा

Danik Bhaskar | Jan 21, 2018, 07:12 AM IST
बुजुर्ग दंपती ने एडीसी की कोर्ट में दी थी शिकायत बुजुर्ग दंपती ने एडीसी की कोर्ट में दी थी शिकायत

पंचकूला. सेक्टर-9 में रहने वाले 73 साल के सुदर्शन कुमार कनोट और उनकी 79 साल की पत्नी स्वर्ण कौर अब सुकून से अपने घर पर रह सकेंगे। पिछले तीन साल से बेटा अमनदीप और बहू उनसे बदसलूकी करते थे। बुजुर्ग दंपती ने इसकी शिकायत एडीसी की सीनियर सिटीजन कोर्ट में दी थी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने बेटा-बहू को घर से निकाल दिया है। दंपती ने बताया कि सेक्टर-10 पुलिस चौकी से आए मुलाजिम भी परेशान करते थे। कई बार हमें जबरदस्ती पुलिस चौकी ले जाने की कोशिश की। अमनदीप ने पहले दूध का बूथ खोला था, जो बेच दिया। फिलहाल कुछ नहीं करता है।

रिटायरमेंट का पैसा बेटे के मुताबिक खर्च कर दिया, दवा-राशन के लिए गहने बेचने पड़े

स्वर्ण कौर ने बताया कि पति ने 30 साल बैंक में सर्विस की। रिटायरमेंट पर लाखों रुपए मिले। बेटे के कहे मुताबिक एक-एक पैसा खर्च कर दिया। पिता को इमोशनली ब्लैकमेल कर बैंक में जमा रकम भी उड़ा दी। हालत यह हो गई कि घर के कागज गिरवी रखकर लोन लेना पड़ा। वो दिन भी देखे कि रोजमर्रा की जिंदगी जीने के लिए घर का सामान बेचना पड़ा। मार्च में पति की तबीयत खराब हुई तो बेटे से कहा अस्पताल ले जाओ। उसने जवाब दिया- तेरा पति है, तू ले जा... डॉक्टर से चेकअप के बाद दवा के लिए पैसे नहीं थे, घर में राशन नहीं था। मैंने अपने सोने के कड़े, बालियां, अंगूठियां ज्वेलर को बेचीं तो घर का राशन और दवा आई। पड़ोसियों को पता चला तो उन्होंने कुछ आर्थिक मदद की। मेरे मायके से भी मदद मिली। बहू ने खाना देना तक बंद कर दिया था। हमने टिफिन लगवाया तो टिफिन वाले को धमकाकर भगा दिया। तब से खुद खाना बनाते हैं और तबीयत ठीक न होने पर भूखे सोते हैं।

शादी के बाद बेटे का व्यवहार बदल गया.

सुदर्शन ने बताया- 60 के दशक में हमारी शादी हुई थी। चार बच्चों की मौत हो गई। शादी के 13 साल बाद काफी मन्नतों से अमनदीप मिला। इकलौते बेटे की हर ख्वाहिश पूरी की। शादी के कुछ समय बाद बेटे का व्यवहार बदल गया।

घर खाली करने को कहा तो बेटे ने मां के खिलाफ ही दी अर्जी

अमनदीप ने एडीसी से मिलकर लिखित तौर पर अर्जी दी थी और कहा था कि पिता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। मां ने चचेरे भाई से मिलकर मकान बेचने की साजिश रची है। इसे रोका जाए। इसके साथ ही घर खाली करने के लिए कुछ दिन की मोहलत दी जाए।