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देश का विकास वाॅटर राइट्स के बिना संभव नहीं

देश का विकास वाॅटर राइट्स के बिना संभव नहीं है, क्योंकि ये ह्यूमन राइट्स का ही एक हिस्सा है। ये कहना था वाॅटर मैन ऑफ...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 02:05 AM IST

देश का विकास वाॅटर राइट्स के बिना संभव नहीं है, क्योंकि ये ह्यूमन राइट्स का ही एक हिस्सा है। ये कहना था वाॅटर मैन ऑफ इंडिया और रमन मेग्सेसे विजेता राजिंदर सिंह का। वह पंजाब यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ हिंदी में शुरू हुए दो दिवसीय नेशनल सेमिनार में बोल रहे थे। ग्लोबलाइजेशन, एनवायर्नमेंट एंड ह्यूमन राइट्स पर नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन के सहयोग से सेमिनार कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सब काम धंधा छोड़ कर पानी की लड़ाई शुरू की तो लोग उनको दीवाना समझते थे। लोग जुड़ते गए और एक तालाब के बजाय 11,800 तालाबों की सीरीज पूरी हो गई। उन्होंने एक ऐसे आयोग की स्थापना पर जोर दिया जो मानवाधिकार और पर्यावरण के बीच समन्वय रख सके। सेमिनार के दौरान पॉलिटिकल साइंस की पूर्व चेयरपर्सन प्रो. पंपा मुखर्जी ने कहा कि मानवाधिकार का अर्थ है सभी को उसका बनता अधिकार देना। वैश्वीकरण के दौर में विकसित देश ऐसा नहीं होने दे रहा। उन्होंने मौजूदा पर्यावरणीय स्थितियों और इंटरनेशनल संबंधों पर बात की।

उल्लेखनीय है विकसित देश इन दिनों विकासशील देशों पर अपनी नीतियां थोपते हैं, लेकिन खुद पर्यावरण को लेकर नियमों का पालन नहीं करते थे। एनएचआरसी के ज्वाॅइंट सेक्रेटरी डॉ. रंजीत सिंह, चेयरपर्सन प्रो. गुरमीत सिंह डीयूआई प्राे. मीनाक्षी मल्होत्रा भी इस मौके पर मौजूद रहीं।

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