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इनोवेशन इन ट्राईसिटी

इनोवेशन इन ट्राईसिटी

Dainik Bhaskar

May 16, 2017, 07:52 PM IST
Indo-Americans smart investment by looking at Smart Solutions
चंडीगढ़। स्मार्ट अटेंडेंस, रियल टाइम ट्रैकिंग एवं मॉनिटरिंग, इनवेंट्री मैनेजमेंट, नकदी-रहित ट्रांजेक्शंस, सिक्योरिटी मैनेजमेंट, ये कुछ ऐसे एरिया हैं, जिन के बेहतर सॉल्यूशंस के लिए कॉर्पोरेट वर्ल्ड की कंपनियां लगातार तलाश में रहती हैं। दुनिया में कई कंपनियां अलग अलग तौर पर इन के सॉल्यूशंस प्रदान करती हैं लेकिन मोहाली स्थित आईएसओएस इंक. ने अपने दम पर अकेले ही इन सभी सॉल्यूशंस को एक ही एप्प आईएसओएस में प्रदान कर दिया है।
आईएसओएस के फाउंडर सीईओ आर.पी.सिंह ने बताया कि अभी हम दो तीन कंपनियों में इसकी बीटा टेस्टिंग कर रहे हैं और काफी अच्छे रिजल्ट मिल रहे हैं। भारत और विदेश से कंपनियां लगातार इस सॉल्यूशन को अपने ऑफिस और यूनिट्स में लगाने के लिए लगातार संपर्क कर रही हैं लेकिन हम टेस्टिंग पूरा करने के बाद ही इसका कमर्शियल रोलआउट करेंगे। आर.पी.सिंह ने बताया कि इस समय सभी कंपनियां अपने कर्मचारियों का आउटपुट बढ़ाने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं। ऐसे में इस सॉल्यूशंस से कंपनी को कर्मचारी के हर मूव की जानकारी होगी और उनके आउटपुट को डेली बेसिस पर आंका जा सकेगा।

मोहाली स्थित आईएसओएस की अपार संभावनाओं को देखते हुए अमेरिकी सीरियल टैक एन्टरप्रेन्योर नितिन खन्ना ने 5 मिलियन डॉलर (करीब 32 करोड़ रुपए) का निवेश किया है। इस निवेश से कंपनी रिसर्च एंड डेवलपमेंट का काम और तेज करने और सेल्स एंड मार्केटिंग का काम तेज करेगी।

अमेरिकी इनवेस्टर ने पहचाना संभावनाओं को:
ओरेगन, पोर्टलैंड स्थित एमएंडए कंपनी मर्जरटैक के सीईओ नितिन खन्ना ने कहा कि ‘‘भारतीय स्टार्टअप इको-सिस्टम ने पूरे विश्व का ध्यान खींचा है। भारत को लेकर सबसे अच्छा पहलू ये है कि टैक उद्यमी, टीयर 2 शहरों से उभर रहे हैं और उनके पस जबरदस्त और समझदारी भरे आइडिया और सर्विसेज हैं, जिनसे उनके स्टार्टअप्स सफल हो रहे हैं। चूंकि अधिकांश कंपनियों के लिए उत्पादकता सबसे महत्वपूर्ण होती है, ऐसे में आईएसओएस उनकी एक जरूरी मांग को पूरा करती है और हम इस क्षेत्र में काफी मांग बढ़ते हुए देख रहे हैं।’’ नितिन खन्ना, सैबर कॉर्पोरेशन के संस्थापक चेयरमैन और सीईओ है। सैबर कॉर्पो. अमेरिका में सबसे बड़े स्टेट गर्वंमेंट समाधानों को प्रदान करने वालों में से एक है। नितिन ने जुलाई, 1998 में सैबर की सह-संस्थापना की थी और उन्होंने 2007 में इसे 1200 कर्मियों और 120 मिलियन डॉलर की कंपनी बना दिया। उस समय उन्होंने इसे ईडीएस को 460 मिलियन डॉलर में बेच दिया।

