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नाटक में पढ़ाई और वुमन एम्पावरमेंट पर बात की

सेक्टर- 23 के बाल भवन में बुधवार को द फर्स्ट टीचर नाटक का मंचन हुआ। इसमें दिखाया गया कि समाज में आज भी महिलाओं की...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:10 AM IST
सेक्टर- 23 के बाल भवन में बुधवार को द फर्स्ट टीचर नाटक का मंचन हुआ। इसमें दिखाया गया कि समाज में आज भी महिलाओं की शिक्षा पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता है। इसे चंडीगढ़ के अलंकार थिएटर ग्रुप के कलाकारों ने पेश किया। रशियन लेखक चिंगिजआइन्मातोव द्वारा लिखित नाटक का हिन्दी रूपांतरण मंजू यादव ने किया। इसका निर्देशन चक्रेश कुमार ने किया। अवधि 1 घंटा 10 मिनट की रही। नाटक को 13वें थिएटर फॉर थिएटर विंटर नेशनल थिएटर फेस्टिवल 2018 के तहत खेला गया। इसे हरियाणा कला परिषद के सहयोग से करवाया जा रहा है। इसमें पढ़ाई और वुमन एम्पावरमेंट पर बात की गई। नाटक से संदेश दिया गया कि तमाम मुश्किलें आने के बावजूद अगर आप किसी चीज के प्रति लगन रखते है तो उसे पाने की जिद कभी नहीं छोड़नी चाहिए। नाटक की कहानी उत्तर प्रदेश के जिला मैनपुरी स्थित गांव दौलत पुर में रहने वाली 14 वर्षीय संगीता नाम की लड़की के आस पास घूमती है। जिसके माता-पिता बचपन में गुजर जाते है। उसके चाचा-चाची ही उसे पालते हैं। संगीता की चाची उसे बात-बात पर टोकती है और अच्छा व्यवहार नहीं करती। एक दिन एक अध्यापक इस गांव में पढ़ाने के लिए आता है और वह स्कूल खोलता है, जिसका गांव वाले विरोध करते है।

आज: नाटक मौलाना / समय: शाम 6:30 बजे / एंट्री: फ्री

बाल भवन में नेशनल थिएटर फेस्टिवल 2018 के तहत बुधवार को नाटक द फर्स्ट टीचर खेला गया।

इन कलाकारों ने किया एक्ट| प्रशांत मेहरा, शमशेर, बंदना, ज्योति, ज्योति सानिया, गौरव कुमार, शिवम कंबोज, सचिन भट्‌ट, भवति, रजत, निखिल मोदी ने एक्टर किया। बैकस्टेज पर शिवम, धर्मवीर, अंकुश, निखिल नागपाल और रिशभ रहे। फोटो: जसविंदर सिंह

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