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कारोबारी बन गांव में घूम रही पुलिस, ड्रोन से भागने के रास्ते देख ऐसे किया एनकाउंटर

सारी कहानी, एनकाउंटर करने वाली टीम के लीडर की जुबानी

Danik Bhaskar | Jan 28, 2018, 07:15 AM IST
गैंगस्टर हरजिंदर सिंह उर्फ विक्की गौंडर गैंगस्टर हरजिंदर सिंह उर्फ विक्की गौंडर

बठिंडा/अबोहर/चंडीगढ़. तीन साल से पंजाब में आतंक का सबब बने रहे कुख्यात गैंगस्टर हरजिंदर सिंह उर्फ विक्की गौंडर को पुलिस टीम ने एनकाउंटर में मार गिराया। उसका राइट हैंड कहा जाने वाला प्रेमा लाहौरिया और एक अन्य साथी भी मारे गए। एनकाउंटर अबोहर के नजदीक राजस्थान-पंजाब की सीमा पर शुक्रवार शाम स्थित हिंदूमलकोट के गांव पक्की की ढाहनी में हुआ।

नवंबर 2016 में नाभा जेल ब्रेक के बाद से काउंटर इंटेलीजेंस और पंजाब पुलिस की 123 लोगों की टीम जिसे ढूंढ नहीं पाई ओकु (ऑर्गेनाइज्ड क्राइम कंट्रोल यूनिट) और काउंटर इंटेलीजेंस ने जॉइंट ऑपरेशन में सिर्फ दो महीने में ही उसे गैंग समेत खत्म कर डाला। पुलिस की पिछले दो महीने में गौंडर गैंग को लेकर दिखाई सक्रियता उसके तेजी से डेवलप हो गए इंटरनेशनल कनेक्शन की तरफ इशारा करती है।

व्यापारी बनकर गांव में घूमती रही टीम, ड्रोन से देखे भागने के रास्ते, मौका देख किया हमला
विक्की गौंडर के इस गांव में होने का इनपुट मिलने के बाद आेकू टीम के मैंबर ढाणी के चाराें तरफ किसान बनकर घूमते रहे और भागने के संभावित रास्तों का पता लगाया। इसके लिए ड्रोन तक की मदद ली। ये लोग किन्नू के व्यापारी बनकर यहां आए थे। गौंडर के यहां होने की पूरी तसल्ली होने के बाद 26 जनवरी की शाम पहले से तैयार बैठी टीम ने एनकाउंटर कर दिया। टीम को यह भी इनपुट मिला था कि गौंडर के साथी प्रेमा लाहौरिया की इस गांव में रिश्तेदारी है। छानबीन में पता चला कि उसके रिश्तेदार इसी ढाणी में रहते हैं।

सारी कहानी, एनकाउंटर करने वाली टीम के लीडर की जुबानी
कुख्यात गैंगस्टर विक्की गौंडर, प्रेमा लाहौरिया और उसके साथियों का हम 30 दिन से पीछा कर रहे थे। मगर उसकी लोकेशन आए दिन बदल रही थी। पंजावा गांव की रेकी करने पर हमें पता चला कि तीनों यहां नशा खरीदने के लिए लखविंद्र उर्फ लक्खा की ढाणी में आ रहे हैं। उन्होंने यह स्थान इसलिए चुना क्योंकि यहां से राजस्थान और पाकिस्तान बाॅर्डर महज कुछ दूरी पर है। पंजाब के अंतिम छोर पर बसा पंजावा, श्रीगंगानगर जिले के गांव पक्की में है, यहां नशा आसानी से उपलब्ध हो जाता है। 20 दिनों से ओकू विंग की टीम ने लक्खे की ढाणी की रेकी की। हमें ढाणी में लगातार एक हरियाणा के नंबर की स्विफ्ट डिजायर गाड़ी के बार-बार आने की पुष्टि हो गई।

