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किसानों ने मांगा तय रेट पर डीजल का कोटा, नहीं तो करेंगे आंदोलन

पेट्रोल-डीजल के बढ़ते रेट का असर किसानों पर भी पड़ रहा है। महंगे डीजल से खेती की लागत बढ़ गई है। केंद्र सरकार द्वारा...

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 03:10 AM IST
पेट्रोल-डीजल के बढ़ते रेट का असर किसानों पर भी पड़ रहा है। महंगे डीजल से खेती की लागत बढ़ गई है। केंद्र सरकार द्वारा किसानों को एमएसपी में 200 रुपये की दी गई बढ़ोतरी भी डीजल पर ही खर्च हो रही है। अनदेखी से खफा किसान अब सरकार को घेरने की तैयारी में जुट गए हैं।

किसानों ने राज्य और केंद्र सरकारों से मांग की है कि उनके लिए डीजल का एक तय कोटा तय रेट पर फिक्स किया जाए। ताकि खेतीबाड़ी किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो। साथ ही चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। पंजाब में डीजल की कुल खपत 40170 लाख किलोलीटर है। जिसमें से किसान हर साल 11 लाख किलोलीटर डीजल की खपत खेती के लिए करते हैं।

धान के सीजन में इसकी खपत बढ़ जाती है। ऐसे में डीजल के दामों की बढ़ोतरी से किसानों पर सीधा असर पड़ रहा है। इधर सरकार पेट्रो पदार्थों के रेट घटाने के लिए टैक्स कम करने पर चुपी साधे बैठी है जबकि पेट्रो पदार्थों से पंजाब सरकार को हर साल 7 हजार करोड़ का मुनाफा होता है। सूबे के लोग प्रति लीटर पेट्रोल पर 30.58 रुपये और प्रति लीटर डीजल पर 12.32 रुपये केवल वैट चुका रहे हैं जबकि पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी व डीलर के कमीशन के करीब 28 रुपये और डीजल पर लगभग इतनी ही राशि है।

पेट्रोलियम पदार्थों पर करना चाहिए टैक्स रिफॉर्म