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शराब की सिंगल ड्रॉप भी आपकी सेहत के लिए खतरनाक: डॉ. मैक थेक्साफन

पीजीआई में चल रही नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज कांग्रेस,डॉ. मैक ने शराब पर हुई नई स्टडी को आधार बनाकर कहा।

bhaskar news | Last Modified - Nov 06, 2017, 03:05 AM IST

  • शराब की सिंगल ड्रॉप भी आपकी सेहत के लिए खतरनाक: डॉ. मैक थेक्साफन
    चंडीगढ़.शराब के सेवन को लेकर तरह-तरह की भ्रांतियां हैं। 30 एमएल अल्कोहल सेवन को सेहत के लिए अच्छा बताया जाता है। लेकिन हाल ही में हुई अमेरिकन स्टडी में साफ किया गया है कि अल्कोहल की सिंगल ड्रॉप का सेवन भी आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। यह बात पीजीआई में चल रही नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज कांग्रेस में हिस्सा लेने वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अल्कोहल एक्सपर्ट डॉ. मैक थेक्साफन ने कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिस तरह से स्ट्रेस लेवल बढ़ रहा है, ज्यादातर लोग हाईपरटेंशन के शिकार हैं और ऐसे में अल्कोहल सेवन करना सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है।
    अल्कोहल के सेवन से ही हर साल 4 फीसदी मौतें हो रही हैं। इसके अलावा लिवर सिरोसिस, फैटी लिवर और कैंसर जैसी बीमारियां बढ़ी हैं। लिकर के सेवन से शरीर में रक्त का प्रवाह तेज हो जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और दिल का दौरा पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। डॉ. मैक ने बताया कि चूंकि अल्कोहल में कैलोरीज बहुत अधिक मात्रा में होती हैं, जिससे डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है।
    देर रात काम के बाद शराब पीकर सो जाना और खतरनाक
    डॉ. मेक ने कहा कि अल्कोहल सेवन न करने में ही भलाई है। इसे लेकर दुनियाभर में डिबेट चल रही है। लाइफस्टाइल में हुए बदलाव के बाद देर रात काम करने के बाद देर से शराब पीकर लोग सो जाते हैं। वो अब ज्यादा खतरनाक सिद्ध हो रहा है। बॉडी लिकर को कंज्यूम ही नहीं कर पा रही है और नतीजतन बीमारियां बढ़ रही है। यही वजह है कि नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज से भारत में 60 फीसदी दुनिया में 68 फीसदी मौतें हो रही हैं। एनसीडी में अल्कोहल का सेवन भी एक बहुत बड़ा कारण माना जा रहा है। डाॅ. मैक ने कहा कि अल्कोहल के ज्यादा सेवन के बाद लोगों का अपने ऊपर नियंत्रण नहीं रहता, जिसके चलते एक्सीडेंट और सुसाइड के मामलों में भी इजाफा हो रहा है।
    डॉ. कभी नहीं कहते शराब आपकी सेहत के लिए ठीक
    एंडोक्रायोनोलोजी डिपार्टमेंट के प्रो. संजय भडाडा ने कहा कि डॉक्टर कभी भी अपने पेशेंट को शराब सेवन की सलाह नहीं देता। चंडीगढ़ में शराब का सेवन बहुत अधिक होता है। शराब के सेवन से अन्य बीमारियों के साथ-साथ डायबिटीज के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। हाल ही एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि चंडीगढ़ 14.6 फीसदी लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं।
    शराब के सेवन से इन बीमारियों का रहता है खतरा
    शराब के सेवन का सबसे बुरा असर लिवर पर पड़ता है। पहली स्टेज में लिवर फैटी हो जाता है। पहली स्टेज में अलर्ट हो गए तो धीरे-धीरे लिवर ठीक होना शुरू हो जाता है। लेकिन बाद में लिवर के सेल्स डेड होने लगते हैं। पेट की राइट साइड पर आपको भारीपन महसूस होने लगता है। इस स्टेज में भी डॉक्टरी सलाह मान लें तो इलाज के बाद 6 महीने में आपका लिवर ठीक हो सकता है। इसके बाद आपको अल्कोहल सिरोसिस की दिक्कत हो जाती है, जो कभी भी सामान्य नहीं हाे सकता।
    कैंसर : एक स्टडी के मुताबिक शराब बॉडी में जाने के बाद आपको गले का कैंसर, लीवर कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा ज्यादा होता है। अगर इसके साथ कोई स्मोकिंग करता है तो इन बीमारियों के चांसेज और बढ़ जाते हैं।
    मानसिक रोग : उम्र बढ़ने के साथ लगभग 1.9 अनुपात से लोगों का दिमाग सिकुड़ना शुरू हो जाता है। लेकिन शराब के सेवन के बाद दिमाग के सिकुड़ने की स्पीड और तेज हो जाती है। जिससे मानसिक रोग होने की संभावना बढ़ जाती है।
    हार्ट अटैक : शराब से आपको दिल का दौरा पड़ने की संभावना ज्यादा रहती है। शराब से प्लेटलेट्स खून के थक्के के रूप में जमना शुरू हो जाते हैं। इसकी वजह से हार्ट अटैक या स्ट्रोक की संभावना बढ़ जाती है।
    इम्यून सिस्टम :शराब के सेवन से शरीर में रोग-प्रतिरोधक क्षमता यानि इम्यून सिस्टम भी कमजोर हो जाता है। आपको बीमारियां जल्द अपनी चपेट में लेना शुरू कर देती हैं।
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