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इंजीनियर की नौकरी छोड़ हरप्रीत बना किसान

भास्कर संवाददाता | आनंदपुर साहिब आनंदपुर साहिब के गांव सूरेवाल नीचला के हरप्रीत सिंह मंडेर जो इंजीनियरिंग की...

Dainik Bhaskar

Jun 15, 2018, 02:00 AM IST
इंजीनियर की नौकरी छोड़ हरप्रीत बना किसान
भास्कर संवाददाता | आनंदपुर साहिब

आनंदपुर साहिब के गांव सूरेवाल नीचला के हरप्रीत सिंह मंडेर जो इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके एक प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर था। वह नौकरी छोड़कर आधुनिक तकनीक हासिल करके कृषि का धंधा अपना कर जीवन खुशहाल ढंग से व्यतीत करने की कोशिश कर रहा है।

वह साफ पवन पानी, प्रदूष्ण मुक्त पर्यावरण, कम से कम कीटनाशक का प्रयोग तथा ऑर्गेनिक खाद पदार्थों की पैदावार को प्राथमिकता देता है। मिशन तंदरुस्त पंजाब प्रति लोगों में जागरूक्ता की वृद्धि को एक लहर के रूप में चलाने के लिए उसने पंजाब सरकार की सराहना की।

बता दें कि हरप्रीत पंजाब सरकार के इन धंधों के साथ जुड़ कर विभिन्न विभागों से प्रशिक्षण और जानकारी प्राप्त कर 4 एकड़ में ऑर्गेनिक खेती व 4 कनाल में पोलीहाउस, जिसमें सब्जियों की काश्त तथा 25 एकड़ ठेके पर लेकर उसमें 2.5 एकड़ में मछली फार्म और बाकी जमीन में गेहूं, शुरू करने के अलावा कांट्रेक्ट फार्मिंग कर रहा है।

साफ हवा, पानी और कम से कम कीटनाशक के प्रयोग की हिमायत करता है हरप्रीत

खेती के साथ सहायक धंधे अपनाएं किसान तो होंगे सफल

कुछ समय पहले हरप्रीत सिंह को इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके अच्छी नौकरी और सेलरी छोड़ कर खेती का शौक पैदा हुआ। उसका मानना है कि इस धंधे में किसी तरह का कोई बंधन नहीं है। मेहनत से खेती करके मनचाही आमदन प्राप्त की जा सकती है। आज के समय में खेती को लाभ वाला लाभदायक धंधा कहने से गुरेज किया जा रहा है जबकि इसमें अथाह संभावनाएं हैं। यह सब सहायक धंधे अपना कर हासिल किया जा सकता है। उसने बताया कि वह भी ऑर्गेनिक फार्मिंग, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग, पॉलीहाउस के साथ मछली पालन का सहायक धंधा अपनाकर सफल हुआ है।

भास्कर संवाददाता | आनंदपुर साहिब

आनंदपुर साहिब के गांव सूरेवाल नीचला के हरप्रीत सिंह मंडेर जो इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके एक प्राइवेट कंपनी में इंजीनियर था। वह नौकरी छोड़कर आधुनिक तकनीक हासिल करके कृषि का धंधा अपना कर जीवन खुशहाल ढंग से व्यतीत करने की कोशिश कर रहा है।

वह साफ पवन पानी, प्रदूष्ण मुक्त पर्यावरण, कम से कम कीटनाशक का प्रयोग तथा ऑर्गेनिक खाद पदार्थों की पैदावार को प्राथमिकता देता है। मिशन तंदरुस्त पंजाब प्रति लोगों में जागरूक्ता की वृद्धि को एक लहर के रूप में चलाने के लिए उसने पंजाब सरकार की सराहना की।

बता दें कि हरप्रीत पंजाब सरकार के इन धंधों के साथ जुड़ कर विभिन्न विभागों से प्रशिक्षण और जानकारी प्राप्त कर 4 एकड़ में ऑर्गेनिक खेती व 4 कनाल में पोलीहाउस, जिसमें सब्जियों की काश्त तथा 25 एकड़ ठेके पर लेकर उसमें 2.5 एकड़ में मछली फार्म और बाकी जमीन में गेहूं, शुरू करने के अलावा कांट्रेक्ट फार्मिंग कर रहा है।

आज तक नहीं जलाई नाड़

हरप्रीत सिंह ने बताया कि उसने कभी नाड़ को आग नहीं लगाई क्योंकि इससे उपजाऊ शक्ति के साथ मित्र कीड़े नष्ट हो जाते हैं। उसने पीएयू, कृषि विभाग, बागबानी विभाग, मछली पालन विभाग और सैंटर फाॅर एक्सीलेंस आॅफ वेजिटेबल्ज से ट्रेनिंग ली है।

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