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बेटी के पेट में दर्द हुआ तो हॉस्पिटल ले गए मां-बाप; जांच के बाद डॉक्टरों की बात सुन पैरों तले खिसक गई जमीन, लड़की ने डर के मारे किसी को नहीं बताई थी वो बात

चंडीगढ़ न्यूज: घर वाला ही निकला दरिंदा, सदमे लगा ऐसा कि बेटी आरोपी का नाम तक नहीं बता पा रही

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2019, 12:35 PM IST
Chandigarh News  15-year-old girl r aped by relative

चंडीगढ़घर में आए एक रिश्तेदार ने 15 साल की बच्ची के साथ रेप किया। डर के मारे बच्ची ने यह बात किसी को नहीं बताई। कुछ दिन के बाद पेट दर्द हुआ तो पेरेंट्स ने बच्ची को हॉस्पिटल में दिखाया। यहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची तो प्रेग्नेंट है। डॉक्टरों ने तुरंत सूचना पुलिस को दी। मौके पर सब इंस्पेक्टर सरिता राय पहुंची और पीड़ित परिवार से डिटेल में बात की। इस दौरान न जाने क्या बात हुई कि बच्ची के घरवाले घबरा गए। जैसे ही सरिता राय रूम से बाहर आईं तो बच्ची का परिवार घबराकर वहां से चला गया।

पुलिस इतनी लापरवाह रही कि इस मामले के बारे में चाइल्ड वेलफेयर कमीशन को भी नहीं बताया। किसी तरह मामला चाइल्ड वेलफेयर कमीशन की जानकारी में पहुंचा। इसके बाद आनन-फानन में पुलिस ने पीड़ित परिवार को तलाश किया और चार दिन बाद एफआईआर दर्ज की। इस पूरे मामले से यह पता चलता है कि कैसे रेप के मामले को दबा रही थी, जिस वजह से दरिंदा खुलेआम घूम रहा है।


आरोपी का नाम भी नहीं बता रही नाबालिग...
रेप के आरोपी का नाम पुलिस के पास नहीं आया है। दर्ज एफआईआर के मुताबिक बच्ची के पेट में दर्द था, जिसके चलते उसके घरवाले उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर गए थे। यहां पर पता लगा कि बच्ची प्रेग्नेंट है। डॉक्टर के बताने के बाद पहले ही बच्ची के घरवाले घबरा गए थे। इतने में पुलिस भी मौके पर पहुंची। घर जाकर बेटी से पूछा तो सामने आया कि कुछ समय पहले घर में कुछ रिश्तेदार आए थे।
काउंसिलिंग भी नहीं करवाई...बच्ची सदमे में है। केस दर्ज होने के एक दिन बाद भी बच्ची की काउंसलर से पुलिस ने कोई काउंसलिंग नहीं करवाई। वुमन सेल में यूटी पुलिस द्वारा रेप पीड़ित की भी काउंसलिंग होती है।

सवाल: पीड़ित परिवार क्यों डरा...पीड़ित परिवार क्यों डरकर चला गया इस बारे में डॉक्टरों द्वारा भी एक रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसे एडमिनिस्ट्रेशन में भेजा गया है। ऐसे संगीन मामले के बाद पुलिसवालों ने घरवालों को ऐसा क्या कहा कि वे डर गए।


हमने जब बच्ची का इलाज शुरू किया तो तुरंत जानकारी पुलिस को दे दी थी। इसके बाद हमारा काम सिर्फ इलाज करना होता है। बाकी जिम्मेदारी पुलिस की होती है। -वरिंदर नागपाल, मेडिकल सुपरिंटेडेंट


पुलिस बोलने को तैयार नहीं
यह बच्ची के साथ अपराध का मामला है, इसलिए इस मामले में हम कुछ नहीं बोल सकते। -पवन कुमार, डीएसपी पीआरओ


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