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चंडीगढ़ लौटना वर्ल्ड कप खेलने जैसा

gaurav marwaha | Last Modified - Nov 14, 2017, 12:26 AM IST

चंडीगढ़। फीफा वर्ल्ड कप फुटबॉल में खेलने वाली भारतीय टीम में सात प्लेयर चंडीगढ़ के ही थे।
चंडीगढ़ लौटना वर्ल्ड कप खेलने जैसा
चंडीगढ़।फीफा वर्ल्ड कप फुटबॉल में खेलने वाली भारतीय टीम में सात प्लेयर चंडीगढ़ के ही थे। इन सात प्लेयर्स में से चार प्लेयर्स चंडीगढ़ फुटबॉल एकेडमी की ही देन थे। वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक गोल करने वाले जैक्सन सिंह के साथ साथ टीम के कप्तान अमरजीत सिंह कियाम और लेफ्ट बैक संजीव भी यहां की एकेडमी से ही निकले। 2011 में एकेडमी जॉइन करने वाले अमरजीत सिंह कियाम, संजीव और जैक्सन को जैसे ही नेशनल कैंप से एक हफ्ते की छुट्टी मिली तो उन्होंने घर की जगह चंडीगढ़ आना बेहतर समझा। जैक्सन घर के एक काम से मणिपुर लौट गए लेकिन संजीव ओर अमरजीत ने एकेडमी में ही रहकर जूनियर प्लेयर्स के साथ समय बिताना बेहतर समझा। दोनों ने एकेडमी स्टूडेंट्स के साथ अपना एक्सपीरियंस बांटा और उन्हें कॉन्फिडेंस के साथ गेम खेलने के भी टिप्स दिए। संजीव और अमरजीत सिंह के साथ साथ बाकी दोनों ट्रेनी भी एकेडमी के साथ 2011 में जुड़े थे। इसके बाद चारों ने यही से ही गेम की बारीकियां सीखी और फिर भारतीय टीम में जगह बनाई।

वर्ल्ड कप ने प्रैशर झेलना सिखाया:
भारतीय अंडर-17 टीम के कप्तान रहे अमरजीत सिंह कियाम ने यहां पर प्लेयर्स के साथ अपना एक्सपीरियंस साझा करते हुए कहा कि वर्ल्ड कप देश में होना बड़ी बात है। हम उसमें खेले इससे बड़ी कामयाबी और कोई नहीं हो सकती। इस वर्ल्ड कप ने हमें प्रैशर झेलना सिखाया और खुद को साबित करना भी। हमें अब पहले से और अच्छा करना है और खुद को साबित भी करना है। चंडीगढ़ का हमेशा ही हमारे जीवन में बड़ा योगदान है। हमने गेम को यहां पर ही सीखा है और इससे बेहतर एकेडमी पूरे देश में नहीं है। आप भी यहां से अपने ड्रीम को पूरा कर सकते हैं।
फ्यूचर की नहीं आज का सोचना होगा:
टीम के लेफ्ट-बैक संजीव भी 2011 बैच के ही हैं और वे कहते हैं कि मैं आने वाले कल के बारे में नहीं सोचता। मैं सिर्फ आज अच्छा खेलना चाहता हूं। अगर मैं आज अच्छा खेलूंगा तभी कल मुझे पहचान मिलेगी। आपको भी छोटे गोल तय करने चाहिए। उन्हीं गोल के आधार पर गेम को खेलते हुए आगे बढ़ना चाहिए। छोटे गोल से ही बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। हमने भी ऐसा ही किया है। चंडीगढ़ फुटबॉल एकेडमी बेस्ट है और इसने देश को कई इंटरनेशनल प्लेयर्स दिए हैं। आप भी यहां पर अपने आप को साबित करके सपने पूरे कर सकते हैं।

चंडीगढ़ एकेडमी यूथ बॉयज के लिए बेस्ट:
भारतीय टीम के कप्तान अमरजीत कहते हैं कि चंडीगढ़ फुटबॉल एकेडमी देश की बेस्ट यूथ एकेडमी है। यहां पर जो इंफ्रास्ट्रक्चर है वो किसी जगह पर नहीं। इसके अलावा यहां का कोचिंग स्टाइल और कल्चर किसी को भी टक्कर दे सकता है। हमने अपने घर को छोड़कर यहां आने का फैसला किया था और ये हमारा दूसरा घर है। वहीं संजीव भी इस बात को मानते हैं। उनका मानना है कि एकेडमी की डेडीकेशन ही यहां की ताकत है। प्लेयर की जरूरत को पूरी तरह से यहां पर समझा जाता है और कोच प्लेयर की स्ट्रैंथ पर ही पूरी तरह से काम करते हैं।
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Web Title: chandigarh lautnaa vrld kp khelne jaisaa
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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