Hindi News »Union Territory »Chandigarh »News» Know The Facts About Actress Kanchan Gupta

रियल लाइफ में ऐसी दिखती हैं टीवी की ये मां, जानिए लाइफ से जुड़ी बातें

रियल लाइफ में ऐसी दिखती हैं टीवी की ये मां, जानिए लाइफ से जुड़ी बातें

vikas sharma | Last Modified - Nov 24, 2017, 12:12 PM IST

चंडीगढ़. 1986 में ग्रैजुएशन करने अबोहर से चंडीगढ़ आई। क्लास में जब भी फ्री होती तो टीचर की नकल करती। तब मेरी फ्रेंड्स कहतीं तुम्हें एक्टिंग फील्ड में जाना चाहिए। पर मेरा ड्रीम एक्टिंग करना नहीं, शादी करना था और ग्रेजुएशन करने के बाद मेरी शादी हो गई। मेरी बहन मॉडलिंग करती थी। एक दिन मैं उसके साथ किसी मीटिंग में गई। वहां उसको मैं कुछ समझा रही थी तभी एक शख्स मेरे पास आया और कहने लगा आप कितने अच्छे से बात करते हो समझाते हो आपको एक्टिंग फील्ड में होना चाहिए। यहीं से मेरा मन बदला और एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा। यह कहना है एक्ट्रेस कंचन गुप्ता का। वह चंडीगढ़ में छुट्टियां बिताने आई थी। इस दौरान उन्होंने एक्टिंग और थिएटर से जुड़ने की बात और चंडीगढ़ में बिताए अपने पुराने दिनों को हमसे साझा किया।


कंचन बोलीं- सबसे पहले मुझे पंजाबी फिल्म में काम करने का मौका मिला, लेकिन प्रोजेक्ट बीच में ही रुक गया। इसके बाद 2003 में मुझे जालंधर दूरदर्शन में एक सीरियल करने का मौका मिला। तब मेरी मुलाकात थिएटर आर्टिस्ट अनीता शब्दीश से हुई। उन्होंने मुझे थिएटर जॉइन करने के लिए कहा। फिर मैं टीएफटी से जुड़ी, थिएटर सीखा और प्ले भी किए। इनमें लोहा कुट्ट, गधे की बारात, वीकेंड, चेहरे, अहिल्या आदि शामिल हैं। मेरे पति और घरवालों ने भी मेरा पूरा साथ दिया।


जब ग्रीन रूम बंद करके रोने लगी थी...


कंचन ने बताया- एक बार सुदेश शर्मा ने मुझे सोलो प्ले वीकेंड के लिए चुना, जो सेक्टर-१८ टैगोर थिएटर में हुआ था। रिहर्सल करने से लेकर परफॉर्म करने तक मैं बहुत घबराई हुई थी। मैंने उनसे कहा कि मुझसे यह नहीं होगा। तब उन्होंने मुझे हौसला दिया और कहा कि तुम कर सकती हो। प्ले १ घंटे का था, लेकिन मुझे लगा कि मैं सब डायलॉग भूल गई, जिस वजह से १० मिनट में ही प्ले खत्म कर दिया गया। इसके बाद मैंने खुद को ग्रीन रूम में बंद कर लिया और रोने लगी। इतने में सुदेश शर्मा आए और दरवाजा खटखटाने लगे। उन्होंने कहा- प्ले १ घंटे का ही था तुमने बहुत अच्छे से किया। तुम प्ले में इतना खो गई थी कि तुम्हें समय का पता नहीं चला होगा।
मुंबई जाकर स्ट्रगल नहीं करना पड़ा


कंचन बोलीं-जब किसी कंपनी में काम करने जाते हैं तो सबसे पहले इंटरव्यू दिया जाता है। इसके बाद सिलेक्ट या रिजेक्ट करना कंपनी के हाथ में होता है। ऐसा एक्टिंग की फील्ड में भी होता है। आर्टिस्ट के लिए एक्टिंग उसकी जॉब है और फिल्म टीवी सीरियल कंपनी की तरह है। तभी एक फिल्म या सीरियल करने के बाद दूसरे के लिए ऑडिशन देने पड़ते हैं। इस बात का जिक्र इसलिए कर रही हूं क्योंकि मुझे मुबंई जाकर कभी स्ट्रागल नहीं करना पड़ा। जितने भी ऑडिशन दिए उनमें सिलेक्ट हुई हूं।



आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...

photo- जसविंदर सिंह


दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×