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पेंशन रिकवरी के फैसले पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) द्वारा वर्ष 2006 से पहले रिटायर हुए प्रोफेसरों की पेंशन घटाने और जारी की गई ज्यादा पेंशन...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:05 AM IST

पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) द्वारा वर्ष 2006 से पहले रिटायर हुए प्रोफेसरों की पेंशन घटाने और जारी की गई ज्यादा पेंशन राशि की रिकवरी करने के 16 जनवरी 2018 के आदेशों पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अगले आदेशों तक रोक लगा दी है। जस्टिस जसपाल सिंह ने पंजाब यूनिवर्सिटी को इस मामले में 6 मार्च के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 2 अलग-अलग याचिकाओं में कुल 119 याचियों की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि वह पीयू से 2006 से पहले रिटायर हुए थे। उस समय उनकी पेंशन राशि तय कर दी गई। अब 12 साल बाद पीयू ने 16 जनवरी को उन्हें एक ऑफिस आॅर्डर भेजकर कहा कि उनकी पेंशन राशि पहले गलत तय कर गई थी। ऐसे में अब उन्हें जारी की गई ज्यादा पेंशन राशि या तो जमा करानी होगी या आगे जारी होने वाली पेंशन से इस राशि को वसूला जाएगा। याचिका में कहा गया कि पीयू की तरफ से कहा गया है कि पंजाब सरकार की वर्ष 2015 की नोटिफिकेशन के अनुसार अगर पेंशन ज्यादा तय हो जाए तो उसकी बाद वसूली की जा सकती है। कहा गया कि पीयू का गठन सेंट्रल एक्ट के तहत हुआ है। ऐसे में पीयू के प्रोफेसरों पर पंजाब सरकार के नहीं बल्कि केंद्र सरकार के नियम लागू होते हैं।

सुप्रीम कोर्ट कह चुका नहीं वसूल सकते पेंशन

याचिका में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट कई मामलों में पहले ही तय कर चुका है कि गलत पेंशन तय कर दी जाए तो उसकी वसूली नहीं की जा सकती। पीयू के कैलेंडर वॉल्यूम एक के पंजाब यूनिवर्सिटी इंप्लाॅइज (पेंशन) 1991 रेगुलेशन 2.4 के तहत यह कहा गया है कि एक बार तय की गई पेंशन की वसूली नहीं की जा सकती। बावजूद इसके पीयू पेंशन का ज्यादा राशि की रिकवरी की मांग कर रही है।

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