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सेक्टर-38 वेस्ट और 37 के कम्युनिटी सेंटर्स की मेंबरशिप के लिए पिक एंड चूज पाॅलिसी

सेक्टर-38 वेस्ट और 37 के कम्युनिटी सेंटर की गवर्निंग बॉडी के मेंबर बनाने के लिए पिक एंड चूज पॉलिसी अपनाई जा रही है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:00 AM IST

सेक्टर-38 वेस्ट और 37 के कम्युनिटी सेंटर की गवर्निंग बॉडी के मेंबर बनाने के लिए पिक एंड चूज पॉलिसी अपनाई जा रही है। किस रेजिडेंट्स का फार्म अप्रूव करना है और किसका रिजेक्ट, यह एरिया काउंसलर अरुण सूद की रिकमंडेशन पर निर्भर है। इसीलिए कई रेजिडेंट्स के फॉर्म वापस लौटा दिए गए। यह आरोप यहां के रेजिडेंट्स ने एरिया काउंसलर पर लगाए हैं। सेक्टर-38 वेस्ट के रेजिडेंट्स वीरवार को निगम कमिश्नर जितेंद्र यादव से मिलेंगे और 80 रेजिडेंट्स के फॉर्म फीस के साथ कमिश्नर को सौंपेंगे। अगर निगम कमिश्नर ने उनके फार्म रिसीव नहीं किए तो ये निगम कमिश्नर ऑफिस आगे एरिया काउंसलर के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।

सेक्टर-38 वेस्ट के कम्युनिटी सेंटर का पंजाब के गवर्नर एवं नगर प्रशासक वीपी सिंह बदनोर ने 17 दिसंबर 2017 को उद‌्घाटन किया था। कम्युनिटी सेंटर को बनाने पर निगम ने 4.75 करोड़ रुपए खर्चे हैं। प्रशासक ने उद‌्घाटन के समय कम्युनिटी सेंटर के आर्किटेक्चर डिजाइन की खूब प्रशंसा की थी। कहा था कि ऐसे डिजाइन के कम्युनिटी सेंटर की काॅपी दूसरे शहर भी करने लगेंगे। इसमें फैमिली फंक्शन की सुविधा होनी चाहिए। इसकी गवर्निंग बॉडी बनी नहीं है लेकिन एमसी के रोड विंग के कर्मचारी इसकी पहरेदारी में लगे हुए हैं। कम्युनिटी सेंटर की गवर्निंग बॉडी बनाने के लिए काउंसलर अरुण सूद की रिकमंडेशन पर ही लोगों के फार्म रिसीव किए गए। जिनके फार्म रिकमेंड नहीं किए उनके फार्म और फीस के एक हजार रुपए वापस किए गए। ऐसा अपने चहेतों को मैंबर बनाने के लिए किया जा रहा है।

फॉर्म और फीस दी, लेकिन बाद में वापस कर दी गई

सेक्टर-38 वेस्ट के डॉक्टर केएस चौधरी का कहना है कि उन्हें एक फॉर्म पड़ोसी ने लाकर दिया था, उसकी फोटोकाॅपी करवाकर एक हजार फीस के साथ फॉर्म भरे। 8 दिन बाद फार्म वापस लौटा दिया गया। कारण नहीं बताया गया। सेक्टर-38 वेस्ट निवासी जीएस पटियाल का कहना है कि चौधरी और मैंने साथ ही कम्युनिटी सेंटर की गवर्निंग बॉडी का मेंबर बनने के लिए फीस के साथ फाॅर्म भरा था। लेकिन उसे आठ दिन बाद पैसे सहित फार्म वापस कर दिया गया। काउंसलर पिक एंड चूज कर रहे हैं। वहीं, एमएस शर्मा का कहना है कि पड़ोसी ने एक फार्म लाकर दिया था। फार्म को एक हजार फीस के साथ भरा गया लेकिन पांच दिन बाद फार्म वापस कर दिया गया, जबकि पड़ोसी का कंसीडर कर लिया। एरिया काउंसलर गलत कर रहे हैं। जो रेजिडेंट्स कम्युनिटी सेंटर की गवर्निंग बॉडी का मेंबर बनना चाह रहे हैं, वे कहां जाएं। कम्युनिटी सेंटर पर पैसा सरकारी खर्च हुआ है न कि कुछ चुनिंदा लोगों का, जिन्हें इसका मेंबर बनाया जा रहा है। सेक्टर-38 वेस्ट आरडब्ल्यूए के प्रधान पंकज गुप्ता का कहना है कि उन्हें तो कम्युनिटी सेंटर की गवर्निंग बॉडी का मेंबर बनने के फार्म की भी भनक नहीं लगने दी। इसका भी 28 जनवरी को वाॅट्सएप ग्रुप पर मैसेज चलने से पता चला कि गवर्निंग बॉडी के इलेक्शन होने हैं। एरिया काउंसलर ने सब ग्रुप चुप ढंग से किया है। ताकि अपने लोगों को ही गवर्निंग बॉडी का मैंबर बना सके। वे सेक्टर 21 और 22 के कम्युनिटी सेंटर से फार्म लेकर आए हैं, सेक्टर 38 वेस्ट के करीब 80 रेजिडेंट्स के फार्म को फीस के साथ भरकर वीरवार को निगम कमिश्नर को दिया जाएगा।

