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महाराष्ट्र की नेशनल जिम्नास्टिक में खिताबी हैट्रिक, पंजाब सेकंड

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:05 AM IST

महाराष्ट्र की नेशनल जिम्नास्टिक में खिताबी हैट्रिक, पंजाब सेकंड
मोहाली. 24वीं सब-जूनियर अौर जूनियर रिदमिक जिम्नास्टिक नेशनल चैंपियनशिप में महाराष्ट्र ने खिताबी हैट्रिक दर्ज की है। महाराष्ट्र की टीम ने अंडर-8, अंडर-10 और अंडर-12 तीनों में शीर्ष स्थान हासिल किया। वहीं पंजाब को भी तीन खिताब मिले। अंडर-12 में पंजाब की टीम को सेकंड स्पॉट मिला जबकि अंडर-10 और अंडर-8 में तीसरा स्थान। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स-78 में हो रही नेशनल जिम्नास्टिक में 160 जिम्नास्ट हिस्सा ले रहे हैं। विजेता प्लेयर्स काे एसपी सिटी और अर्जुन अवॉर्डी सरदार जगजीत सिंह जाला ने सम्मानित किया।

अंडर-12 में महाराष्ट्र की टीम ने 2.30 अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। मराठी जिम्नास्ट ने 82.95 अंक हासिल करते हुए पोडियम पर जगह बनाई जबकि पंजाब को दूसरा स्थान मिला। पंजाब के पास 80.65 अंक रहे। दिल्ली को 66.40 अंकों के साथ तीसरा स्थान मिला। बंगाल को चौथा और जम्मू एंड कश्मीर को पांचवां स्थान मिला। इंडिविजुअल ऑलराउंड प्रदर्शन में पंजाब की प्रीति को बेस्ट चुना गया। उन्होंने 34.80 अंकों के साथ गोल्ड मेडल जीता। महाराष्ट्र की माही को दूसरा और रिया को तीसरा स्थान मिला। पंजाब की गुरसीरत को 31.65 अंकों के साथ चौथा और बंगाल की सुरंजना पंडित को 30.90 अंकों के साथ पांचवां स्थान मिला।

माही ने जीता डबल गोल्ड: महाराष्ट्र की माही ने अंडर-12 इंडिविजुअल इवेंट में डबल गोल्ड मेडल हासिल किया। माही मेहता को पहला गोल्ड हूप इवेंट में मिला जिसमें रिया दूसरे स्थान पर रहीं। इसके बाद माही मेहता को क्लब सब-जूनियर इवेंट में दूसरा गोल्ड मेडल मिला। पंजाब की गुरसीरत दूसरे और प्रीति तीसरे स्थान पर रहीं। बॉल इवेंट में बंगाल की सुरंजना को गोल्ड मिला जबकि रिबन इवेंट में महाराष्ट्र की रिया को स्वर्ण पदक मिला।

महाराष्ट्र को अंडर-8, अंडर-10 और अंडर-12 में मिला शीर्ष स्थान, पंजाब एक में दूसरा और दो में तीसरा स्थान मिला

विजेता प्लेयर्स काे एसपी सिटी और अर्जुन अवॉर्डी सरदार जगजीत सिंह जाला ने सम्मानित किया

अंडर-10 में पंजाब को थर्ड प्लेस

अंडर-10 टीम चैंपियनशिप फिर से महाराष्ट्र के ही नाम रही। उन्होंने 74 अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया जबकि जम्मू एंड कश्मीर की टीम इसमें दूसरे स्थान पर रही। उन्होंने 71.52 अंक जुटाए। पंजाब की टीम काफी पीछे रही लेकिन उसे तीसरा स्थान मिल गया। उन्होंने 53.45 अंक जुटाए। बंगाल की टीम चौथे स्थान पर रही जबकि हरियाणा की टीम को 44.35 अंक के साथ पांचवां स्थान अपने नाम किया।

मुस्कान को मिला बेस्ट का टाइटल

अंडर-10 में बेस्ट जिम्नास्ट मुस्कान राणा चुनी गईं। उन्होंने 28.93 अंकों के साथ जम्मू एंड कश्मीर को टॉप स्पॉट दिलाया। एपरेटस इवेंट में ईरा पहले स्थान पर रहीं जबकि मुस्कान को दूसरा और अनुष्का को तीसरा स्थान मिला। रिबन में भी ईरा ही सबसे आगे रहीं।

