Hindi News »Union Territory »Chandigarh »News» इंटर स्टेट माल परिवहन के लिए आज से प्रदेश में ई वे बिल लागू

इंटर स्टेट माल परिवहन के लिए आज से प्रदेश में ई वे बिल लागू

चंडीगढ़| हरियाणा में भी गुरुवार से ई वे बिल व्यवस्था लागू हो गई। यह उन मामलों में जरूरी होगा, जिसमें 50 हजार रुपए से...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 03:00 AM IST

चंडीगढ़| हरियाणा में भी गुरुवार से ई वे बिल व्यवस्था लागू हो गई। यह उन मामलों में जरूरी होगा, जिसमें 50 हजार रुपए से ज्यादा कीमत का माल एक से दूसरे राज्य में ले जाया जाएगा। अगर कोई ट्रांसपोर्टर्स एक बार में एक से अधिक डीलरों को माल परिवहन करता है, तो उनके लिए वह कंपोजिट ई वे बिल भी जेनरेट कर सकता है। इसमें उसे प्रत्येक डीलर के विवरण के साथ ही माल की पहचान के लिए एचएसएन कोड, कीमत का उल्लेख भी करना होगा। हालांकि ई वे बिल का ट्रायल देश में 16 जनवरी से ही चल रहा है। अब 1 फरवरी से हरियाणा समेत 13 राज्य इसे लागू किया गया है।

राज्य आबकारी एवं कराधान विभाग के मुताबिक प्रदेश में ई वे बिल व्यवस्था को लागू करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके लागू होने के बाद अब अलग से ट्रांजिट पास लेने की जरूरत नहीं होगी। ई वे बिल जेनरेट करने के लिए डीलर अथवा ट्रांसपोर्टर्स को किसी कार्यालय अथवा चैक पोस्ट पर जाने की जरूरत नहीं है। बल्कि वे यूजर फ्रेंडली ई वे बिल प्रणाली के तहत वेबसाइट, लेपटॉप, एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एसएमएस द्वारा भी ई वे बिल जेनरेट कर सकेंगे। चूंकि जीएसटी कानून में चैक पोस्ट बनाने का प्रावधान ही नहीं है।

देश में 16 जनवरी से चल रहा है ई वे बिल का ट्रायल

अधिकतम 15 दिन होगी ई वे बिल की वैलेडिटी

एक से दूसरे राज्य तक माल पहुंचाने के लिए ई वे बिल की दूरी के हिसाब से वैलिडिटी तय की गई है।

0 से 100 किमी. तक 1 दिन।

100 से 300 किमी. तक 3 दिन।

300 से 500 किमी. तक 5 दिन।

500 से 1000 किमी. तक 10 दिन।

1000 किमी. से अधिक दूरी के लिए 15 दिन तक ई वे बिल वैलिड रहेगा।

अगर कोई ई वे बिल फाइल नहीं करता है तो उस पर बिल में दर्शायी जीएसटी वैल्यू के 200 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

ये लोग जेनरेट कर सकेंगे ई वे बिल

आबकारी एवं कराधान विभाग के मुताबिक अगर किसी एक वाहन में 50 हजार रुपए से ज्यादा की कीमत का माल परिवहन किया जाना है तो सप्लायर, रिसीवर यानी जिसके पास माल भेजा जा रहा है और ट्रांसपोर्टर्स तीनों में से कोई भी ई वे बिल जेनरेट कर सकता है। लेकिन, इसमें ट्रांसपोर्टर्स की अंतिम जिम्मेदारी रहेगी। इसमें सभी तरह का माल शामिल रहेगा, चाहे वह रिजेक्ट हो, बिक्री न होने से वापस किया जा रहा हो, रिपेयर, मेंटीनेंस और जॉब वर्क पर भेजे जाने वाला माल भी शामिल है।

इन राज्यों में आज से ई वे बिल लागू : आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, केरल, पुडुचेरी, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य शामिल हैं।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×