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बेड रेस्ट के बाद तो मैं फुटबॉल जैसी बन गई थी

बचपन में जब सुष्मिता सेन को देखती तो उनकी तरह बनने का मन करता। लेकिन इस बात से भी नकारा नहीं जा सकता कि जिंदगी अगले...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 02:00 AM IST
बेड रेस्ट के बाद तो मैं फुटबॉल जैसी बन गई थी
बचपन में जब सुष्मिता सेन को देखती तो उनकी तरह बनने का मन करता। लेकिन इस बात से भी नकारा नहीं जा सकता कि जिंदगी अगले पल हमें कुछ भी दिखा सकती है। मेरे साथ भी ऐसा हुआ आस-पास का माहौल ऐसा मिला कि स्पोर्ट्स की तरफ चली गई। इसके बाद तो सुष्मिता सेन की तरह बनने का सपना गुम ही हो गया। पापा आर्मी में थे तो पोस्टिंग होती रहती। लास्ट पोस्टिंग 2008 में बैंगलुरू में हुई। बस यहां आने के बाद जो हुआ वह मेरे लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं था। बता रही थी एक्ट्रेस रागिनी द्विवेदी। वह साउथ इंडियन फिल्म की वीर मदकरी, रागिनी आईपीएस, शिव जैसे फिल्मों में काम कर चुकी हैं। एक मुलाकात में उन्होंने अपने करिअर को लेकर बात की।

बताती हैं- बैंगलुरू शिफ्ट होने के बाद एक फंक्शन में मेरी मुलाकात प्रसाद बिडपा से हुई। वह फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े थे। उनके कहने पर मैंने 2009 में एक ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा लिया और जीती भी। फिर एक और पेजेंट में हिस्सा लिया। जिसमें दो टाइटल मुझे मिले। इस दौरान मुझे एक फिल्म का ऑफर मिला। फिल्म का नाम वीर मदकरी था। यह राउडी राठौर का दूसरा पार्ट है। पहले जब इस फिल्म का ऑफर आया तो सोच में पड़ गई कि ये भाषा कैसे बोलूंगी, लेकिन अब तमिल और कन्नड़ भाषा भी सीख गई। पंजाब से हूं इसलिए पंजाबी इंडस्ट्री में भी काम करना चाहती हूं।

अभी तक कर रही हूं फॉलो

आर्मी फैमिली से हूं। पेरेंट्स ने बस इतना कहा कि जो फील्ड पंसद उसी में जाना। हां, इतना जरूर है कि अपना बेस्ट देने की पूरी कोशिश करना। बस उनकी इसी बात को मैं आज भी फॉलो कर रही हूं।

इस तरह से किया खुद को फिट

एक्शन फिल्म करने के दौरान मुझे चोट लग गई थी। काफी समय बेड रेस्ट किया। फिल्म साइन नहीं कि और जो कर चुकी थी, उसकी भी पेमेंट वापिस कर दी। ठीक होने के बाद जब खुद को शीशे में देखा तो मैं फुटबॉल लग रही थी। फिर मैंने वर्कआउट करना शुरू किया और डाइट चार्ट फॉलो किया।

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