Hindi News »Union Territory »Chandigarh »News» 15.16 Lacs Heritage Furniture

15.16 लाख में बिका हैरिटेज फर्नीचर, यूके में पीयरे जेनरे फर्नीचर की लगी बोली

इस हफ्ते यूके में पीयरे जेनरे द्वारा चंडीगढ़ में रहते हुए डिजाइन किए गए तीन आईटम बिके।

yograj sharma | Last Modified - Jan 21, 2018, 11:42 AM IST

15.16 लाख में बिका हैरिटेज फर्नीचर, यूके में पीयरे जेनरे फर्नीचर की लगी बोली

चंडीगढ़।यूटी चंडीगढ़ को बनाने वाले ली कार्बुजिए के साथी रहे पीयरे जेनरे ने यहां रहते हुए कई फर्नीचर को डिजाइन किया। लेकिन इनके विदेशों तक पहुंचने को लेकर कोई रोक नहीं लग पा रही है। इसके चलते लगातार मामले विदेशों में यहां चंडीगढ़ का फर्नीचर बताकर लाखों रुपए ऑक्शन हाउस कमाई कर रहे हैं।

कई शिकायतें इसको लेकर लोकल अथॉरिटी से लेकर केंद्र सरकार और सीबीआई तक को की जा चुकी है लेकिन अभी तक कार्रवाई एक पर भी नहीं हुई है।


इस बार यूके में बिके तीन आईट्म्स...

इस हफ्ते यूके में पीयरे जेनरे द्वारा चंडीगढ़ में रहते हुए डिजाइन किए गए तीन आईटम बिके। इसमें पंजाब यूनिवर्सिटी के कैफेटेरिया से डाइनिंग टेबल को 8125 डॉलर में नीलाम किया गया, कुर्सियों के एक सैट की बोली 13750 डॉलर लगी और एक और कुर्सियों के सैट की बोली 10 हजार डॉलर लगी। इस तरह से कुल 15.16 लाख रुपए में ये तीनों फर्नीचर बिका।

सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम मिनिस्टरी ऑफ फाइनेंस को कंप्लेंट...

इस बारे में चंडीगढ़ के एडवोकेट जिन्होंने पहले भी कई कंप्लेंट इस तरह की ऑक्शन को लेकर की है उन्होंने सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम मिनिस्टरी ऑफ फाइनेंस गवर्नमेंट ऑफ इंडिया देबी प्रसाद को की है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि कई बार शिकायतें की जा चुकी है लेकिन बावजूद इसके आज तक न तो कार्रवाई हुई और न ही इस तरह के मामलों को होने से रोका जा रहा है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Chandigarh News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: 15.16 laakh mein bika hairitej frnichr, yuke mein piyre jenre frnichr ki lagi boli
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×