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3 फरवरी को होगी 14 वीं गुरु मदन लाल कौसर अवॉर्ड सेरेमनी

गायन, वादन, नृत्य। इन तीनों में से विधा कोई भी हो। कलाकार जिसमें कला में निपुण होता है उसका प्रदर्शन करता है, ताकि...

Danik Bhaskar | Feb 02, 2018, 02:05 AM IST
गायन, वादन, नृत्य। इन तीनों में से विधा कोई भी हो। कलाकार जिसमें कला में निपुण होता है उसका प्रदर्शन करता है, ताकि विधा का प्रचार कर सके और ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा मिले। यह सब अवॉर्ड पाने के लिए नहीं, बल्कि कलाकार होने के नाते अपना फर्ज निभाने और खुशी के लिए करता है। इसके बावजूद अगर उसे इस काम के लिए अवॉर्ड दिया जाता है तो उसकी खुशी और जुनून दोगुना हो जाता है। इसी सोच के साथ प्राचीन कला केन्द्र ने कलाकारों को सम्मानित करने की परंपरा शुरू की। इसी के अंतर्गत 3 फरवरी को सेक्टर-18 के टैगोर थिएटर में 14वीं गुरु मदन लाल कौसर अवॉर्ड सेरेमनी होगी। वीरवार को प्राचीन कला केंद्र में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र की रजिस्ट्रार डॉ. शोभा कौसर ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया - इस बार पंजाब घराने के विख्यात तबला वादक पंडित सुशील कुमार जैन और पंडित काले राम को गुरु मदन लाल कौसर अवॉर्ड 2018 से सम्मानित किया जाएगा। अवॉर्ड में दोनों को 50-50 हजार रुपए, शॉल और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। इस मौके पर हरियाणा के राज्यपाल प्रो.कप्तान सिंह सोलंकी मुख्य अतिथि होंगे। प्रोग्राम शाम 6:30 बजे से शुरू होगा। इसके बाद दोनों कलाकार परफॉर्म करेंगे। पंडित सुशील कुमार जैन अपने शिष्यों के साथ परफॉर्म करेंगे। पंडित काले राम अपने बेटा और बेटी के साथ।

पंजाब घराने के विख्यात तबला वादक पंडित सुशील कुमार जैन और पंडित काले राम को गुरु मदन लाल कौसर अवॉर्ड 2018 दिया जाएगा।

शहर का टैलेंट भी आगे आना चाहिए

अवॉर्ड देने के लिए कलाकारों का चयन किस तरह से किया जाता है? शोभा बताती हैं- हम देशभर के कलाकारों को में से इन्हें चुनते हैं। इसी फील्ड से है तो तकरीबन हर कलाकारों के बारे में जानते ही है, उनसे जुड़े भी हैं। इसके अलावा कई कलाकारों की एंट्री हमारे पास आती है। हमारी केन्द्र की कमेटी है। उनके साथ मिलकर ही हम कलाकार को चुनते हैं। पंडित सुशील कुमार जैन चंडीगढ़ से है। वैसे तो इनके बारे में जानती थी लेकिन दिल्ली में एक अवॉर्ड सेरेमनी के दौरान इनके बारे में बहुत कुछ जानने को मिला। वहीं पंडित काले राम जालंधर से है।