--Advertisement--

शवों के इंतजार में 15 km तक खड़े थे लोग, कोई रिश्ता नही फिर भी हर आंख थी नम

5 किलोमीटर के रास्ते में सारी दुकानें बंद थीं। लोग सड़कों के किनारे खड़े होकर शवों का इंतजार कर रहे थे।

Danik Bhaskar | Apr 11, 2018, 01:06 AM IST
9 अप्रैल को हुआ था कांगड़ा बस हादसा। 23 बच्चों की हुई थी मौत। 9 अप्रैल को हुआ था कांगड़ा बस हादसा। 23 बच्चों की हुई थी मौत।

खवाड़ा (नुरपूर/हिमाचल). कांगड़ा जिले के नूरपुर हॉस्पिटल में 23 बच्चों के पोस्टमार्टम के बाद एक के बाद एक 24 वाहन खवाड़ा की ओर निकले तो 15 किमी के रास्ते में सारी दुकानें बंद थीं। लोग सड़कों के किनारे खड़े होकर शवों का इंतजार कर रहे थे। सड़क किनारे खड़े लोगों का बच्चाें से कोई रिश्ता नही था लेकिन हर गाड़ी के आगे बढ़ते ही सड़क किनारे खड़े लोगों की आंखों से आंसू निकलने लगे।

- गाड़ियां खवाड़ा गांव पहुंची तो गांव के हर घर से रोने-चीखने की आवाजें निकलती रहीं। एक दिन पहले ही इस गांव ने इन 12 बच्चों को सजा संवार कर स्कूल भेजा था।

- मंगलवार को कफन में लिपटे वापस लौटे थे। गांव की सड़क से 10 कदम ऊपर एक ही आंगन में चार मासूमों के शव पहुंचे तो महिलाएं ही नहीं पुरुष भी अपना धैर्य खो बैठे।

- फिर इन घरों से एक के बाद एक 12 बच्चों की शवयात्रा शुरू हुई तो पीछे से राेने के सिवा कानों की चीरती आवाजों के सिवा कुछ नहीं बचा था।

-

कांगड़ा में आगामी दस दिनों तक नहीं होंगे कोई कार्यक्रम :

- जिला कांगड़ा के नूरपुर उपमंडल में 9 अप्रैल को घटित दर्दनाक स्कूल बस दुर्घटना के मध्यनजर जिला प्रशासन ने जिला कांगड़ा में आगामी दस दिनों तक सरकारी कार्यक्रमों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों को न मनाने का फैसला लिया है।

एक साथ जले 12 शव

- 12 शवों का एक साथ मंगलवार को पास के नाले में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

- हजारों की तादाद में लोग इस अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए पंहुचे थे। गांव के लोग बता रहे थे कि 70 फीसदी लोग इस गांव और आसपास के नहीं हैं।

- दूर-दूर से जिसे भी इनका पता चला वे इस गांव में दौड़े चले आए। नाले के एक तरफ चार और दूसरी तरफ तलहटी पर 8 अलग-अलग शवों को एक साथ ही मुखाग्नि दी गई।

- लोग वहां बिलख-बिलख कर रो रहे थे, वजह साफ थी कि इस गांव में मौत का कहर इस कदर फूटा, जिससे 10 परिवार बुरी तरह शोक ग्रस्त हो गए हैं।

पूर्व सीएम सहित कई पहुंचे

- प्रदेश के पूर्व सीएम प्रो. प्रेमकुमार धूमल, कांग्रेस के विधायक मुकेश अग्निहाेत्री, स्थानीय विधायक राकेश पठानिया और पूर्व कांग्रेस विधायक अजय महाजन ने भी बच्चों की इस अंतिम यात्रा में शामिल हुए।

बस हादसे पर हाईकोर्ट का संज्ञान, सरकार व स्कूल प्रबंधन को नोटिस
- हाईकोर्ट ने नूरपुर स्कूल बस हादसे पर संज्ञान लेते हुए सरकार को आदेश दिए कि वह हादसे में घायलों को हरसंभव स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराए।

- कोर्ट ने हादसे में मारे गए बच्चों के अभिभावकों से काउंसिलिंग कर उन्हें मानसिक वेदना से उभारने के प्रयास करने की सलाह भी दी।

- मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि पीड़ितों को सरकार की ओर से हरसंभव सहायता मुहैया करवाई जा रही है।

- मुख्यमंत्री ने भी मंगलवार को पीड़ितों से मुलाकात की और घायलों का कुशलक्षेम पूछा।

- कोर्ट को बताया गया कि सरकार ने मृतकों के परिवार को 5-5 लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा की है और घायलों को जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है।

- कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने इस मामले में पूर्व महाधिवक्ता श्रवण डोगरा को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया।

- उनसे सुझाव देने को कहा कि ऐसे दर्दनाक हादसे फिर कभी न हो।

- कोर्ट ने सरकार व वजीर राम सिंह पठानिया मेमोरियल स्कूल को नोटिस जारी करके 2 सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने के आदेश भी दिए। मामले पर सुनवाई 20 अप्रैल को होगी।