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हरियाणा कांग्रेस का अब पंचकूला में १ और २ फरवरी को होगा मंथन शिविर

हरियाणा कांग्रेस का अब पंचकूला में १ और २ फरवरी को होगा मंथन शिविर

vikas sharma | Last Modified - Jan 25, 2018, 07:17 PM IST

धर्मशाला।दलाईलामा के निजी चिकित्सक रह चुके बौद्ध भिक्षु डॉ.यशी डोंडन को भारत सरकार ने उनकी तिब्बती आयुर्वेद पद्धति में हासिल की गई उपलब्धियों के चलते पदमश्री पुरस्कार सम्मानित किया गया है। वीरवार देर शाम पदमश्री पुरस्कार पाने वालों की घोषणा की गई थी। 91वर्षीय डॉ.यशी डोंडन ने 23मार्च 1961को तिब्बत से भारत में शरणार्थी के रूप में आकर तिब्बती िचकित्सा पद्धति की नींव रखी थी।

14वें दलाईलामा की देखरेख में उन्होंने धर्मशाला में तिब्बतियन मेडिकल एंड एस्ट्रो इंस्टीच्यूट की स्थापना कर इस पद्धति को आगे बढ़ाया। डॉ.यशी डोंडन का तिब्बत के लोका क्षेत्र में 15मई 1927को जन्म हुआ था। उनका परिवार तिब्बत की बहुप्रचलित चिकित्सा पद्धति के लिए प्रसिद्ध था। डॉ.यशी डोंडन ने अपनी 20वर्ष की आयु में ही इस पद्धति का प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया था। भारत में निर्वासन का जीवन व्यतीत करने के साथ वह वर्ष 1961से लेकर 1980तक दलाईलामा के निजी चिकित्सक के रूप में कार्यरत रहे। इन्हीं वर्षों के दौरान उन्होंने तिब्बती चिकित्सा पद्धति में शोध करने के साथ-साथ कैंसर जैसे घातक अासाध्य रोगों के उपचार में प्रागणता हासिल की। यहां तक कि उन द्वारा किए गए शोध पत्रों को दुनिया की सबसे बेहतर मार्डन मेडिकल साइंस अमेरिका के वैज्ञानिकों ने भी मान्यता दी। इसी के चलते उन्होंने वर्ष 1980में तिब्बतियन मेडिकल एंड एस्ट्रो इंस्टीच्यूट से रिटायर होने के उपरांत मैक्लोडगंज में तिब्बितयन हर्बल क्लीनिक से निजि क्लीनिक की शुरूआत की। डॉ.यशी डोंडन किसी भी रोगी के पेशाब और नब्ज का अध्ययन कर उनके रोगों की जांच कर तिब्ब्ती आयुर्वेदिक दवाइयां देते हैं। दुनिया भर के अासाध्य घातक रोगों के रोगी उपचार के लिए उनके मैक्लोडगंज स्थित क्लीनिक में आते हैं।

तीन दिन पहले देते हैं मरीज को टोकन...

डॉक्टर येशी से मिलने के लिए उनके तिब्बितयन हर्बल क्लीनिक पर सुबह पांच बजे ही मरीजों की लाइन लग जाती है। मरीजों को मिलने के लिए टोकन दिए जाते हैं, टोकन मिलने के तीन दिन बाद डॉक्टर येशी मरीज से मिलते हैं। देश-विदेश के रोगी भारी संख्या में उनसे उपचार करवा कर लाभ प्राप्त कर चुके हैं। इन्हीं उपलब्धियों के चलते उन्हें वर्ष 2018 के पदमश्री अवार्ड की सूची में सम्मिलित किया गया।

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