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खराब खाना बर्दाश्त किया जा सकता है, लेकिन खराब साहित्य तो बिलकुल नहीं

चंडीगढ़ साहित्य अकादमी की ओर से इस बार पंजाबी भाषा में अवॉर्ड पाने वाली गोवर्धन गब्बी की किताब, तिन तिए सत्त का...

Dainik Bhaskar

Jun 15, 2018, 02:00 AM IST
खराब खाना बर्दाश्त किया जा सकता है, लेकिन खराब साहित्य तो बिलकुल नहीं
चंडीगढ़ साहित्य अकादमी की ओर से इस बार पंजाबी भाषा में अवॉर्ड पाने वाली गोवर्धन गब्बी की किताब, तिन तिए सत्त का विमोचन पंजाब कला भवन में किया गया। इसे पंजाबी लेखक सभा ने आयोजित किया। इस मौके पर डॉ. दीपक मनमोहन सिंह, डॉ. मनमोहन, बलकार सिद्धू और दीपक चनारथल मौजूद थे। इस दौरान किताब पर चर्चा भी की गई। डॉ. दीपक मनमोहन ने कहा- हर व्यक्ति के अंदर कोई-न-कोई कला छिपी होती है, पर उसे अपनी बात कहने का सलीका होना चाहिए। बोले- साहित्य के क्षेत्र में गोवर्धन गब्बी के लिए आने वाला समय और अच्छा होगा। डॉ. मनमोहन ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा- कभी भी कुछ संपूर्ण नहीं होता। पूरे संसार में किसी भी साहित्य के लिए कभी कोई राय नहीं बनी। हमें अच्छा साहित्य रचने के लिए अच्छा साहित्य पढ़ना भी होगा। जंग बहादुर गोयल ने कहा- ये किताब इस बात का संकेत है कि हमारी जिंदगी का गणित डगमगा रहा है। साहित्य की रचना में आ रही गिरावट के लिए उन्होंने कहा- खराब खाना तो फिर भी बर्दाश्त किया जा सकता है, पर खराब साहित्य बर्दाश्त करना मुश्किल है।

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सेक्टर-16 स्थित पंजाब कला भवन में सिटी बेस्ड राइटर गोवर्धन गब्बी की किताब तिन तिए सत्त का विमोचन हुआ। इसे पंजाबी लेखक सभा ने आयोजित किया।

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