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प्रमोशन से पहले पेपर का नियम बनाने पर विरोध

प्रमोशन से पहले पेपर का नियम बनाने पर विरोध

Danik Bhaskar | Dec 09, 2017, 05:54 PM IST

चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के क्लेरिकल स्टाफ को प्रमोशन से पहले टेस्ट देना होगा। यह प्रस्ताव यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने वाइस चांसलर प्रो अरुण ग्रोवर को भेजा और उन्होंने इन प्रिंसिपल इस पर सहमति दे दी। इसकी भनक लगते हैं पूसा ने इस नियम को लेकर विरोध शुरु कर दिया।


पुसा प्रेसिडेंट दीपक कौशिक वन्य मेंबर्स इसे लेकर सिंडिकेट के सभी मेंबर से मिले और इस तरह बिना डिस्कशन अपने तौर पर ही नियम में बदलाव किए जाने पर आपत्ति जताई। पंजाब यूनिवर्सिटी के नॉन टीचिंग स्टाफ पर पंजाब सर्विस रूल्स लागू होते हैं पंजाब में प्रमोशन के लिए पेपर का नियम कहीं नहीं है प्रेसिडेंट कौशिक का कहना है कि जब एक बार क्लेरिकल स्टाफ की भर्ती पेपर पास करने के के बाद होती है तो बार बार उनको एग्जाम क्यों देना पड़े।


यूं भी सालों से यही पॉलिसी चलती आ रही है कि सीनियर मोस्ट क्लेरिकल स्टाफ को पद खाली होते ही सिनियोरिटी लिस्ट के मुताबिक प्रमोट कर दिया जाता है। ऐसे में एग्जाम की क्या जरूरत है। यह नियम यूनिवर्सिटी के अधिकारी अपने को चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए लागू कर रहे हैं। उन्होंने इस बारे में ब्लू कैंपस में नोटिस भी लगाएं हैं।


पूसा के प्रेसीडेंट दीपक कौशिक ने बताया कि यूनियन को यह पुख्ता जानकारी मिली थी वी सी ने इस पॉलिसी को अप्रूव करके सिंडिकेट में प्रस्ताव भेजने के लिए कहा है, इसीलिए इंप्लाइज इसका विरोध कर रहे हैं। इस तरह मनमाने ढंग से पीयू के कैलेंडर को चेंज नहीं करने दिया जाएगा। इसके खिलाफ पुसा रविवार को सिंडिकेट मीटिंग के बाहर तो टेस्ट करेगी।