तीन दिनों से विंग की पूरी टीम ने गांव में डेरा डाल दिया, शुक्रवार शाम लगभग 5.45 बजे हमने उस घर को घेर लिया। उस समय लक्खे की पत्नी, बच्चे और अन्य पारिवारिक सदस्य घर में थे। हमने आवाज देकर महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित बहार निकाल लिया। फिर गौंडर से सरेंडर करने को कहा-इसी बीच गौंडर व साथी फायरिंग करते हुए भागे। उनकी फायरिंग में हमारे दो कमांडो बलविंदर सिंह और कृपाल सिंह जख्मी हो गए। एक के हाथ पर तो दूसरे के पैर में गोली लगी। इस पर दोनों पक्षों में फायरिंग शुरू हो गई। पुलिस ने 6 हजार वर्ग फीट जगह को पूरी तरह से घेरा लिया था।

5-6 कमांडो छत पर गए थे, दोनों तरफ से करीब 50 राउंड फायर हुए। बस की आड़ में खड़ा विक्की गौंडर मौके पर ही मारा गया। प्रेमा लाहौरिया दीवार से छलांग लगाकर भागने लगा तो टीम ने उसको भी निशाने पर लिया। वह भी वहीं ढेर हो गया। तीसरा अज्ञात व्यक्ति जख्मी हो गया। देर रात अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया।

लखबीर इंजीनियर, गौंडर को दी शरण

लखबीर पेशे से आईटी इंजीनियर था, मगर वह हथियार रखने का शौकीन था इसलिए गौंडर से उसकी नजदीकी बन गई और उन्हें वह पनाह देने लगा। गौंडर उसे हथियार देता रहता था। पुलिस ने उसे भी इरादा कत्ल और धारा गैंगस्टरों को पनाह देने के आरोप में नामजद किया है।

गौंडर काे आईएसआई ने दिलाई थी असाल्ट राइफल
डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने मुताबिक गौंडर के हॉगकांग में बैठे रोमी सिद्धू के जरिए पहले इंग्लैंड और फिर पाक बेस्ड आतंकी, रेडिकल और आईएसआई से संबंध बन गए थे, जिसकी जांच हो रही थी। कुछ समय पहले गौंडर को पाक सीमा के जरिए आईएसआई ने एक असाल्ट राइफल भी डिलिवर करवाई थी।

पंजाब पुलिस ने मारा और मामला राजस्थान में दर्ज
एनकाउंटर वाली जगह राजस्थान में आती है। इसलिए केस राजस्थान पुलिस ने दर्ज किया है। जबकि पूरा ऑपरेशन पंजाब पुलिस ने किया। राजस्थान पुलिस ने मर चुके गौंडर और उसके दोनों साथियों समेत उन्हें शरण देने वाले लखबीर सिंह को भी आरोपी बनाया है।

रिपोर्टिंग टीम : नरिंद्र शर्मा, रोहित वॉट्स, सुखबीर बाजवा और परमिंदर बरियाणा

लखबीर इंजीनियर ने दी थी गौंडर को शरण। लखबीर इंजीनियर ने दी थी गौंडर को शरण।
इंस्पेक्टर विक्रम बराड़, ओकू विंग के प्रभारी और सीआईए स्टाफ पटियाला के इंचार्ज, जिन्होंने एनकाउंटर लीड किया इंस्पेक्टर विक्रम बराड़, ओकू विंग के प्रभारी और सीआईए स्टाफ पटियाला के इंचार्ज, जिन्होंने एनकाउंटर लीड किया
एनकाउंटर के बाद फैमिली। एनकाउंटर के बाद फैमिली।
प्रेमा लाहौरिया प्रेमा लाहौरिया
पुलिस रात भर जागने के बाद मौके से जाती हुई। पुलिस रात भर जागने के बाद मौके से जाती हुई।
विक्की गौंडर। विक्की गौंडर।
विक्की गौंडर। विक्की गौंडर।