Hindi News »Union Territory News »Chandigarh News »News» मैं ब्रीफकेस उठाकर थक-हारकर घर नहीं आ सकता

मैं ब्रीफकेस उठाकर थक-हारकर घर नहीं आ सकता

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:10 AM IST

आरती एम अग्निहोत्री | चंडीगढ़ मुकुल ने पिछले लंबे समय से अपने बाल लंबे रखे हैं। अपनी लुक्स पर बात करते हुए बोले, इन...
आरती एम अग्निहोत्री | चंडीगढ़

मुकुल ने पिछले लंबे समय से अपने बाल लंबे रखे हैं। अपनी लुक्स पर बात करते हुए बोले, इन लुक्स में लोग भी मुझे पसंद करते हैं। बचपन से हमें तो बालों में सरसों का तेल लगाने की आदत थी। अब शैंपू, कंडीशनर, स्पा जैसे कई तामझाम हो गए हैं। सच कहूं तो मैं शैंपू और कंडीशनर तो खुद कर लेता हूं। पर स्पा मेरे बस की बात नहीं। जब कभी सलून में कोई स्पा का तामझाम ले आता है तो मुझे अजीब सी फीलिंग आती है। एक बार शूटिंग के दौरान हेयर ड्रेसर पूरा तामझाम लेकर आ गया। मुझे लड़कियों वाली फीलिंग्स आ गई। तब मैंने कहा कि तू सिर्फ कंघी कर और भाग। मुझे कुछ और नहीं करवाना। मुकुल चंडीगढ़ में थे। इस दौरान उन्होंने हमसे अपनी लुक, रुटीन व फिल्म इंडस्ट्री के अपने अनुभव पर बात की। उन्होंने बताया कि पिछले 6 महीने से मैं मेडिटेशन कर रहा हूं। बौद्ध मंत्रों और राम-राम की चैंटिंग भी करता हूं। रोजाना इन्हें प्रैक्टिस करने से मैं पहले से ज्यादा शांतिपूर्ण हुआ हूं। एनर्जी बढ़ी है और ज्यादा फोकस्ड हुआ हूं। मैं भगवान के और करीब हो गया हूं। इसके लिए मैं अपनी मां को धन्यवाद देता हूं। मुकुल ने कहा कि ध्यान करने से हमारे कर्म बेअसर हो जाते हैं। अगर हम अपने कर्मों को बेअसर करते हैं तो हमारा ध्यान पुनर्जन्म से हट जाता है। सबसे बड़ी बात, आपको खुद के साथ समय बिताने का मौका मिलता है। आप खुद को प्रेम करने लगते हैं, खुद को और बेहतर समझने लगते हैं।

अच्छे एक्टर के लिए काम की कमी नहीं

मुकुल के मुताबिक अब टीवी इंडस्ट्री में काफी बदलाव आया है। पहले सिर्फ औरतों के लिए ही शो बनते थे। पर अब टीवी पुरुषों को भी केटर करता है। बोले- अपनी बात करूं तो दस साल बाद किसी टीवी शो के लिए मैंने हां कही। बीच में कभी पति, कभी कोई और रोल ऑफर हुए। पर मुझे ऐसे रोल पसंद नहीं आए। मैं ब्रीफकेस उठाकर थक-हारकर घर नहीं आ सकता। बाकी आज इंडस्ट्री में काफी स्कोप है। अच्छे एक्टर के लिए काम की कमी नहीं।

ओमेर्टा को लिखा था मैंने

मुकुल ने बताया- 2005 में मैंने फिल्म ओमेर्टा की कहानी लिखी। इसके बाद सोचा कि पता नहीं वक्त मिले या न मिले। इसलिए कहानी हंसल मेहता को दे दी। पिछले साल रिलीज हुई इस फिल्म की स्क्रीनिंग कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल्स में हुई। अब मैं स्टाेरी राइटिंग में आने की सोच रहा हूं। जल्द ही ओमेर्टा जैसी एक और कहानी लिखूंगा।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Chandigarh News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: मैं ब्रीफकेस उठाकर थक-हारकर घर नहीं आ सकता
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      रिजल्ट शेयर करें:

      More From News

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×