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सिद्धू के बगावती सुर, पार्टी में तबज्जों नहीं मिलने से दिखे खफा

सिद्धू के बगावती सुर, पार्टी में तबज्जों नहीं मिलने से दिखे खफा

Danik Bhaskar | Jan 24, 2018, 03:41 PM IST
नवजोत सिंह सिद्धू नवजोत सिंह सिद्धू

चंडीगढ़. ​जनवरी 2017 में विस चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में शामिल हुए नवजोत सिंह सिद्धू साल भर के अंदर ही बागी मूड में दिख रहे हैं। बुधवार को चंडीगढ़ के म्युनिसिपल भवन सेक्टर-35 में कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू मीडिया से बात किए बगैर पंजाबी में एक लेटर कुछ पत्रकारों को थमा कर चलते बने।

लेटर में लिखा है कि जालंधर, पटियाला और अमृतसर के मेयर चुनने के अलावा पिछले एक महीने में उन्हें किसी भी सरकारी फैसले में शामिल नहीं किया गया। उनके साथ जो हुआ है, उन्हें उसका बहुत दु:ख है। यहां तक कि अमृतसर में मेयर के चुनाव होने से पहले भी उनसे सही ढंग से बरताव नहीं किया गया और मीटिंग में भी सही तरीके से नहीं बुलाया गया। यहीं वजह रही कि वे मीटिंग में शामिल नहीं हुए। हालांकि, बुधवार को दोपहर बाद चंडीगढ़ में सीएम अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नवजोत सिंह सिद्धू भी मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि 22 जनवरी को स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के शहर अमृतसर में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने करीबी करमजीत सिंह रिंटू को मेयर बनाया है। अपने ही शहर अमृतसर में पसंद का मेयर चुनने में सिद्धू की एक न चली। सिद्धू और यहां मेयर बने रिंटू में छत्तीस का आंकड़ा रहा है। मेयर चुनाव में किसी तरह की सलाह न लेने से नाराज हुए सिद्धू और उनके समर्थक 15 पार्षद शपथ ग्रहण समारोह में नहीं आए थे।

और तो और सिद्धू से मिलने उनके घर गए कैबिनेट मंत्री तृप्त रजिंदर बाजवा और सीएम के ओएसडी संदीप सिंह बावा संधू को गेट से ही लौटा दिया गया। वे गेट पर ही उनसे मिलने का इंतजार करते रहे। 10 मिनट बाद कहा गया कि सिद्धू घर पर नहीं हैं। जबकि, वह घर के अंदर ही थे।