गीत कोई भी हो उसके शब्द और भावनाओं को समझें

Chandigarh News - यह बात तब की है जब हम विदेश में आयोजित एक कार्यक्रम में गा रहे थे। गाते-गाते मेरी नजर ऑडियंस पर गई, जो पहली और दूसरी...

Bhaskar News Network

Apr 17, 2019, 07:26 AM IST
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यह बात तब की है जब हम विदेश में आयोजित एक कार्यक्रम में गा रहे थे। गाते-गाते मेरी नजर ऑडियंस पर गई, जो पहली और दूसरी लाइन में बैठे थे। क्योंकि रोशनी सिर्फ दो ही लाइनों पर पड़ रही थी। गौर से देखने पर पता चला सब लड़कियां और औरतें रो रही है, फिर देखा उनके पति भी रो रहे है। फिर मैंने अपनी नज़र साथ में गा रही मां सुरिंदर कौर और बेटी सुनैनी की ओर घुमाई तो देखा वो भी रो रही थी। फिर क्या था मैं भी रोने लगी। कार्यक्रम वहीं पर बंद हो गया, पानी पीकर और थोड़ा खुद को संभालकर फिर से कार्यक्रम शुरू हुआ। पंजाबी गायिका डॉली गुलेरिया ने जब मंगलवार को सेक्टर- 16 के पंजाब कला भवन में अपनी बेटी सुनैनी और नातिन रिया के साथ मावा ते तियां गाना गाया तो इस गाने से जुड़ी बहुत पुरानी याद को लेकर ऐसा बोलीं। मौका था डॉली गुलेरिया के 70वें जन्मदिन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम का। इस दौरान केक कटिंंग सेरेमनी भी हुई। इसे पंजाब संगीत नाटक अकादमी की ओर से करवाया गया। डॉली बात को आगे बढ़ाती हुए बोलीं- ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जो गाने पहले बने हैं वह भावनाओं को छूते थे वह भी शब्दों और धुनों के जरिए। ऐसे में ऑडियंस का ही नहीं, बल्कि हमारा भी भावनाओं में बहाना लाजमी है।

वहीं बीबी हरजिंदर कौर डॉली गुलेरिया के बारे में बात करती हुई भावुक हो गई। बोलीं- एक बार टैगोर थिएटर में मेरी मुलाकात पंजाब की कोयल सुरिंदर कौर जी से हुई। वह मुझसे बोलीं कि तुम जितना देखने में सुंदर हो उतना ही सुंदर तुम्हारा मन भी है। सच कहूं जब मैं डॉली गुलेरिया से मिली और काफी वक्त उनके साथ बिताया तो लगा कि वह देखने तो सुंदर है, मन भी उतना ही सुंदर है।

Celebration

पंजाब कला भवन में मंगलवार को पंजाबी सिंगर डॉली गुलेरिया का 70वां जन्मदिन मनाया गया। इस दौरान उनकी बेटी सुनैनी और नातिन रिया ने एक साथ परफॉर्म किया। उन्होंने यादों को भी साझा किया।

लट्ठे दी चादर..... तीनों जेनरेशन ने पहले लट्ठे दी चादर, उत्ते स्लेटी रंग माहिया, मावा ते तियां गया। इसके बाद डॉली गुलेरिया और बेटी सुनैनी ने अखियां च तू वसदा गाया। इसके अलावा भी उन्होंने कई लोक गीत सुनाए।

बनाएंगे डॉक्यूमेंट्री फिल्म

डॉली गुलेरिया के बारे में पंजाब संगीत नाटक अकादमी के प्रधान केवल धालीवाल बोले- हमें तो बस मौके की तलाश थी और वह जरिया बना जन्मदिन। यह वो शख्सियत है, जिन्होंने हमारी विरासत को न केवल संभाल कर रखा है, बल्कि पीढ़ी दर पीढ़ी इसको आगे भी बढ़ा रहे हैं। एक बार किसी ने सवाल पूछा तो लगा जीती-जागती विरासत के बारे में डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनानी चाहिए, जिसमें विरासत के सफर के बारे में बताया जाए। यानि जल्द ही डॉली गुलेरिया पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाएंगे।

कभी डायरी में नहीं लिखे गाने

बेटी सुनैनी बोलीं- नानी और मां के गाने मुझे मुजुबानी याद हैं। इसलिए परफॉर्मेंस के दौरान कोई नोट्स या लिस्ट बनाने की जरूरत महसूस नहीं हुई। इसे आशीर्वाद ही समझ सकते हैं। नानी और मां से यही सीखने को मिला है कि गाना कोई भी हो पहले खुद उसके बोल की भावनाओं को समझें। तभी ऑडियंस को खुद से जोड़ पाओगे।

दोस्त हैरान भी थे और खुश भी

नातिन रिया बोलीं- घर में गाने का माहौल था तो मैं भी इस माहौल में रम गई। नानी डॉली मेरी दोस्त हैं, मैं हर बात उनसे शेयर करती हूं। मैंने जब अपने दोस्तों को नानी डॉली गुलेरिया और परनानी सुरिंदर कौर के बारे में बताया तो वह हैरान थे और खुश भी थे। मुझसे कहते कि तुम इतनी महान शख्सियत के घर में पैदा हुई हो।

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