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मां ने अपनी ढाई साल की बेटी को मारा था घोंटकर, अब मां को मिली ऐसी सजा

बचाव पक्ष ने कहा- मंजू एक अच्छी मां, कोर्ट ने नहीं मानी दलील, एक साल आठ महीने में कोर्ट ने सुनाया फैसला।

Dainik Bhaskar

Dec 13, 2017, 05:38 AM IST
Such punishment for mother

चंडीगढ़. अपनी ढाई साल की बेटी की हत्या करने वाली मां को अब पूरी उम्र जेल में बितानी पड़ेगी। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज पूनम आर जोशी की ओर से मंजू देवी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही कोर्ट ने उस पर 10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने पिछले हफ्ते शुक्रवार को मंजू को दोषी करार दिया था और अब मंगलवार को उसे सजा सुनाई। कोर्ट ने एक साल आठ महीने में ही इस केस में फैसला सुना दिया।

मंजू के अनुसार उसने आर्थिक तंगियों के कारण अपनी सबसे छोटी बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। उसके तीन और बच्चे हैं जो इस समय स्नेहालय में रह रहे हैं। सजा सुनाने से पहले मंजू के वकील ने सजा में नरमी बरतने की भी मांग की थी। उसने कहा था कि कोर्ट की परमिशन से पिछले डेढ़ साल से वह अपने बेटे की जेल में ही देखरेख कर रही थी। मंजू के वकील गगन इंद्र ने कहा कि वह अच्छी मां है जो बच्चों की देखरेख कर सकती है।


हालांकि कोर्ट ने सजा सुनाते वक्त बचाव पक्ष की किसी दलील को नहीं माना। गगन इंद्र का कहना है कि वे कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे। मंजू को इस केस में झूठा फंसाया गया है। पुलिस ने जिस सरपंच के सामने बयान देने की बात की है, वह पुलिस का पेड विटनेस है। वहीं, पुलिस के सामने बच्ची की हत्या की कोई ठोस वजह नहीं थी।

पीहू का शव बोरी में मिला था

अप्रैल 2016 के इस मामले में ढाई साल की पीहू अपने सारंगपुर स्थित घर से गायब हो गई थी। बच्ची की मां ने खुद उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस को दी थी। बच्ची के गायब होने के अगले ही दिन पुलिस को उसका शव बंद बोरी में इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में बरामद हुआ था। बच्ची का शव बड़ी ही खराब हालत में मिला था और शव को कुत्तों ने नोंच डाला था। पुलिस की जांच में सामने आया कि पीहू की मंजू ने ही हत्या की थी। पुलिस के मुताबिक मंजू ने गांव के सरपंच के सामने अपना जुर्म कबूल लिया था। मंजू ने सरपंच के सामने बयान दिया था कि आर्थिक तंगियों के कारण उसने अपनी बेटी की हत्या की। मंजू ने बताया कि उसके चार बच्चे थे जिनमें एक बड़ी बेटी, दो बेटे थे और चौथी पीहू थी। मंजू ने बयान दिया था कि वह गरीब परिवार से है और उसे हमेशा डर सताता था कि वह पीहू का खर्च कैसे उठा पाएगी। उसकी पढ़ाई और फिर शादी का खर्च वह उठा नहीं पाएगी, इसलिए उसने पीहू की हत्या कर दी।

सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट ने खोला मौत का राज

मंजू अपनी बच्ची का शव ठिकाने लगाने के लिए ऑटो से इंडस्ट्रियल एरिया गई थी और फिर ट्रिब्यून चौक पर उतरकर आगे पैदल गई। इस दौरान एक फैक्टरी के सामने लगे सीसीटीवी फुटेज में वह नजर आ गई। ये सीसीटीवी फुटेज इस केस को प्रूव करने के लिए काफी अहम साबित हुई। इसके अलावा बच्ची के पोस्टमाॅर्टम से तो साफ हो गया था उसकी मौत गला घोंटने से हुई थी।

पति ने कहा- मंजू ऐसा नहीं कर सकती थी
कोर्ट में मौजूद मंजू के पति रामेश्वर सिंह ने कहा कि उनकी पत्नी अपनी बेटी की हत्या नहीं कर सकती। पुलिस ने उस पर झूठा केस बनाया। रामेश्वर ने बताया कि उनकी बेटी आज भी लापता है और पुलिस ने जिस बच्ची का शव उन्हें दिया था, वह उनकी पीहू का नहीं है। उसने कहा कि पुलिस ने उस पर केस दर्ज करने की धमकी देकर उससे बच्ची की शिनाख्त करवाई थी।

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