खन्ना ने कहा कि ‘‘विदेशों में निवेश बैंकर के तौर पर काम करने के बाद मैंने पूरी दुनिया भर में कई संभावित स्टार्टअप्स को देखा, पर जो जोश और समर्पण भारतीय उद्यमियों, खासकर ट्राईसिटी के युवाओं में देखा है, जो कि छोटे छोटे शहरों से आए हैं, वह शानदार है। आज निवेशक स्टार्टअप में अधिक से अधिक निवेश के लिए तैयार हैं, पर समस्या ये है कि निवेश के लिए सही स्टार्टअप की पहचान कैसे की जाए और निवेश का क्या स्तर हो, ऐसे में इस क्षेत्र में मेरी विशेषज्ञता काम आती है।’’

पीएम के समक्ष पेश करेंगे इन सॉल्यूशंस को
आईएसओएस आने वाले दिनों में स्मार्ट अटेंडेंस सिस्टम और रियल टाइम ट्रैकिंग, मॉनिटरिंग के साथ, जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रेजेंटेशन देंगे। इस सॉफ्टवेयर को परिसरों, सरकारी अस्पतालों, कार्यालयों और उद्योगों में लगाया जा सकता है। इससे सरकारी विभागों में कर्मियों की उपस्थिति से लेकर उनके कामकाज पर भी नजर रखी जा सकेगी।

वर्कप्लेस बनेगा कनेक्टड स्पेस
इस नए सॉल्यूशन में वर्कप्लेस एक कनेक्टड स्पेस बना जाएगा और ये पूरी तरह से वायरलेस होगा और सभी ऑफिस में मौजूद सभी वायरलेस डिवाइसेज को इंटर-कनेक्ट किया जा सकेगा। आईएसओएस बैंकिंग से लेकर रिटेल सेगमेंट तक मैनेजमेंट से लेकर कस्टमर तक को ढेरों सॉल्यूशंस प्रदान कर सकता है।

ऐसे बदलेगा ऑफिस वर्किंग को
-एम्पलाइज के ऑफिस में प्रवेश करते ही अटेंडेंस लग जाएगी, किसी बॉयोमेट्रिक की भी जरूरत नहीं।
-लैपटॉप भी ऑटोमेटिक ही ऑफिस सर्वर से कनेक्ट हो जाएगा, किसी वायर कनेक्शन की जरूरत नहीं।
-इम्प्लाइज के फील्ड में जाने पर हर मूवमेंट की रिपोर्ट ऑफिस में ली जा सकेगी।
-स्टोर में पड़े सामान की इन्वेंट्री भी ऑटोमेटिक ही अपडेट होती रहेगी।
-ऑफिस कैंटीन की सर्विसेज को भी कैशलेस यूज किया जा सकेगा।
-ऑफिस बोर्ड रूम या मीटिंग रूम की बुकिंग भी मोबाइल से ही की जा सकेगी।
-आईएसओएस से देखा जा सकता है कि किसी रूम का उपयोग कौन कर रहा है और वह कब खाली होगा।
-मीटिंग में शामिल होने वाले लोगों में से जो कोई भी बोर्ड रूम में पहुंचेगा, बाकी को उसके पहुंचने का मैसेज अपने आप ही चला जाएगा। कॉल करने की कोई जरूरत नहीं।
-ऑफिस या यूनिट में किसी को भी तुरंत लोकेट किया जा सकता है।
-किसी भी टाउन हॉल या इमरजेंसी मीटिंग के लिए तुरंत अलर्ट भेजा सकता है।
-किसी भी मामले में ऑफिस कर्मियों से तुरंत फीडबैक लिया जा सकता है।
-प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, प्रोडक्शन, हायरिंग आदि को लेकर भी कई सॉल्यूशन इसी एप्लीकेशन में उपलब्ध हैं।

कोर टीम में शामिल हैं
-अनिल राणा, चीफ एनेबलर, प्रोडक्ट सेल्स
-गौरव अरोड़ा, सॉल्यूशन आर्किटेक्ट
-पारस गुगलानी, मार्केटिंग एंड ब्रांडिंग
-अभिषेक वासुदेव, डिजाइन टीम
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