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अंबाला डिवीजन ने चंडीगढ़ के लिए पांच ट्रेनें शुरू करने का प्रस्ताव भेजा

News - आम और रेल बजट आज संसद में पेश होगा। अगर रेल बजट में अंबाला डिवीजन की सिफारिशों को मान लिया गया तो चंडीगढ़ को पांच नई...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:00 AM IST
अंबाला डिवीजन ने चंडीगढ़ के लिए पांच ट्रेनें शुरू करने का प्रस्ताव भेजा
आम और रेल बजट आज संसद में पेश होगा। अगर रेल बजट में अंबाला डिवीजन की सिफारिशों को मान लिया गया तो चंडीगढ़ को पांच नई ट्रेनें मिल सकती हैं। उत्तर रेलवे अंबाला डिवीजन ने रेल मंत्रालय को इसका प्रस्ताव भेजा है। उत्तर रेलवे अंबाला मंडल की सीनियर डीसीएम प्रदीप गौड़ द्विवेद्वी ने बताया कि रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा है। अगर मंडल के प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो इनमें से कोई नई ट्रेन शुरू हो सकती है।

पुरानी घोषणाएं अभी कागजों में: वहीं चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने को लेकर आज से सात साल पहले घोषणा की गई थी। लेकिन यह घोषणा अभी फाइलों में सीमित है। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर कमर्शियल प्रोजेक्ट बनाने को लेकर इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट अथॉरिटी के प्रस्ताव को भी पहले प्रशासन ने मास्टर प्लान के नाम पर रोके रखा। अथॉरिटी का रेलवे स्टेशन के आसपास पड़ी पांच लाख स्कवेयर फीट जगह पर कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट बनाने का प्रस्ताव था। लेकिन प्रशासन ने इससे चंडीगढ़ का मास्टर प्लान बिगड़ने के नाम पर इसे मंजूरी नहीं दी। उसके बाद प्रशासन ने ढाई लाख स्कवेयर फीट जगह पर इस प्रोजेक्ट को बनाने की मंजूरी पिछले साल दी थी। यह प्रोजेक्ट भी अभी तक कागजों तक ही सीमित है। इसके अलावा चंडीगढ़ के पूर्व सांसद पवन कुमार बंसल जब रेल मंत्री थे उन्होंने चंडीगढ़ में स्टेशन के नजदीक की जमीन पर स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाने की घोषणा की थी। लेकिन प्रस्ताव कागजों में ही रह गया। ट्रैक पर लगने वाले सीमेंट स्लीपर फैक्ट्री लगाने का भी प्रस्ताव था उसे भी मंजूरी नहीं मिली। चंडीगढ़-बद्दी, चंडीगढ़-जगाधरी रेल मार्ग बनाने को लेकर लंबे समय से बातें हो रही हैं। बजट में कई दफा जिक्र हो चुका है।


1. चंडीगढ़-पठानकोट इंटरसिटी

2. चंडीगढ़-हिसार डीएमयू ट्रेन

3. सहारनपुर-लुधियाना वाया चंडीगढ़ यात्री ट्रेन

4. चंडीगढ़-कोटा के बीच एक्सप्रेस

5. नंगल-बनारस वाया चंडीगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन

चंडीगढ़-हरिद्वार रेल शुरू करने व फ्लेक्सी फेयर हटाने की मांग

जोनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी के पूर्व सदस्य परमजीत सिंह का कहना है कि चंडीगढ़-हरिद्वार के बीच सीधी ट्रेन चलाने का लंबे समय से प्रस्ताव है, लेकिन हमेशा इस प्रस्ताव को नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि पूर्व रेलमंत्री पवन कुमार बंसल ने अपने कार्यकाल के दौरान इस दिशा में प्रयास किए थे। लेकिन तब भी कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान सांसद तो इसके प्रति बिलकुल संजीदा नहीं दिखती क्योंकि उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में इस बारे में कभी कहीं किसी भी मंच से जिक्र नहीं किया। इसके अलावा उन्होंने एयर फेयर की तर्ज पर शताब्दी में फ्लेक्सी फेयर का प्रावधान करने को भी आम जनता के साथ अन्याय हो रहा है। इसे भी बंद करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि फ्लेक्सी फेयर के कारण शताब्दी आम जनता की पहुंच से बाहर होती जा रही है।

सिटी रिपोर्टर | चंडीगढ़

आम और रेल बजट आज संसद में पेश होगा। अगर रेल बजट में अंबाला डिवीजन की सिफारिशों को मान लिया गया तो चंडीगढ़ को पांच नई ट्रेनें मिल सकती हैं। उत्तर रेलवे अंबाला डिवीजन ने रेल मंत्रालय को इसका प्रस्ताव भेजा है। उत्तर रेलवे अंबाला मंडल की सीनियर डीसीएम प्रदीप गौड़ द्विवेद्वी ने बताया कि रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा है। अगर मंडल के प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो इनमें से कोई नई ट्रेन शुरू हो सकती है।

पुरानी घोषणाएं अभी कागजों में: वहीं चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने को लेकर आज से सात साल पहले घोषणा की गई थी। लेकिन यह घोषणा अभी फाइलों में सीमित है। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर कमर्शियल प्रोजेक्ट बनाने को लेकर इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट अथॉरिटी के प्रस्ताव को भी पहले प्रशासन ने मास्टर प्लान के नाम पर रोके रखा। अथॉरिटी का रेलवे स्टेशन के आसपास पड़ी पांच लाख स्कवेयर फीट जगह पर कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट बनाने का प्रस्ताव था। लेकिन प्रशासन ने इससे चंडीगढ़ का मास्टर प्लान बिगड़ने के नाम पर इसे मंजूरी नहीं दी। उसके बाद प्रशासन ने ढाई लाख स्कवेयर फीट जगह पर इस प्रोजेक्ट को बनाने की मंजूरी पिछले साल दी थी। यह प्रोजेक्ट भी अभी तक कागजों तक ही सीमित है। इसके अलावा चंडीगढ़ के पूर्व सांसद पवन कुमार बंसल जब रेल मंत्री थे उन्होंने चंडीगढ़ में स्टेशन के नजदीक की जमीन पर स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाने की घोषणा की थी। लेकिन प्रस्ताव कागजों में ही रह गया। ट्रैक पर लगने वाले सीमेंट स्लीपर फैक्ट्री लगाने का भी प्रस्ताव था उसे भी मंजूरी नहीं मिली। चंडीगढ़-बद्दी, चंडीगढ़-जगाधरी रेल मार्ग बनाने को लेकर लंबे समय से बातें हो रही हैं। बजट में कई दफा जिक्र हो चुका है।


रेलवे के जानकार और रिटायर्ड स्टेशन सुपरिंटेंडेंट आरके दत्ता कहते हैं कि रेलवे को बजट में किराये में बढ़ोतरी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ से नई दिल्ली के बीच चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को तत्काल संडे को भी चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2016 में तेजस चलाने की घोषणा की गई थी, इसे जल्द चलाया जाना चाहिए। दत्ता कहते हैं कि नई ट्रेनें चलें अच्छी बात है लेकिन जो ट्रेनें चल रही हैं उन्हें मेंटेन करने की जरूरत है।

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