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एक अंगुली लगाने से हिलने लगती है ये चट्टान, कुछ ऐसी है इसकी पूरी कहानी

एक अंगुली हिलती है यह भारी भरकम शिला, बड़ी से बड़ी मन्नत कर देती है पूरी

sanjay saini/ khem singh | Last Modified - Jan 06, 2018, 03:45 PM IST

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    हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में जंजैहली गांव में इस चट्टान को पांडव शिला कहा जाता है। शिला में स्थानीय लोगों की गहरी आस्था है।

    मंडी। हिमाचल के मंडी जिला के जंजैहली गांव में एक ऐसी विशालकाय चट्टान है जिसे पांडव शिला कहा जाता है। पांडव शिला नामक इस भारी भरकम वजनी चट्टान को पांडवों ने अपने अज्ञात वास के दौरान निशानी के तौर पर यहां रखा था। इस चट्टान को देख कर यकीन नहीं होता कि इसे एक अंगुली से हिलाया जा सकता है, मगर यह सच कि आप इसे एक अंगुली से हिला सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर...

    यह है विशेषता...

    कहा जाता है कि अपने अज्ञात वास के दौरान पांडव यहां पर रुके थे। यहां से जाने से पहले अपनी निशानी के तौर पर एक छोटी चट्टान पर भीम ने इस बड़ी चट्टान को कुछ इस प्रकार रखा था कि यह आज तक उस स्थान से नहीं हटी है। अब यह पांडव शिला लोगों के आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। पांडव शिला की यह विशेषता है कि इसे एक अंगुली से हिलाया जा सकता है। जिसके कारण यह लोगों के आकर्षण का केंद्र वर्षों से बनी हुई है। महाभारत काल की यह चट्टान पांडव शिला जंजैहली के कुथाह के पास है। हजारों सालों से यह चट्टान लोगों के आकर्षक का केंद्र तो बनी ही है, वहीं इसे आज तक कोई भी आंधी तूफान इस स्थान से नहीं हटा पाया है।

    लोगों के लिए है अजूबा...

    जिस तरह से यह विशालकाय चट्टान एक छोटी चट्टान पर टिकी हुई है उससे यह लोगों के लिए अजूबा है। जिसे कोई भी व्यक्ति अपनी एक अंगुली से हिला तो सकता है लेकिन इसे अपने मूल स्थान से हटा या पलट नहीं सकता। पांडव शिला नामक यह चट्टान लोगों की आस्था का भी केंद्र बनी हुई है। कहां जाता है कि आस्था के रूप में और अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए लोग इस पांडव शिला पर छोटे पत्थर फेंकते है। यदि पत्थर इस भारी भरकम चट्टान पर ही अटक जाए तो पत्थर फेंकने वाले व्यक्ति की मनोकामना पूर्ण हो जाती है और यदि चट्टान पर न अटके और नीचे गिर जाए तो माना जाता है कि उस व्यक्ति की मनोकामना पूरी नहीं हो पाती।
    देश विदेश से पहुंचते है लोग यहां...

    पांडव शिला नामक चट्टान को देखने के लिए प्रदेश के अलावा देश विदेश के लोग यहां पहुंचते हैं। आस्था का केंद्र बन चुकी पांडव काल की इस शिला को लोग अंगुली से या फिर अपने दोनों हाथों से हिलाते भी है ताकि इसकी सच्चाई को जान सके।

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    शिला पर छोटे पत्थर फेंक कर मांगी जाती है मन्नत।
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    पांडव शिला को एक अंगुली से हिला देते हैं यहां आने वाले श्रद्धालु।
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    कुछ लोग इसे हाथ से गिराने का भी प्रयास करते हैं।
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    शिला को हिलाते श्रद्धालु।
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    कहा जाता है कि शिला को पांडवों ने निशानी के तौर पर रखा था।
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    शिला के पास एक साइन बोर्ड भी लगा हुआ है।
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Web Title: Pandav Shila Situated In Janjehli Village Distt Mandi Himachal Pradesh
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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