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कैप्टन ने कहा-खट्टर को बुलाकर किसानों के जख्मों पर नमक छिड़का, खट्टर का पलटवार किसानों का पानी पाकिस्तान को दे रहे

मलोट में शिअद-भाजपा की किसान-खेत मजदूर धन्यवाद रैली पर सियासत गरमाई, कांग्रेस ने उठाए सवाल।

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2018, 01:40 AM IST
khattar and captain row over farmers in modi rally

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि मलोट रैली में अकालियों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को बुलाकर पंजाब से द्रोह किया है। कैप्टन ने कहा कि बादलों ने रैली में पानियों पर पंजाब के हक और सतलुज -यमुना लिंक नहर के मुद्दे पर आवाज उठाने की बजाय सूबे के हितों के विरुद्ध सक्रिय हरियाणा के मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा करके किसानों के जख्मों पर नमक छिड़का है।

अकाली ने मोदी के सामने पंजाब के मुद्दे तक नहीं उठाए : मुख्यमंत्री ने शिरोमणि अकाली दल की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि एसवाईएल और पंजाब के पानियों संबंधी खट्टर का पक्ष स्पष्ट है। ऐसे में अकालियों को उन्हें इस रैली में भाग ही नहीं लेना देना चाहिए था। मुख्यमंत्री ने शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल द्वारा मोदी के सामने चंडीगढ़ पर पंजाब के हक की बात न करने की तीखी आलोचना की।

मोदी ने भी किसानों को निराश किया: एक प्रेस बयान जारी कर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हितों के लिए रखी रैली में प्रधानमंत्री नरिंदर मोदी द्वारा कुछ ठोस ऐलान किए जाने की आशा से सख्त गर्मी में पहुंचे किसानों के पल्ले निराशा ही पड़ी है। मोदी ने अपने भाषण में किसानों के कल्याण की बात करने की बजाय एनडीए सरकार के चार वर्षों के कार्यकाल का ढोल ही बजाया गया जबकि केंद्र सरकार हर मोड़ पर बुरी तरह फैल साबित हुई है।

कांग्रेस ने ही किसानों का कर्ज माफ किया: उन्होंने कहा कि यदि पीएम सचमुच ही देश की हरित क्रांति में योगदान डालने और लाखों भारतीयों का पेट भरने वाले किसानों का धन्यवाद करना चाहते थे तो उनको कृषि कर्ज माफी और स्वामीनाथन रिपोर्ट को हूबहू लागू करने वाले अहम मसलों संबंधी ठोस ऐलान करना चाहिए था। कैप्टन ने कहा कि मोदी ने बांहे फैला-फैला कर कांग्रेस की आलोचना की परन्तु मोदी को कम से कम यह ज्ञान होना चाहिए कि कांग्रेस ने ही किसानों के कर्ज माफ किए हैं, जबकि उनकी सरकार कर्ज में बुरी तरह डूबे किसानों को कोई भी राहत देने से पूरी तरह असफल रही है।

इधर... मलोट में खट्टर ने कहा- कैप्टन रावी का पानी किसानी में इस्तेमाल करने के बजाय पाकिस्तान को दे रहे

एक दिन पहले चंडीगढ़ में एक समागम के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री के सामने चंडीगढ़ पर अपना हक जताने और चंडीगढ़ के साथ लगते शहरों पंचकूला और मोहाली के लिए ट्राईसिटी योजनाबंदी बोर्ड स्थापित करने के सुझाव देनेे वाले हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर ने मलोट रैली में कैप्टन सरकार पर फिर से गंभीर आरोप लगाए। मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि उन्होंने पानी के मुद्दे पर पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को पत्र लिखकर रावी दरिया के पानी को पाकिस्तान भेजने की बजाए उसे रोककर व्यवस्थित ढंग से योजनाबंदी करने को कहा था, मगर उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने साथ ही कहा कि हरियाणा में पानी की कमी के बावजूद उसे व्यवस्थित कर टेलों तक पहुंचाया है।

मोदी ने भी कैप्टन को खट्‌टर सरकार से सीखने की नसीहत दी

दूसरी तरफ रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भी पंजाब सरकार को दो नसीहतें दीं। उन्होंने कहा कि मालवा में कैंसर की बीमारी ज्यादा होने को देखते हुए केंद्र सरकार ने बठिंडा में 1 हजार करोड़ रुपये का एम्स दिया। अब पंजाब सरकार को इसके प्रति गंभीर होकर काम करवाना चाहिए। साथ ‘इज ऑफ डूइंग’ में हरियाणा का उदाहरण देते कहा कि औद्योगिक विकास में हरियाणा 14वें नंबर पर था, जो खट्टर सरकार के प्रयास से आज तीसरे नंबर पर आ पहुंचा है। जबकि पंजाब बादल सरकार के जाने के बाद 20वें नंबर पर चला गया है, क्योंकि यहां उद्योग के लिए सुखद माहौल नहीं है। पंजाब को हरियाणा से नसीहत लेनी चाहिए।

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