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सुंदर मुंदरिए ...कल अगनि पूजन शाम ६ से रात्रि ११.५० बजे तक

सुंदर मुंदरिए ...कल अगनि पूजन शाम ६ से रात्रि ११.५० बजे तक

Danik Bhaskar | Jan 12, 2018, 04:53 PM IST
शहर में पिछले दो दिन से लाहड़ी प शहर में पिछले दो दिन से लाहड़ी प

चंडीगढ़। आज शनिवार को लोहड़ी पर्व मनाया जाएगा। पंडितों और ज्योतिषियों के मुताबिक शाम 6 बजे से 11.40 बजे लोहडी पूजन का मुहूर्त है। लकड़ियां, समिधा, रेवड़ियां, तिल सहित अग्नि प्रदीप्त करके अग्नि पूजन करके लोहड़ी का पर्व मनाएं। शनिवार इस दिन तिल द्वादशी रात्रि 11.50 बजे तक रहेगी । 14 जनवरी रविवार को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा जिसे मकर संक्राति कहते हैं यह पर्व दक्षिणायन के समाप्त होने और उत्तरायण प्रारंभ होने पर मनाया जाता है।

वृद्धि योग भी है...

संपूर्ण भारत में लोहड़ी का पर्व धार्मिक आस्था, ऋतु परिवर्तन, सामाजिक औचित्य से जुड़ा है ।ज्योतिषचार्य मदन गुप्ता सपाटू कहते हैं इस बार लोहड़ी के दिन वृद्धि योग बन रहा है। सायंकाल लोहड़ी जलाने का अर्थ है कि अगले दिन सूर्य का मकर राशि में प्रवेश पर उसका स्वागत करना। कृषक समाज में नव वर्ष भी आरंभ हो रहा है। लोहड़ी दुल्ला भटटी की सांस्कृतिक धरोहर को संजोय रखने का पर्व है। लोहड़ी पूजन के बाद अग्नि की परिक्रमा करने से शरीर में गति आती है । सपाटू का कहना है कि ज्योतिषीय दृष्टि से सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं। दिन बढ़ने आरंभ हो जाते हैं।

मकर संक्राति...

रविवार 14 जनवरी को सूर्य दोपहर 1.45 बजे मकर राशि में आऐंगे इसका पुण्यकाल भी सूर्योदय से सूर्यास्त तक रहेगा।14 जनवरी को ध्रुव योग, गंडमूल नक्षत्र, वृश्चिक राशि सिंह लग्न, स्वार्थ योग, परिजात योग भी होंगे। 14 जनवरी को उदया तिथि होने के कारण भी इस दिन संक्राति मनाई जाएगी। 6 साल बाद रवि प्रदोष के संयोग से इस बार शुभ संयोग संक्राति पर आए हैं।

आंशिक काल सर्प योग...

मलमास समाप्त हो जाएगा और रूके हुए सभी शुभ कार्य करना सार्थक रहेगा। गोचर में आंशिक काल सर्प योग भी विद्यमान है। मकर संक्राति पर दान का विशेष महत्सव है जिस क्षमतानुसार पूर्ण आस्था व विश्वास से करें। गुड तिल खिचडी व अन्न का दान।

मकर संक्राति मुहूर्त...

पुण्य काल : दोपहर 2 से 5.41 बजे तक
मुहूर्त की अवधि : 3 घंटे 41 मिनट
संक्राति समय : दोपहर 2 बजे
महापुण्य का मुहूर्त : दोपहर 2 बजे से 2.24 बजे तक
मुहूर्त अवधि : 23 मिनट

मकर संक्राति पर करें...


तीर्थ स्नान, दान व देव कार्य एंव मंगलकार्य करने से विशेष लाभ होगा। सूर्योदय के बाद खिचडी बनाकर तिल के गुडवाले लड्डु सूर्यनारायण को अर्पित करें। नहाने के जल में मिल डालने चाहिए। माघ महात्मय पाठ करें।

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