चंडीगढ़ समाचार

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टूटे हुए टुकड़ों से बनाती हैं कस्टमाइज्ड आर्ट पीस

चंडीगढ़ | क्रिएटिविटी सीखी नहीं जाती। यह तो इन बॉर्न टैलेंट होता है। जिसे सही वक्त पर सही दिशा मिल ही जाती है। ऐसी ही...

Danik Bhaskar

May 03, 2018, 02:05 AM IST
चंडीगढ़ | क्रिएटिविटी सीखी नहीं जाती। यह तो इन बॉर्न टैलेंट होता है। जिसे सही वक्त पर सही दिशा मिल ही जाती है। ऐसी ही सिटी बेस्ड दीप्ती वाही के साथ हुआ। इनके पिता जी की सेनीटरी और प्लाईवुड की शॉप थी और वहां मिरर्स होते थे। वहां मिरर्स से खेला करती थीं। फिर पढ़ाई में बिजी हो गईं और शादी हो गई। पर टैलेंट तो टैलेंट है। इसलिए पांच साल पहले ट्रूजो पैकिंग और पिछले साल से मोजेक आर्ट डिजाइन शुरू किया। पहली एग्जिबीशन दीप्ती ने बुधवार को एलांते स्थित पैडलर्स में लगाई। 46 आर्ट वर्क्स में से 80 में मिरर वर्क था।

उन्होंने बताया- उनके आर्ट पीस कस्टमाइज्ड होते हैं। ऑफिस, शोरूम, घर सब के लिए अलग। वे अपने डिजाइन रिपीट नहीं करतीं। कहती हैं कि मेरे सामने किसी भी चीज के टुकड़े पड़े हों, मैं उसमें कुछ न कुछ जोड़कर अौर मिक्स एंड मैच कर खूबसूरत आर्ट पीस तैयार कर देती हूं। मैं अपने आर्ट पीस में मड, पेंट, ग्लास, वुड, टूटे टुकड़ों का इस्तेमाल करती हूं।

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