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मंत्री सिद्धू के पक्ष में मेयर के सामने खड़े होना मैनी को पड़ा भारी, पार्टी से निकाला

एनके शर्मा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का हवाला देकर किया पार्षद का निष्कासन

Dainik Bhaskar

Jan 10, 2018, 06:41 AM IST
Standing in front of the mayor had to be heavy

मोहाली. निगम हाउस की बैठक में निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के पक्ष में मेयर कुलवंत सिंह के सामने खड़े होना अकाली पार्षद भारत भूषण मैनी को भारी पड़ा। उन्हें अकाली दल से निकाल दिया गया है। उन्होंने हाउस मीटिंग में अकाली पार्षदों द्वारा मंत्री सिद्धू के खिलाफ लाए गए निंदा प्रस्ताव का विरोध किया था। अकाली दल के जिला अध्यक्ष एनके शर्मा ने बुधवार को मैनी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी का अनुशासन तोड़ा है। वे काफी समय से पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त थे। उन्हें 6 साल के लिए अकाली दल से निष्कासित किया गया है।


मेयर के कहने पर भी नहीं बैठे थे: मंत्री सिद्धू द्वारा मेयर की काउंसलरशिप खारिज करने के नोटिस के अगले दिन 5 जनवरी को हाउस बैठक में अकाली पार्षदों ने कहा कि मेयर को सस्पेंड करने की बात कहने वाले नवजोत सिद्धू के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाए। मैनी इसके खिलाफ खड़े होकर बोलने लगे तो मेयर ने उन्हें बैठकर बोलने काे कहा, लेकिन वो नहीं बैठै। इस पर मेयर अपने अन्य अकाली पार्षदों को भी खड़े होने के लिए कह दिया। इस पर मामला गर्मा गया अौर मैनी के पास बैठे मेयर के बेटे पार्षद सर्बजीत सिंह अौर रविंदर सिंह बैदवान मैनी के साथ खड़े हो गए और उसके बाद अकाली पार्षदों ने मैनी को बोलने नहीं दिया।

नवजोत सिद्धू के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने का किया था विरोध

हाउस बैठक में खड़े होकर मैनी ने कहा कि मेयर को जो नोटिस जारी हुआ है, वह सरकार की कार्रवाई है। ऐसे में मंत्री के खिलाफ निंदा प्रस्ताव नहीं लाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जब अकाली सरकार ने परिषद अध्यक्ष राजिंदर सिंह राणा को बर्खास्त किया था, तब भी कोई निंदा प्रस्ताव नहीं लाया गया था। इस पर अकाली पार्षदों ने हंगामा कर दिया था।
मीटिंग में गैरहाजिर 10 अकाली पार्षदों से पूछा जाएगा कारण
मेयर कुलवंत सिंह को सस्पेंड करने व फिर काउंसलरशिप खारिज करने के नोटिस के बाद हुई हाउस की बैठक में अकाली दल के 17 पार्षदों में से 10 पार्षद नहीं आए थे। इनमें हरमनप्रीत सिंह प्रिंस, कुलदीप कौर कंग, सुखदेव सिंह पटवारी, सुरिंदर सिंह रोडा, परमिंदर सिंह सोहाना, जसप्रीत कौर मोहाली, गुरमीत सिंह वालिया, परमिंदर सिंह तसिंबली, राजिंदर कौर कुंभड़ा और कमलजीत कौर सोहाना के नाम शामिल हैं। जिला अध्यक्ष एनके शर्मा ने कहा कि इन सभी पार्षदांे से भी पूछताछ की जाएगी कि उनके हाउस बैठक से गैैरहाजिर रहने का क्या कारण है।
कांग्रेस पार्टी से अकाली दल में आए थे मैनी
मैनी शुरू से ही कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे हैं। पिछले 10 सालों में उन्होंने अकाली दल का ही साथ दिया है। बकौल मैनी वे अकाली दल के अध्यक्ष एवं पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल की डेवलपमेंट से संबंधित सोच के चलते कांग्रेस छोड़कर अकाली दल में शामिल हुए थे। उन्होंने पिछले सालों में अकाली दल की ही राजनीति की है। वे अकाली पार्षदों के प्रवक्ता के तौर पर भी काम करते रहे हैं।
अकाली दल के चुनावचिह्न पर लड़े थे चुनाव
नगर निगम बनने के बाद जो पहले निगम चुनाव हुए उसमें मैनी को अकाली दल की ओर से वार्ड नंबर-5 से उम्मीदवार बनाया गया। उन्होंने अकाली दल के चुनावचिह्न तकड़ी पर चुनाव लड़ा और विजयी हुए। जब सभी अकाली-भाजपा पार्षद अकाली दल का मेयर बनाने के लिए सरकार पर प्रेशर डाल रहे थे, उस समय भी मैनी ने अकाली पार्षदों का साथ नहीं छोड़ा था, जबकि कुलवंत सिंह के आजाद गुट को कांग्रेस ने समर्थन दिया था।
जो कार्रवाई की गई है, मैं उसका स्वागत करता हूं, लेकिन मैंने कोई अनुशासन भंग नहीं किया। अनुशासन शर्मा ने भंग किया है। उन्होंने कुलवंत सिंह को कांग्रेस के साथ मिलकर मेयर बनाने में मदद कर अकाली दल को नुकसान पहंुचाया और फिर मोहाली को छोड़कर वे डेराबस्सी चले गए। मुझ पर अनशासन भंग करने व पार्टी विरोधी कार्रवाई का आरोप लगाने वाले अपने गिरेबान में झांके। -भारतभूषण मैनी, अकाली दल से निष्कासित पार्षद
मैनी की ओर से हाउस बैठक में खड़े होकर जो पार्टी के खिलाफ काम किया गया है। वो पूरी तरह से अनुशासन के खिलाफ व पार्टी विरोधी कार्रवाई है, इसलिए उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निकाला गया है। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के साफ निर्देश हैं कि अनुशासन विरोधी कार्रवाई किसी भी हालत में बर्दास्त न की जाए, भले ही वो कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो। -नरिंदर कुमार शर्मा, जिला अध्यक्ष, अकाली दल मोहाली
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