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इस एक्ट्रेस ने छेड़छाड़ करने वाले को जड़े थे थप्पड़, ऐसे हुई करिअर की शुरुआत

एक्ट्रेस दृष्टि ग्रेवाल चंडीगढ़ में थीं। अपनी इस विजिट के दौरान उन्होंने बातचीत में हमसे अपने अनुभव शेयर किए...

Danik Bhaskar | Dec 14, 2017, 05:06 AM IST

चंडीगढ़. जब भी किसी लड़की से छेड़छाड़ या फिर बलात्कार जैसी घटनाएं होती हैं तो अधिकतर मामलों में लड़कियों को ही दोषी ठहराया जाता है। सभी टिप्पणियां करने लगते हैं। कोई कहता है यह सब छोटे कपड़े पहनने, घूमने-फिरने, देर रात तक बाहर निकलने का नतीजा है। क्योंकि इन सब के बीच ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें परिवार के किसी सदस्य द्वारा इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जाता है। इस मुद्दे को लेकर मैं इसलिए बात कर रही हूं कि छेड़छाड़ जैसी घटनाओं का सामना मैंने भी किया।

एक बार अपने परिवार वालों के साथ बस जम्मू-कश्मीर जा रही थी। रास्ते में छेड़छाड़ हुई। मुझे कुछ नहीं सूझा और मैंने उस आदमी के थप्पड़ जड़ दिये। फिर क्या था सबने मिलकर उस आदमी को बस से बाहर निकाल दिया। अगर मैं सोचती कि वह बदले में मेरे मुंह पर तेजाब फेंक देगा या फिर गोली मार देगा तो वह न जाने कितनों के साथ इस तरह की छेड़छाड़ करता। एक्ट्रेस दृष्टि ग्रेवाल कुछ इसी तरह बोली। वह चंडीगढ़ में थीं। इस दौरान उन्होंने अपने विचार साझा किए। बोलीं- हाल ही में मैंने 5 साल की बच्ची के साथ बलात्कार की घटना सुनी। सोचने वाली बात है क्या इस बच्ची ने छोटे कपड़े पहने थे, या देर रात वह अकेली बाहर घूम रही थी। कहां गई वो टिप्पणियां। खैर, जो भी है, मेरा मानना यही है कि यह सब लोगों की छोटी सोच का नतीजा है। इसे बदलना बेहद जरूरी है।

तभी इस तरह के अपराध कम होंगे। शुरुआत घर से करनी चाहिए। दृष्टि बताती है- सबसे पहले माता-पिता को लड़कों को समझाना चाहिए। उन्हें समानता के अधिकार के बारे में बताना चाहिए। वहीं लड़कियों के साथ अगर छेड़छाड़ होती है तो उन्हें डर के मारे चुप-चाप न बैठकर इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। वहीं माता-पिता को होना चाहिए कि वह बेटी को रास्ता बदलने, बाहर निकलने से मना करने की बजाए अपनी लड़की का साथ देना चाहिए।

ऐसे हुई करिअर की शुरुआत
आर्मी फैमिली से हूं, घरवाले नहीं चाहते थे कि मैं जॉब करूं ना कि फिल्में। मैंने जॉब की फिर सोचा अब अपनी चाहत पूरी कर लेती हूं। फिर क्या था 2013 में दोस्त के जरिए फिल्म में काम करने का मौका मिल गया। इसी बीच अवॉर्ड भी मिले। घरवालों ने मेरा काम देखा तो गिले-शिकवे भी दूर हो गए। अगर ईमानदारी और मेहनत के साथ काम किया जाए तो काम सभी को पसंद आता है।