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३१ जनवरी तक सभी अफसरों से लेकर इंप्लाइज तक को अपनी प्रॉपर्टी का ब्यौरा देना कंपल्सरी

३१ जनवरी तक सभी अफसरों से लेकर इंप्लाइज तक को अपनी प्रॉपर्टी का ब्यौरा देना कंपल्सरी

Danik Bhaskar | Jan 21, 2018, 11:26 AM IST

चंडीगढ़। यूटी चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से अपने सभी अफसरों और कर्मचारियों से उनकी प्रॉपर्टी को लेकर प्रॉपर डिटेल मांगी गई है। इस बारे में डिपार्टमेंट ऑफ पर्सोनल की तरफ से लैटर सभी डिपार्टमेंट्स के एचओडी को भेजा गया है जिसमें कहा गया है कि 31 दिसंबर 2017 तक की डिटेल इमूवेबल और मूवेबल प्रॉपर्टी की डिटेल की जानकारी सभी इंप्लाइज को प्रोवाइड कर वानी होगी।

इसमें मानव संपदा पर सारी अचल संपत्ति, संपत्ति, चल संपत्ति,प्रोविडेंट फंड एंड लाइफ इंश्योरेंस और देनदारी की सही-सही जानकारी देनी होगी। यह जानकारी सिर्फ ए, बी, और सी क्लास के इंप्लाइज को ही देनी होगी, डी केटेगरी के इंप्लाइज को इस जानकारी से दूर रखा गया है। यह फरमान सभी सरकारी दफ्तरों में आया है।


टीचर्स परेशान:- दरअसल हर इंप्लाइ और टीचर हर साल इनकम टैक्स की रिटर्न भरता है और उस में तकरीबन सारी जानकारी देता है, इस के बाद इंप्लाइज और टीचर्स के लिए ऐसा तानाशाही फरमान निकालने का सरकार का क्या मतलब है। सभी इंप्लाइज और टीचर्स को डराया जा रहा है के जब आप यह एनुअल प्रॉपर्टी रिटर्न नहीं भरोगे तब तक आप की एनुअल कॉन्फिडेंस रिपोर्ट नहीं लिखी जाएगी।

अगर आरटीआई एक्ट-2005 के तहत भी अगर कोई पूछता है के आप के बैंक एकाउंट में कितने पैसे है तो नियम के मुताबिक यह जानकारी किसी को नहीं दे सकते तो फिर सरकार तो यह पूछ रही है के आप के बैंक एकाउंट में कितने पैसे है, सोना-चांदी, ज़मीन,गाड़ी, स्कूटर, म्यूचल फंड, प्रोविडेंट फंड एंड लाइफ इंश्योरेंस और आप की पत्नी और बच्चों के पास कितना पैसा है। यूटी कैडर एजुकेशनल इम्प्लाइज यूनियन ने इस ऑर्डर का विरोध जताया है और कहा है कि जब सैलरी का सारा सिस्टम ऑनलाइन है तो इस तरह की जानकारी देने का क्या मतलब है।