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फिटनेस के लिए हेल्दी लाइफ स्टाइल भी जरूरी

प्रिवेंटिव हेल्थ, फिटनेस एंड एंटी एजिंग पर एक हेल्थ सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें 100 से अधिक महिलाओं ने हिस्सा...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:10 AM IST

प्रिवेंटिव हेल्थ, फिटनेस एंड एंटी एजिंग पर एक हेल्थ सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें 100 से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया। इस हेल्थ सेमिनार का आयोजन हरियाणा वुमन वेलफेयर एसोसिएशन और पंचकूला लेडीज क्लब की सहभागिता में किया गया। सेमिनार का आयोजन आईवी वाई हॉस्पिटल्स, पंचकूला में किया गया। सेमिनार को संबोधित करते हुए, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. दीपक पुरी ने कहा कि जीवन शैली से संबंधित बीमारियां आजकल बीमारी और अचानक होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण है। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण हृदय रोग हैं, जो हर साल दुनिया भर में मरने वाले 58 मिलियन से 17 मिलियन लोगों की मौत का कारण बनते हैं। जीवन शैली से संबंधित अन्य रोगों में स्ट्रोक, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा, अवसाद, कैंसर और जोड़ों की समस्याएं शामिल हैं। उन्होंने कहा, यदि आप बीमार नहीं होते हैं और आप बूढ़े नहीं होते तो आप मरेंगे नहीं। आप लंबे समय तक एक स्वस्थ जीवन जीते हैं और शारीरिक तौर पर तंदरुस्त रहे हैं तो आपकी आयु और लंबी होने की संभावनाएं बेहतर होंगी। बीते वर्षों में फिटनेस की परिभाषा तेजी से बदली है और अब इसमें न केवल अच्छे दिखने, स्वस्थ शरीर की इच्छा शामिल हैं बल्कि स्वस्थ हृदय के साथ एक स्वस्थ और संतुलित मन भी इसमें शामिल है। जीवन शैली की बीमारियों की शुरुआत इस सदी के पहले दशक में ही हो गई थी और ये कितनी तेजी से बढ़ती हैं, ये व्यक्ति विशेष द्वारा अपनाई गई जीवनशैली पर निर्भर करता है जो कि संशोधित भी की जा सकती है।

‘प्रिवेंटिव हेल्थ, फिटनेस एंड एंटी एजिंग पर हेल्थ सेमिनार में महिलाओं को दी स्वस्थ रहने की जानकारी

इसके साथ ही अनुवांशिक तौर पर जोखिम कारक भी होता है, जिनको संशोधित नहीं किया जा सकता है। चूंकि जीवनशैली संबंधित रोगों को लेकर भारतीय नस्ल सर्वाधिक आसान और अतिसंवेदनशील है और पश्चिमी आबादी की तुलना में ये काफी जल्दी से इनका आसान शिकार बन रहे हैं। इसलिए हमें युवाओं में प्रतिरक्षात्मक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता फैलाने और स्वस्थ जीवन शैली को अपनाने की आवश्यकता है ताकि वह लंबे समय तक फिट और स्वस्थ बने रह सकें। हालांकि, 80 प्रतिशत जीवन शैली की बीमारियां रोका जाना संभव हैं लेकिन लोग इन महत्वपूर्ण पहलुओं को हमेशा नजरअंदाज करते हैं।

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