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हिमाचल के सीएम जयराम की सरकार का फैसला, नहीं बनेंगे सीपीएस

हिमाचल के सीएम जयराम की सरकार का फैसला, नहीं बनेंगे सीपीएस

Danik Bhaskar | Jan 06, 2018, 12:47 PM IST

शिमला। पहली बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने जयराम ठाकुर ने सत्ता संभालते ही वित्तीय संकट को दूर करने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसकी शुरूआत अपनी ही सरकार के खर्चों में कटौती कर की जाएगी। हर सरकार में राजनीतिक समन्वय के लिए बनाए जाने वाले मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) की नियुक्तियां जयराम सरकार फिलहाल नहीं करेगी। सूत्रों की मानें तो इस निर्णय के पीछे दूसरा कारण कानूनी पेचीदगियां भी बताया जा रहा है। हिमाचल, दिल्ली और हरियाणा राज्यों में पूर्व में सीपीएस की नियुक्तियों को हाईकोर्ट में चुनौती मिल चुकी है।



हिमाचल में गैर सरकारी संस्था मामले को कोर्ट में चुनौती दी थी जिसमें कहा गया था कि मुख्य संसदीय सचिवों की नियुक्तियों का कोई प्रावधान नहीं है। सिर्फ चहेतों को खुश करने के लिए सरकारें मुख्य संसदीय सचिव की नियुक्तियां करती हैं। जो कि नियमों के खिलाफ है। सरकार के निर्णय से इन पदों के चाहवानों को झटका लगा है। प्रदेश में कई जगहों से मंत्री बनने से वंचित रहे विधायकों और पहली बार जीते विधायकों को सीपीएस बनाने की लोग लगातार मांग उठा रहे हैं। शुक्रवार को शिमला प्रेस क्लब में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जयराम ने कहा कि सीपीएस बनाने की फिलहाल कोई मंशा नहीं है। वित्त विभाग ने मुझे जो रिपोर्ट सौंपी है उसके मुताबिक प्रदेश की वित्तीय स्थिति दयनीय है।

नॉन एक्रेडेटिड पत्रकारों के लिए भी फ्री बस सुविधा...

मुख्यमंत्रीने प्रेस क्लब के कार्यक्रम में 10 किमी एरिया में नॉन एक्रेडेटिड पत्रकारों को बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। जल्द ही पत्रकारों को निजी एवं सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिल सकेगी। नॉन एक्रेडेटिड पत्रकारों को बसों में बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की मांग पूर्व कांग्रेस सरकार के समय से चल रही है। शुक्रवार को प्रेस क्लब ने सीएम जयराम के सामने ये मांग उठाई।