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जो एलटीसीजी टैक्स चिदंबरम ने हटाया, जेटली ने उसे लगाया, सिर्फ 1 लाख तक की दी छूट

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 02:00 AM IST

गुलशन कुमार | चंडीगढ़

बजट 2018 में सरकार ने निवेश पर एक साल बाद होने वाले लाभ पर भी 10 फीसदी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स (एलटीसीजी) लगा दिया। इसमें एक लाख की छूट भी मिलेगी पर मौजूद रिटर्न के चलते शेयर्स और म्यूचुअल फंड्स में 10-12 लाख रुपए का निवेश करने वाले इन्वेस्टर को भी साल में एक लाख से अधिक का लाभ होगा। जितना लाभ बढ़ेगा उतना अधिक टैक्स देना होगा।

2004-05 के बजट में तब के वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स को हटाकर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) लगाया था, जोकि अभी तक लागू है। इसमें शेयर्स की खरीद अाैर बिक्री पर ही एसटीटी लग जाता है। इसे आसान भी बनाया गया था। उसके बाद साल के अंदर रिटर्न लेने पर 15 फीसदी कैपिटल गेन टैक्स तो लगता है लेकिन एक साल बाद उस पर टैक्स से छूट है। अब इसी लाभ को फिर से कैपिटल गेन टैक्स के दायरे में ले आया गया है।

किसान अगर मजबूत होगा तो देश आगे बढ़ेगा, बजट में भी यही है

चंडीगढ़ | केंद्र सरकार द्वारा वीरवार को पेश किए गए बजट को इंडस्ट्री जगत ने भविष्य के लिए उम्मीदों वाला संतुलित बजट करार दिया है। इंडस्ट्री जगत से जुड़े प्रतिनिधियों का मानना है कि भले ही सरकार ने इस बजट के माध्यम से किसानों व ग्रामीण क्षेत्र को मजबूत करने पर जोर दिया है लेकिन इसका लाभ हर वर्ग को मिलेगा।

पीएचडी चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्री में आयोजित बजट परिचर्चा की अध्यक्षता करते हुए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की प्रिंसिपल कमिश्नर सुखविंदर खन्ना ने कहा कि बजट में टैक्स कर कई नीतियों को लागू किया जा रहा है। सरकार द्वारा जीएसटी लागू करने के बाद करदाताओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। सरकार ने किसानों, ग्रामीण क्षेत्र, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र पर आज का बजट केंद्रित करके समाज के हर वर्ग का ख्याल रखा है।पीएचडी चैंबर के पूर्व अध्यक्ष आर के साबू ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र का इस बजट में ख्याल रखा गया है। क्योंकि एमएसएमई रोजगार का एक बड़ा साधन है।

पीएचडी चैंबर पंजाब कमेटी के चेयरमैन आरएस सचदेवा ने कहा की पीएचडी चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्री सरकार द्वारा सरकार के समक्ष पराली से पैदा होने वाले प्रदूषण के मुद्दे को भी उठाया गया था।

इस अवसर पर आयकर निदेशालय की पूर्व चीफ कमिश्नर सुधा शर्मा ने कहा कि पेश बजट के भविष्य में बेहतर रिजल्ट होंगे। इससे उद्योगपति न केवल देश की रक्षा सेवाओं में अपना सहयोग देंगे बल्कि मेक इन इंडिया को भी बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर पीएचडी चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्री की क्षेत्रीय निदेशक मधु पिल्ले ने आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

बजट 2018 में लोगों में निराशा ज्यादा दिखी। लोगों का कहना था कि बजट में ऐसा कुछ भी नहीं जिस पर चीयर किया जा सके। जबकि निराश होने के लिए इसमें कई पॉइंट हैं। बिजनेस कम्युनिटी भी अपसेट दिखी।



बीबी गोयल, सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर का कहना है कि नए बजट में एसटीटी को हटाए बिना लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगाया है। इससे निवेशकों पर दोहरा भार पड़ा है। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स के चलते इन्वेस्टर्स को अब अपने निवेश पर मिल रहे लाभ को लेकर अधिक सतर्क रहना होगा। वह अपने निवेश को परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर भी शुरू कर सकता है, जिससे उसका कैपिटल गेन टैक्स अलग अलग अकाउंट में बंट जाएगा।