सेक्टर-37 में भी ऐसा हो रहा

यही हाल सेक्टर-37 के कम्युनिटी सेंटर की गवर्निंग बॉडी के मेंबरशिप को लेकर एरिया काउंसलर द्वारा किया जा रहा है। कम्युनिटी सेंटर का उद‌्ाटन सांसद खेर ने 24 दिसंबर को किया। यहां भी काउंसलर द्वारा फार्म सुपरवाइजर को न देकर अपने पास रखे हुए हैं, इसीलिए मेंबर बनाने में पिक एंड चूज हो रहा है।

सिटी रिपोर्टर | चंडीगढ़

सेक्टर-38 वेस्ट और 37 के कम्युनिटी सेंटर की गवर्निंग बॉडी के मेंबर बनाने के लिए पिक एंड चूज पॉलिसी अपनाई जा रही है। किस रेजिडेंट्स का फार्म अप्रूव करना है और किसका रिजेक्ट, यह एरिया काउंसलर अरुण सूद की रिकमंडेशन पर निर्भर है। इसीलिए कई रेजिडेंट्स के फॉर्म वापस लौटा दिए गए। यह आरोप यहां के रेजिडेंट्स ने एरिया काउंसलर पर लगाए हैं। सेक्टर-38 वेस्ट के रेजिडेंट्स वीरवार को निगम कमिश्नर जितेंद्र यादव से मिलेंगे और 80 रेजिडेंट्स के फॉर्म फीस के साथ कमिश्नर को सौंपेंगे। अगर निगम कमिश्नर ने उनके फार्म रिसीव नहीं किए तो ये निगम कमिश्नर ऑफिस आगे एरिया काउंसलर के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।

सेक्टर-38 वेस्ट के कम्युनिटी सेंटर का पंजाब के गवर्नर एवं नगर प्रशासक वीपी सिंह बदनोर ने 17 दिसंबर 2017 को उद‌्घाटन किया था। कम्युनिटी सेंटर को बनाने पर निगम ने 4.75 करोड़ रुपए खर्चे हैं। प्रशासक ने उद‌्घाटन के समय कम्युनिटी सेंटर के आर्किटेक्चर डिजाइन की खूब प्रशंसा की थी। कहा था कि ऐसे डिजाइन के कम्युनिटी सेंटर की काॅपी दूसरे शहर भी करने लगेंगे। इसमें फैमिली फंक्शन की सुविधा होनी चाहिए। इसकी गवर्निंग बॉडी बनी नहीं है लेकिन एमसी के रोड विंग के कर्मचारी इसकी पहरेदारी में लगे हुए हैं। कम्युनिटी सेंटर की गवर्निंग बॉडी बनाने के लिए काउंसलर अरुण सूद की रिकमंडेशन पर ही लोगों के फार्म रिसीव किए गए। जिनके फार्म रिकमेंड नहीं किए उनके फार्म और फीस के एक हजार रुपए वापस किए गए। ऐसा अपने चहेतों को मैंबर बनाने के लिए किया जा रहा है।

फाॅर्म सुपरवाइजर के पास होने चाहिए थे

सेक्टर-38 वेस्ट कम्युनिटी सेंटर की गवर्निंग बॉडी के मेंबरशिप बनने के फॉर्म कायदे अनुसार वहां के सुपरवाइजर के पास होने चाहिए थे। उसी से लोग फॉर्म लेकर फीस जमा करवा देते। सुपरवाइजर ही एरिया काउंसलर से फॉर्म रिकमेंड करवाते रहे हैं। लेकिन सेक्टर-38 वेस्ट के कम्युनिटी सेंटर के सुपरवाइजर नरेश सुनेजा ने बताया कि उसके पास कोई फॉर्म नहीं आया। उन्हें इतना पता है कि मेंबरशिप के लिए एमसी से 100 फॉर्म काउंसलर के पास आए थे।

किसी का फॉर्म नहीं लौटाया गया: सूद

उन्होंने कम्युनिटी सेंटर आगे गवर्निंग बॉडी की मेंबरशिप के फॉर्म भरे जाने संबंधी नोटिस लगवाया था। उसके पास जो भी लोग फॉर्म लेकर भरने आए थे, उन सभी की रिकमंडेशन की है। किसी का फॉर्म वापस नहीं लौटाया है। -अरुण सूद, एरिया काउंसलर

जो मेंबर बनना चाहता है, उसे बनाएंगे

कम्युनिटी सेंटर की गवर्निंग बॉडी की मेंबरशिप के फॉर्म लोगों को नहीं दिए गए हैं, इसकी जानकारी नहीं है। इस संबंधी रिपोर्ट मांगेंगे। कम्युनिटी सेंटर की गवर्निंग बॉडी का जो भी रेजिडेंट्स मेंबर बनना चाहता है, उसे बनाया जाएगा। -जितेंद्र यादव, निगम कमिश्नर

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