अंडर-8 में भी मराठी रहे अव्वल

टीम चैंपियनशिप में महाराष्ट्र को दूसरा टाइटल अंडर-8 कैटेगरी में मिला। उन्होंने किसी को अपने आगे टिकने का मौका नहीं दिया। मराठी टीम के पास 45.25 अंक रहे। जम्मू-कश्मीर टीम को इसमें 44.05 अंकों के साथ दूसरा स्थान मिला। पंजाब टीम इसमें भी पोडियम पर जगह बनाने में सफल रही। उन्होंने 42.50 अंक जुटाए। वेस्ट बंगाल को चौथा और हरियाणा टीम को पांचवां स्थान मिला।

रिबन में पंजाब की महताब जीतीं

अंडर-8 रिबन इवेंट में पंजाब की महताब कौर ने गोल्ड जीता। चंडीगढ़ की सिदक को 3.20 अंकों के साथ दूसरा स्थान मिला जबकि चंडीगढ़ की आसिया को तीसरा स्थान मिला। हूप में पंजाब की गीतांशी को टॉप स्पॉट मिला।

एरोबिक्स से आगाज करने के बाद रिदमिक में बेस्ट बनीं मैथिली

नेशनल जिम्नास्टिक में हिस्सा ले रही महाराष्ट्र की मैथिली करांडे चुनिंदा ऐसे जिम्नास्ट में से हैं जिन्होंने दो फॉर्म में महारत हासिल की है। आम तौर पर एक जिम्नास्ट एक ही फॉर्म को करता है, लेकिन मैथिली ने पहले एरोबिक्स में अपने आप को साबित किया और अब वे रिदमिक में मेडल जीत रही हैं। रिदम पर उनका बैलेंस ही उनकी पहचान बन गया है। 16 साल की मैथिली अपनी कोच सबिता काे फाॅलो करती हुई यहां तक आई हैं और अपने पेरेंट्स के सपने को साकार करने की कोशिश कर रही है। उनके पेरेंट्स ने 2000 अोलंपिक गेम्स देखने के बाद आने वाली बेटी को जिम्नास्ट बनाने का सोचा था और मैथिली उसी सपने को पूरा कर रही है।

05 साल से मैथिली जिम्नास्टिक कर रही हैं

दोनों कैटेगरी में जीते मेडल... मैथिली ने 11 साल की उम्र में ऐराेबिक जिमनास्टिक की शुरुआत की थी और सन् 2012 में हुए नेशनल में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता। इसके बाद तीन साल में उन्होंने कई और मेडल हासिल किए। मैथिली ने 2016 में रिदमिक जिमनास्टिक की ओर ध्यान देना शुरू किया। बॉल और रिबन के साथ मैथिली ने 2016 आैर 2017 में कई गोल्ड मेडल जीते। उन्होंने दुबई में 2017 में इंवीटेशनल कप में भी हिस्सा लिया जहां दुनियां के कई खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। मैथिली ने यहां बॉल इवेंट में पांचवां स्थान हासिल किया।

कोच नंदी ने परखा त्रिपुरा के बस ड्राइवर की बेटी प्रियंका को

नेशनल जिम्नास्टिक में वॉल्टिंग टेबल इवेंट में हिस्सा ले रही त्रिपुरा(अगरतला) की 14 साल की प्रियंका दास गुप्ता अपने ड्राइवर पिता के साथ सपने को पूरा करने के लिए मोहाली आई हैं। प्रियंका को इस गेम में लाने का क्रेडिट दिग्गज कोच बीएस नंदी काे है जिन्होंने देश को दीपा कर्माकर जैसी ओलंपियन जिम्नास्ट दी है। प्रियंका का सपना इंटरनेशनल जिम्नस्ट बनकर देश को सम्मान बढ़ाना है और ये सीख उन्हें अपने पिता से मिली है। उनके पिता एक प्राइवेट बस के ड्राइवर है जो उनके खेल को जारी रखने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं। आर्टिस्टिक जिमनास्टिक में पिछले 4 सालों से कोचिंग ले रही प्रियंका ने कोलकाता में गोल्ड मेडल जीता था। प्रियंका यहां पर अपने पिता सपनदास गुप्ता के साथ आई हैं और वे शुरू से उसे अपनी बेटी को सफल स्पोर्ट्स स्टार के रूप में देखना चाहते थे।

इनपुट: लखवंत सिंह

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