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भाजपा सरकार के चिंतन शिविर बोले हुड्डा, हरियाणा में तीन दिन रही शांति

भाजपा सरकार के चिंतन शिविर बोले हुड्डा, हरियाणा में तीन दिन रही शांति

Danik Bhaskar | Dec 23, 2017, 12:52 PM IST

चंडीगढ़. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की ताजपोशी को लेकर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि यह 132 साल पुरानी पार्टी है। इसमें हर अध्यक्ष ने एक नया अध्याय जोड़ा है। चाहे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी हों, राजीव गांधी अथवा सोनिया गांधी। अब राहुल गांधी के नेतृत्व में देश और पार्टी को नई मजबूती मिलेगी। उनसे जब हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर के पार्टी में योगदान को लेकर सवाल हुआ तो बोले, मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष की बात कर रहा हूं। लेकिन, प्रदेशाध्यक्ष के मामले में चुप्पी साध गए।


हुड्डा शुक्रवार को चंडीगढ़ में अपने सरकारी आवास पर मीडिया से बात कर रहे थे। गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनावी नतीजों का राज्य की राजनीति पर असर पडऩे संबंधी सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यहां के लोग फैसला कर चुके हैं। इस भाजपा सरकार से समाज का हर वर्ग दुखी है। सरकार नाम की कोई चीज नहीं है।

कानून-व्यवस्था इस कदर बिगड़ चुकी है कि महिला, बच्चे, किसान, मजदूर और व्यापारी अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। भाजपा के तीन दिवसीय चिंतन शिविर को लेकर उन्होंने कहा कि जब तक सरकार चिंतन में रही, तब तक प्रदेश में भी शांति रही। जैसे ही सरकार टिंबर ट्रेल से लौटी तो प्रदेश में आपराधिक वारदातें फिर से शुरू हो गईं। हाल ही में हुई पत्रकार की मृत्यु के मामले में उन्होंने निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की। हुड्डा ने कहा कि प्रदेश के लोग अब तो इंतजार कर रहे हैं कि मौजूदा भाजपा सरकार को स्थायी रूप से ही टिंबर ट्रेल पर कब जाए।


उन्होंने कहा कि भाजपा का चिंतन शिविर मात्र ड्रामा था। इतना खर्चा करके भी पहाड़ पर जाकर चिंतन में निकला क्या कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए हिसार में राउंड टेबल मीटिंग करेंगे। उसमें किसानों से ही सुझाव लेंगे। ये फैसला तो सचिवालय में बैठकर भी हो सकता था।

अगर, सरकार वास्तव में ही किसानों की आय बढ़ाना चाहती है तो उन्हें लागत मूल्य में 50 फीसदी मुनाफा दे। राज्य में खाद संकट के लिए उन्होंने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया।शिरोमणि अकाली दल के हरियाणा में चुनाव लडऩे पर उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक ड्रामा है। इनेलो और अकाली दल की दोस्ती कभी नहीं टूटी। वे दोनों मिलकर सत्तारूढ़ भाजपा का सहयोग कर रहे हैं।