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फाजिल्का एमएलए के खिलाफ एप्लीकेशन 8 महीने के बाद मंजूर

रवि अटवाल| चंडीगढ़ ravi.kumar4@dbcorp.in आठ महीने और 7 तारीखों के बाद चंडीगढ़ जिला अदालत ने आखिरकार फाजिल्का के एमएलए देविंदर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 02:00 AM IST

रवि अटवाल| चंडीगढ़ ravi.kumar4@dbcorp.in

आठ महीने और 7 तारीखों के बाद चंडीगढ़ जिला अदालत ने आखिरकार फाजिल्का के एमएलए देविंदर सिंह घुबाया के खिलाफ पंजाब के पूर्व हेल्थ मिनिस्टर सुरजीत सिंह ज्याणी की एप्लीकेशन को मंजूर कर लिया है। घुबाया ने स्कूल सर्टिफिकेट्स में अपनी उम्र ठीक करवाने के लिए जिला अदालत में सीबीएसई और डीएवी स्कूल सेक्टर-15 के खिलाफ सिविल सूट फाइल किया था।

इस केस में ज्याणी ने खुद को पार्टी बनाने के लिए जिला अदालत में एप्लीकेशन दी थी। ज्याणी का कहना था कि इस केस में वे भी प्रभावित हैं और उन्हें भी पार्टी बनाया जाए। ज्याणी ने पिछले साल 10 मई को ये एप्लीकेशन दायर की थी जिस पर वीरवार को फैसला हुआ। ज्याणी के वकील दिनेश मादरा का कहना है कि घुबाया ने रिकॉर्ड के साथ छेड़छाड़ कर चुनाव लड़ा था। चुनाव से पहले ही उन्होंने अपनी उम्र ठीक करवाने के लिए ये सिविल सूट फाइल कर दिया। मादरा के मुताबिक अब केस की अगली सुनवाई 7 मार्च को होगी जिसमें वे घुबाया के खिलाफ कोर्ट में रिकॉर्ड पेश करेंगे।

चंडीगढ़ से की है घुबाया ने पढ़ाई: दविंदर सिंह घुबाया पंजाब विधानसभा चुनाव जीतने वाले सबसे कम उम्र के एमएलए हैं। चुनाव लड़ने के वक्त वोटर कार्ड में तो उनकी उम्र 25 साल थी लेकिन 10वीं-12वीं के सर्टिफिकेट में उनकी उम्र 23 साल है।

ऐसे में उनके लिए मुश्किलें खड़ी न हो जाएं, इसलिए उन्होंने जिला अदालत चंडीगढ़ में एक याचिका दायर की। कांग्रेसी एमएलए घुबाया ने डीएवी स्कूल सेक्टर-15 से 10वीं और 12वीं की थी और फिर आगे की पढ़ाई पंजाब यूनिवर्सिटी से की। घुबाया के आरोप हैं कि डीएवी स्कूल ने सर्टिफिकेट में उनकी उम्र गलत लिख दी।

इस केस में सुरजीत सिंह ज्याणी को भी अब बनाया जाएगा पार्टी

ये है मामला...ज्याणी पिछले साल पंजाब विधानसभा चुनाव में घुबाया से हार गए थ। हार के बाद उन्होंने घुबाया के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है जिसमें उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने के लिए 25 साल उम्र होनी चाहिए लेकिन सर्टिफिकेट्स में घुबाया की उम्र 23 साल है, इस तरह वे चुनाव नहीं लड़ सकते थे। वहीं, दूसरी ओर घुबाया ने चुनाव से पहले ही जिला अदालत में केस फाइल कर दिया था कि उनकी उम्र स्कूल और सीबीएसई की गलती के कारण सर्टिफिकेट्स में गलत लिखी गई जिसे ठीक किया जाए। स्कूल सर्टिफिकेट्स में घुबाया की डेट ऑफ बर्थ 31 जुलाई 1993 है जबकि घुबाया के मुताबिक उनकी असली डेट ऑफ बर्थ 13 दिसंबर, 1991 है।

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