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विकास, विकास विकास टेस्टिंग

विकास, विकास विकास टेस्टिंग

Danik Bhaskar | Dec 08, 2017, 02:07 PM IST
ऐसे यहां पार्टी करते है इजराइल ऐसे यहां पार्टी करते है इजराइल

चंडीगढ़। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला में कसोल और धर्मशाला में धर्मकोट गांव जिसे इंडिया का मिनी इजराइल कहा जाता है, आतंकियों के निशाने पर है। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में पकड़े गए आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शेख अब्दुल नईम के कुल्लू जिला के कसोल सहित अन्य स्थानों की कुछ समय पहले रेकी करने के खुलासे के बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस ने मिनी इजराइल में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। मिनी इजराइल इंडिया का वह इलाका है, जहां पर इजराइली लोग सेल्फ स्टाइल्ड जिंदगी जीते हैं और उनकी जिंदगी में भारतीय नागरिकों की दखल अंदाजी भी कम रहती है। पढ़ें पूरी खबर...

लश्कर-ए-तैयबा के निशाने पर इजरायली समुदाय...

जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) व प्रदेश पुलिस के स्पेशल एक्शन ग्रुप (सैग) की संयुक्त टीम ने बुधवार से कुल्लू जिला की मणिकर्ण घाटी में सर्च अभियान चला रही है। सैग के विशेष कंमाडो दस्ते हथियारों से लैस होकर खासकर कसोल सहित पूरे क्षेत्रों का का दौरा कर रहे हैं। घाटी में इजरायली ठिकानों का फौरी निरीक्षण कर कुछ ट्रैक रूट भी खंगाले गए। हिमाचल को आतंकियों के निशाने पर देखते हुए प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और धर्मशाला के धर्मकोट में भी सुरक्षा बढ़ा दी है।

NIA का चल रहा है सर्च ऑपरेशन...

एनआइए व सैग के साथ त्वरित कार्रवाई दल (क्यूआरटी) भी था जिसने कसोल में डेरा जमाया है। विशेष कमांडो दस्ता बुधवार सुबह मणिकर्ण वैली के कसोल, मलाणा, तोष व अन्य स्थानों पर पहुंचा है। शेख अब्दुल नईम के कुल्लू में ठहरने व वहां किसी आतंकी की मौजूदगी को लेकर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। नईम के इस खुलासे के बाद कि लश्कर-ए-तैयबा के निशाने पर इजरायली समुदाय है, इसकी भनक लगने से इन इलाकों में विशेष दस्ते की ज्यादा हलचल दिखी क्योंकि वहां इजराइली रहते हैं।

अवैध होटलों के खिलाफ कार्रवाई...

इसी बीच उधर कसोल में बिना मंजूरी चल रहे 44 होटलों को बंद करने के आदेश पर मणिकर्ण वैली के होटल कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। एनजीटी की ओर से कुल्लू-मनाली के 1700 होटलों को जांचने के लिए पैनल गठित होने की खबर व्यवसायी सकते में हैं। शनिवार को प्रशासन कसोल के अवैध होटलों को बंद करवाने के पुलिस बल समेत भी पहुंचा हुआ है।

कहां है कसोल...

दिल्ली से लगभग 512 किलोमीटर दूर जंगल के बीच-बीचों और पार्वती नदी के किनारे बसा कसोल का इलाका शांत और ठंडा है। दिल्ली-चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर कुल्लू से 39 किमी. दूर और मणिकर्ण से चार किमी. पहले इस इलाके को इसलिए मिनी इजराइल कहा जाता है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में इजराइली टूरिस्ट आते हैं। इनमें युवा लड़के-लड़कियों की संख्या बहुत ज्यादा होती है।

1990 से रहे हैं लोग

साल 1990 में इजरायल के पर्यटकों ने इस गांव में आना शुरू किया था, तब से लेकर अब तक इस गांव की संस्कृति व शैली पर इजराइल का प्रभाव स्पष्ट देखने को मिलता है। इजराइली नागरिक इस गांव में इतनी तादात में आते हैं कि ऐसा लगता है मानों यह कोई इजराइल का ही गांव हो।

इजराइल की भाषा में भी होते हैं होर्डिंग...

सांस्कृतिक रूप से एक जुड़ाव होने की वजह से इजराइली यहां पहुंचते हैं। कसोल में इजराइल की हिब्रू भाषा में पोस्टर दिखना आम बात है। होटलों के नाम और इसके अलावा, मेन्यू में व्यंजनों के नाम भी हिब्रू में लिखे होते हैं। स्थानीय लोग और होटल संचालक भी थोड़ी बहुत इजराइली भाषा में बात कर लेते हैं। इजराइली झंडें भी देखे जा सकते हैं।

लाखों में पहुंच जाती है टूरिस्टों की संख्या...

एसपी ऑफिस कुल्लू से मिले आंकड़ों के अनुसार, 2017 के शुरुआती माह में यहां 1119 इजरायलियों ने पंजीकरण करवाया था। एसपी कुल्लू पदम सिंह ने मीडिया को बताया था कि 2016 में अक्टूबर में 2000 से ज्यादा इजराइलियों ने पुलिस के पास पंजीकरण करवाया था। वहीं, डिस्ट्रिक टूरिज्म डेवलेपमेंट ऑफिसर रत्न नेगी बताते हैं कि 2016 दिसम्बर तक कुल्लू और मनाली में 1 लाख 22 हजार विदेशी आए थे।

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