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प्रेस काॅन्फ्रेंस बिना सुलझ सकता था मामला

चंडीगढ़ | अपने साथी पर भेदभाव का आरोप लगाना और प्रेस के सामने अपनी समस्याओं को कहना। स्थितियां वाकई खराब रही होंगी...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:05 AM IST
चंडीगढ़ | अपने साथी पर भेदभाव का आरोप लगाना और प्रेस के सामने अपनी समस्याओं को कहना। स्थितियां वाकई खराब रही होंगी जब उनको विरोध का ये झंडा उठाना पड़ा। बेहद मजबूरी होगी, लेकिन जजेस को प्रेस काॅन्फ्रेंस से बचना चाहिए था। कुछ ऐसे ही थे पंजाब यूनिवर्सिटी के नेशनल लॉ फेस्टिवल में चल रही डिबेट में ‘ज्युडिशियल क्राइसिस’ पर स्टूडेंट्स के विचार। उद्‌घाटन के समय पंजाब के लोकल गवर्नमेंट एंड टूरिज्म एंड कल्चरल अफेयर्स मिनिस्टर नवजोत सिंह सिद्धू को आना था, लेकिन उन्होंने संदेश भिजवा दिया कि व्यस्त होने के कारण वह नहीं आ सकते। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया सत्य पाल जैन ने इसका उद्‌घाटन किया। डीन यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन (डीयूआई) प्रो. मिनाक्षी मल्होत्रा और डीन लॉ फैकल्टी अनु चतरथ ने इसकी अध्यक्षता की। चेयरपर्सन प्रो. शालिनी मरवाहा ने कहा कि डिपार्टमेंट के 129 साल पूरा होने को समर्पित इस प्रोग्राम को एनुअल बनाने का प्रयास किया जाएगा।

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