Hindi News »Union Territory »Chandigarh »News» Punjab CM Amarinder Singh Clarification On Sidhu Resign Demand

सिद्धू के इस्तीफे का सवाल ही पैदा नहीं होता, विपक्ष के मांग उठाए जाने पर कैप्टन की सफाई

सीएम ने कहा कि सिद्धू के मामले में फैसला सुनाते समय उनके समाज के प्रति योगदान को ध्यान में रखेगा कोर्ट।

Bhaskar News | Last Modified - Apr 16, 2018, 12:19 AM IST

सिद्धू के इस्तीफे का सवाल ही पैदा नहीं होता, विपक्ष के मांग उठाए जाने पर कैप्टन की सफाई

चंडीगढ़. निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में लंबित केस के मद्देनजर उनके द्वारा कैबिनेट से इस्तीफा देने के कयासों को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह कहते हुए खत्म कर दिया है कि सिद्धू को मंत्री पद छोड़ने के लिए कहने का सवाल ही पैदा नहीं होता। सीएम ने कहा कि सड़क पर झगड़े से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 2007 में सिद्धू की सजा पर रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट के सजा वाले आदेशों को चुनौती देने संबंधी सिद्धू की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अभी फैसला सुनाना है।

इस्तीफे की मांग उठाए जाने के बाद सीएम ने सफाई दी

- कैप्टन ने कहा कि इस 30 साल पुराने केस में राज्य सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में सिर्फ अपना पक्ष दोहराए जाने के आधार पर मंत्री सिद्धू से इस्तीफा मांगने का सवाल ही पैदा नहीं होता। सजा पर रोक के कारण सिद्धू को मंत्रालय में शामिल करने के दौरान न तो कोई रुकावट थी और न ही अब उनके मंत्री बने रहने में कोई अड़चन है। सिद्धू से इस्तीफा मांगे जाने से संबंधित रिपोर्टों और विपक्ष द्वारा कैबिनेट मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाए जाने के बाद सीएम ने सफाई दी है।

- सिद्धू के खिलाफ इस केस में कांग्रेस सरकार की तरफ से अपना पक्ष न बदले जा सकने की बात को दोहराते हुए सीएम ने उम्मीद जताई कि इस केस का फैसला करते समय कोर्ट द्वारा सिद्धू के समाज और देश के प्रति योगदान को ध्यान में रखा जाएगा।

सुखबीर बादल को जवाब: मुझे नसीहत की जरूरत नहीं
- सीएम अमरिंदर सिंह ने उनके काम की शैली पर शिरोमिण अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल की हास्यस्पद और बेतुकी बयानबाज़ी पर कहा कि उनको पूर्व उप-मुख्यमंत्री से सबक लेने की ज़रूरत नहीं है जिसने अकाली-भाजपा के 10 वर्षों के शासन के दौरान दुषप्रबंधों से राज्य का बेड़ा गरक कर दिया।

- आज यहां जारी बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल शासन पक्ष से बुरी तरह नाकाम सिद्ध हुआ, जिसका प्रमाण पिछली सरकार के समय राज्य में फैली अंधेरगर्दी से मिलता है, जिस के कारण अकाली दल के प्रधान को किसी के शासन चलाने के ढंग पर किंतु करने का कोई हक नहीं है।

- कैप्टन ने कहा कि सुखबीर का बयान बिल्कुल बेतूका है, जिससे पंजाब के राजनैतिक धरातल छिन जाने से अकाली दल की निराशा के कारण उसमें पैदा हुई बेचैनी से अलावा और कुछ नहीं है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×