पीएचडी चैंबर ऑफ काॅमर्स एंड इंडस्ट्री में बजट पर हुई चर्चा



विक्सन सिक्योरिटीज के डायरेक्टर वी कुमार का कहना है कि बीते दो सालों में काफी रिटर्न मिला है। सरकार ने इसमें फायदा पाने के लिए ये टैक्स लगाया है। हमें उम्मीद थी कि इसे 10 लाख रुपए से अधिक के लाभ पर लगाया जाएगा, जिससे रिटेल इन्वेस्टर्स को राहत मिलेगी। अब इन्वेस्टर्स को रिटर्न पर अधिक करीबी नजर रखनी होगी।


50 लाख रुपए तक का एलटीसीजी, जो किसी भी एसेट्स से हुआ हो, को अब तक 54ईसी बॉन्ड में निवेश कर बचाया जा सकता था, अब उसे सिर्फ जमीन या बिल्डिंग या दोनों तक ही सीमित कर दिया गया है। शेयर्स और म्यूचुअल फंड्स पर होने वाले एलटीसीजी से अब ये छूट नहीं मिलेगी। इस बॉन्ड की अवधि भी तीन साल से बढ़ा कर पांच साल कर दी गई है।

अब क्या करें निवेशक









इस बजट में चंडीगढ़ के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है। पिछले साल की तुलना में 10 फीसदी बजट की रकम काट ली गई है। हालांकि एजुकेशन व हेल्थ सेक्टर में कुछ घोषणाएं ठीक हैं। -पवन कुमार बंसल, पूर्व सांसद व केंद्रीय मंत्री


बजट प्रगतिशील है जिसमें किसानों, गरीबों, बुज़ुर्गों तथा समाज के सभी वर्गों को ध्यान रखा गया है। खासतौर पर कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और रेलवे के मूलभूत ढांचे के विकास पर केंद्रित है। - संजय टंडन, बीजेपी चंडीगढ़ के प्रदेशाध्यक्ष


न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर केंद्र सरकार की ओर से की गई घोषणा सिर्फ शब्दों का हेरफेर है। यदि किसानों का सही मायनों में भला करना है तो इसे तेल की कीमतों से जोड़ देना चाहिए। - नवजोत सिंह सिद्धू, मंत्री, पंजाब


 बजट मिडिल मेन के हित में नहीं है। इस बजट के मुताबिक अगर आप अपनी इनकम टैक्स की रिटर्न निर्धारित समय पर नहीं फाइल करते तो आपको सेक्शन-80 सी और डी के तहत मिलने वाली छूट का फायदा नहीं मिलेगा। 40,000 की स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा सिर्फ रिटायर्ड लोगों को मिलेगा। पेंशनर्स ही इसका फायदा उठा पाएंगे। वर्किंग क्लास को इसका कोई फायदा नहीं होगा। एनजीओ अगर 10 हजार रुपए से ऊपर नकद खर्च करेंगे तो उस पर उन्हें टैक्स देना होगा। - उमाकांत मेहता, चार्टर्ड अकाउंटेंट


 युवाओं के लिए बजट में कुछ नहीं है। शिक्षा को लेकर जो बातें कहीं जा रही हैं, उनमें से कितनी लागू हो पाती हैं, ये समय बताएगा। लेकिन अभी तक तो बस यूथ को इससे निराशा ही मिली। -करण रंधावा, ज्वाइंट सेक्रेटरी, पीयूसीएससी


 छोटी बिजनेस कंपनियों पर लगने वाले 30 फीसदी इनकम टैक्स को घटाकर 25% करने से उन्हें फायदा होगा। सीनियर सिटीजंस को इस बजट से राहत मिलेगी। किसानों के लिए बजट में किए गए प्रावधानों से उन्हें लाभ होगा। बजट में इस वर्ग पर फोकस किया है। - चरंजीव सिंह, चेयरमैन चंडीगढ़ व्यापार मंडल


 एक स्टूडेंट रिप्रेंजेटेटिव होने के नाते मुझे एजुकेशन सेक्टर के लिए कुछ ठोस योजनाओं की उम्मीद थी। इस क्षेत्र में काफी काम की जरूरत है। एजुकेशन सेक्टर में डिटेल योजना की जरूरत है जो की इस बारे में दी ही नहीं गई है। - वाणी सूद, स्टूडेंट पीयू


 बजट किसानों, हेल्थकेयर प्रोवाइडर, ट्रांसपोर्टेशन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर, कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनी और एयरपोर्ट को सपोर्ट करेगा। मोबाइल, टीवी और लग्जरी घड़ियों पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी गई है। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 10 परसेंट टैक्स लगने से फाइनेंशियल सेक्टर को नुकसान होगा। - राजीव कथूरिया

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