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हिमाचल इलेक्शन, हिमाचल इलेक्शन, हिमाचल इलेक्शन, हिमाचल इलेक्शन

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Dainik Bhaskar

Dec 18, 2017, 11:57 AM IST
पिता प्रेम कुमार धूमल और दोनों पिता प्रेम कुमार धूमल और दोनों

चंडीगढ़। बीजेपी ने पूर्व सीएम और इस बार के चुनाव में CM Candidate प्रेम कुमार धूमल चुनाव हार गए हैं। धूमल बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एवं सांसद अनुराग ठाकुर के पिता भी हैं। उन्हें कांग्रेस के राजेंद्र राणा ने शिकस्त दी है। इसी चुनाव में अनुराग ठाकुर के ससुर गुलाब सिंह को भी करारी हार का सामना करना पड़ा। धूमल को हिमाचल की राजनीति का चाणक्य भी कहा जाता है। अक्सर क्रिकेट बोर्ड और इंडियन क्रिकेट को लेकर चर्चा में रहने वाले अनुराग की पर्सनल लाइफ हमेशा लाइमटाइट से दूर ही रही।

कौन हैं शेफाली ठाकुर...


- अनुराग ठाकुर की वाइफ का नाम शेफाली है। वे हिमाचल प्रदेश के पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री रहे गुलाब सिंह ठाकुर की बेटी हैं। गुलाब सिंह को भी इस बार चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
- अनुराग-शेफाली ने 2002 में शादी की थी। कपल के दो बेटे जयादित्य और उदयवीर हैं।

दो बार सीएम रह चुके हैं अनुराग के पिता


- अनुराग के पिता धूमल दो बार हिमाचल प्रदेश के सीएम रह चुके हैं। जबकि इस बार सीएम कैंडीडेट होते हुए उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
- अनुराग ठाकुर का जन्म 24 अक्टूबर, 1974 को हमीरपुर में हुआ था। उनका एक छोटा भाई अरुण ठाकुर भी हैं।
-अनुराग की स्कूलिंग जालंधर के दयानंद मॉडल स्कूल से हुई। उन्होंने जालंधर के ही दोआबा कॉलेज से बीए किया। यहीं से उनके पिता ने भी पढ़ाई की थी।
- मई, 2008 में राजनीति में एंट्री ली। बीजेपी की ओर से 14वीं, 15वीं और 16वीं लोकसभा के लिए चुने गए।
- अनुराग मई, 2016 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष चुने गए।इससे पहले बोर्ड में सचिव थे।
-अनुराग ठाकुमर 29 जुलाई, 2016 को बीजेपी के पहले ऐसे सांसद बने जिन्हें Territorial army में नियमित कमिशन्ड ऑफिसर बनाया गया।
-ये ऑल इंडिया भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रेसिडेंट बनाए गए। 26 जनवरी, 2011 को कोलकाता से श्रीनगर (लाल चौक) तक झंडा फहराने के लिए निकाले गए मार्च से सुर्खियों में आए।
- अनुराग बचपन से ही क्रिकेट के लिए क्रेजी थे। वे ऑफ ब्रेक बॉलर थे। ग्रुप लेवल पर पंजाब और नॉर्थ जोन को रिप्रजेंट किया। U-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में पंजाब की कप्तानी भी कर चुके हैं।
- 25 साल की उम्र में जब युवा क्रिकेटर बनने का सपना देखते हैं, अऩुराग तब जूनियर नेशनल सिलेक्टर बनना चाहते थे। इसके लिए कैंडीडेट को कम से कम एक रणजी मैच खेलना जरूरी था, लेकिन उनके पास ये अनुभव नहीं था।
- अपने सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने 2000-01 में सिर्फ एक रणजी मैच खेलकर क्रिकेट से रिटायरमेंट ले लिया था। ये मैच हिमाचल प्रदेश और जम्मू टीम के बीच था। उन्होंने मैच में 2 विकेट भी लिए थे।
- 26 साल की उम्र में अनुराग हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) के अध्यक्ष बन गए थे। HPCA के सबसे युवा प्रेसिडेंट थे।
-धर्मशाला में क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण का श्रेय अनुराग ठाकुर को ही दिया जाता है। अब वे फुलटाइम क्रिकेट एकेडमी खोलने की तैयारी कर रहे हैं।
- वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) ने 2014 में उन्हें ग्लोबल यंग लीडर्स की अपनी लिस्ट में शामिल किया था।

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पिता प्रेम कुमार धूमल और दोनोंपिता प्रेम कुमार धूमल और दोनों
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