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जयराम ठाकुर हैं हिमाचल सीएम के प्रबल दावेदार

जयराम ठाकुर हैं हिमाचल सीएम के प्रबल दावेदार

Danik Bhaskar

Dec 22, 2017, 10:25 AM IST
युवावस्था में जयराम ठाकुर। युवावस्था में जयराम ठाकुर।

शिमला। हिमाचल प्रदेश में जयराम ठाकुर का सीएम बनना तय हो चुका है। सूत्रों के मुताबिक, शहर की पीटरहॉफ होटल में बीजेपी नेताओं के साथ पार्टी पर्यवेक्षक निर्मला सीतारमण और नरेंद्र तोमर की कोर कमेटी की गुरुवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया है। हालांकि शुक्रवार को धूमल व जयराम समर्थकों की गई नारेबाजी के बाद दोनों केंद्रीय मंत्री व हिमाचल प्रभारी मंगल पांडय दिल्ली रवाना हो गए हैं, जहां वे अपनी रिपोर्ट भाजपा हाईकमान को सौंपेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि विचार विमर्श के बाद आज उनके सीएम बनने की आधिकारिक घोषणा दिल्ली से की जाएगी। आपको बताने जा रहे हैं कि किस तरह संघर्ष करे वह इस मुकाम तक पहुंचे हैं....

7 किमी पैदल चल कर जाते थे स्कूल...

जयराम ठाकुर का जन्म 6 जनवरी 1965 में मंडी जिला के थुनाग में गरीब परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम स्व. जेठू राम व माता का नाम बृक्मू देवी है। उनकी प्रारांभिक शिक्षा प्राथमिक पाठशाला कुराणी व माध्यमिक शिक्षा थुनाग से हुई थी। माध्यमिक शिक्षा ग्रहण करने के बाद उन्होंने हाईस्कूल बड़स्याड़ से दसवीं कक्षा हासिल की। हाईस्कूल की शिक्षा ग्रहण करने के लिए उन्हें स्कूल आने व जाने के लिए रोजाना 14 किमी का फासला पैदल तय करना पड़ता था।

उनके परिवार की आर्थिक स्थति ठीक नहीं थी। वह उनके तीन भाई और दो बहने हैं। वर्ष 1980-81 में वह आर्थिक तंगी के कारण एक साल तक अपने गांव में ही रहे और खेतीबाड़ी में अपने माता-पिता का हाथ बंटाते रहे।

ऐसे थामा था संगठन का दामन...

एक साल तक गांव में ही रहने के बाद उन्होंने मंडी के बल्भ सांध्य कॉलेज में यह सोचकर दाखिला लिया कि वह दिन में कोई रोजगार हासिल कर पढ़ाई पूरी कर लेंगे। लेकिन उन्हें रोजगार कम ही मिला। इस दौरान वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से भी जुड़ गए और मंडी के राजकीय महाविद्यालय में उन्होंने रेगुलर तौर पर दाखिला लिया। बीए की शिक्षा ग्रहण करने के बाद वह जम्मू में होल टाइमर एबीवीपी के कार्यकर्ता बनकर गए, जहां से उनके जीवन की सही मायने में राजनीतिक पारी शुरू हुई।

ऐसे आए राजनीति की मुख्य धारा में...

स्टूडेंट लाइफ में करीब दस साल तक संघर्घ करने के बाद 90 के दशक में उन्हें मंडी के सिराज विधानसभा क्षेत्र से युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद 1993 में वह युवा मोर्चा के जिलाअध्यक्ष भी रहे। उन्होंने सबसे पहले 1998 में चुनाव लड़ा और इस बार पांचवी बार विधायक चुने गए हैं।


ये हैं समीकरण...


वह भाजपा सरकार में मंत्री व प्रदेश में भाजपा अध्यक्ष भी रह चुके हैं। प्रेम कुमार धूमल को बीजेपी पहले ही अपना सीएम उम्मीदवार घोषित कर चुकी थी। लेकिन धूमल की हार के बाद उनके सीएम पद की दावेदारी लगभग खत्म हो गई। इसके बाद अब विधायक दल ने जयराम ठाकुर का अपना नया नेता चुना है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और आरएसएस प्रचारक अजय जमवाल भी इस दौड़ शामिल थे। वहीं, खबर है कि जयराम के नेता चुने जाने पर धूमल समर्थक विधायकों ने नाराजगी व्यक्त की है, जिसके बाद अब इसकी घोषणा दिल्ली में पार्टी हाईकमान से विमर्श के बाद की जाएगी।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा की 68 सीटों में से बीजेपी को 44 सीटें मिली हैं, जबकि कांग्रेस 21 पर सिमट गई। तीन सीटें अन्य के खाते में गई हैं। हिमाचल में बीजेपी को करीब 48.6 फीसदी वोट मिले हैं, जबकि कांग्रेस 41.9 फीसदी वोट हासिल कर पाई है।

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