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बनना था मेकेनिकल इंजीनियर बन गया भजन गायक: मनहर उधास

6 वर्ष पहले
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चंडीगढ़। 60 के दशक में मैंने मेकेनिकल इंजीनियरिंग की। मैं इंजीनियर बनने के लिए गुजरात से मुंबई गया, लेकिन सिंगर बन गया। इसके पीछे परिवार का बेक ग्राउंड का भी अहम रोल रहा। यह कहना है मशहूर भजन गायक मनहर उधास का। मनहर उधास शहर में सेक्टर -29 स्थित साई बाबा मंदिर के 21वें स्थापना दिवस के मौके पर चंडीगढ़ आए हुए हैं। वे बताते हैं कि आज वह जो कुछ भी हैं संजय लीला भंसाली की वजह से हैं।

एक दिन मेरी पहचान संजय लीला भंसाली से हुई​:
मनहर उधास बताते हैं कि 1960 में मैंने मेकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। मैं गुजरात में रहता था। डिग्री हासिल करने के बाद 1960 के दशक में नौकरी की तलाश में मुंबई गया। वहां मैंने कुछ समय एक कंपनी में नौकरी की भी। इसी दौरान मेरी पहचान संजय लीला भंसाली से हुई। घर में संगीत का माहौल था। मैं उनके साथ बैठाना शुरू हो गया। मैं उन्हें गाकर सुनाता था। एक दिन उन्होंने कहा आपकी आवाज टेस्ट करना है। कमिटमेंट नहीं करते थे। मैंने गाना गाया। यह गाना फिल्म विश्वास के लिए गाया जा रहा था। हालांकि, मुझे बताया नहीं गया था। तीन-चार महीने बाद जब फिल्म आई तो मुझे पता चला। गाना मशहूर हुआ । इस तरह से इंडस्ट्री में मेरी एंट्री हुई। हालांकि इसके बाद संघर्ष का दौर जारी रहा।
कुछ ऐसे हुई साई बाबा के भजन गाने की शुरुआत...

संगीत मेरा जीवन है। सुबह से रात मेरे जीवन में संगीत ही है। जहां तक बाबा के भजन गाने का सवाल है तो इसके पीछे भी एक कहानी है। बात बहुत पुरानी है। फिल्म इंडस्ट्री के पीआर होते थे, उन्होंने बाबा के कुछ भजन लिखे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने साई बाबा के कुछ भजन लिखे हैं, अगर आप इन्हें गाए तो उन्हें अच्छा लगेगा। जब मैंने उनके लिखे हुए भजन पढ़े तो मेरे अंदर एक बाबा के प्रति श्रद्धा जागी। मैंने बाबा के भजन गाने शुरू कर दिए। हमारा पहला एल्बम साईं अर्पण के नाम से आया। यह एल्बम काफी पसंद किया गया। यह कहना था मशहूर भजन गायक मनहर उधास का । वे सेक्टर 29 स्थित साईं बाबा मंदिर के 21वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित भजन संध्या के लिए यहां आए थे। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में बाबा के मंदिर के साथ उनका लगाव है। उन्होंने यहां वह चौथी बार आ रहे हैं। यहां आने पर ऐसा लगता है बाबा का प्यार उन्हें बुला रहा है। मैं खिंचा चला आता हूं।

मनहर उधास के सिंगिंग सफर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि 400 से ज्यादा हिन्दी फिल्मों के लिए गा चुके हैं। इसके अलावा गुजराती में भी खूब गाया है। 23 एल्बम साईं बाबा के भजनों के हैं। जब उनसे पूछा गया कि इतने सारे भजनों में उनका सबसे पसंदीदा भजन कौनसा है तो उन्होंने कहा कि उन्हें .... एक झोली में फूल भरे हैं एक झोली में कांटे रे, कोई कारण होगा.... यह भजन मुझे बहुत पसंद है।

शिरडी के ये पल नया एल्बम: उधास ने कहा कि उनका हाल ही में नया भजन संग्रह आया है जिसका टाइटल है शिरडी के यह पल। उन्होंने कहा आज मैं इसका एक इमोशनल भजन पेश करूंगा।
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