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आज श्रद्धा व विश्वास का हनन हो रहा : भारती

समाज की बिगड़ी दशा को सुधारने का महत्वपूर्ण काम करने के लिए परमात्मा स्वयं गुरु रूप में इस धरा पर अवतरित होते हंै।...

Danik Bhaskar | Jun 12, 2018, 02:05 AM IST
समाज की बिगड़ी दशा को सुधारने का महत्वपूर्ण काम करने के लिए परमात्मा स्वयं गुरु रूप में इस धरा पर अवतरित होते हंै। तभी तो हमारा प्रत्येक धार्मिक ग्रंथ गुरु को श्री विष्णु महेश व ब्रह्मा से भी बड़ा पद प्रदान करता है। ये प्रवचन साध्वी गरिमा भारती ने दिव्य गुरु संगीतमय भजन संध्या में दिए। इस भजन संध्या का आयोजन दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के सहयोग से सेक्टर-37 के लॉ भवन में किया गया।

समाज के भीतर जब भी कभी पाप, अनैतिकता, भ्रष्टाचार, धर्म के नाम पर पाखंड व अकर्मण्यता का बोलबाला होता है। तब तब वह परमात्मा इस धरा पर आता है व समाज को पुन: जाग्रत कर उसे सही राह प्रदान करता है। इतिहास पर अगर हम दृष्टिपात करे तो भगवान परशुराम, राम व श्रीकृष्ण इसका ही सशक्त उदाहरण हैं। भगवान श्री कृष्ण तो इसका उद्घोष अपनी वाणी में भी करते हुए गीता में कहते हैं। परन्तु आज समाज की बहुत बड़ी विडंबना है कि धर्म के नाम पर भोली जनता का विश्वास लूटा जा रहा है। भगवा वस्त्र पहनकर संत के नाम पर अनेक प्रकार के अनैतिक कार्यों को किया जा रहा है इन कृत्यों में केवल पाखंडी संत ही उत्तरदायी नहीं है। वरन हमारी भी बराबर की भूमिका है क्योंकि हम प्रत्येक भगवाधारी को संत ही मानते हैं। भगवा पहनकर ही रावण ने मां जानकी का हरण किया था। हमारी भी श्रद्धा व विश्वास का आज हनन हो रहा है क्योंकि हमारे पास गुरु की पहचान नहीं है वरन हमारा प्रत्येक धार्मिक ग्रंथ कहता है कि जिसने केवल संत के लिबास को पहना है वह संत नहीं है संत वह है जिसने उस ईश्वर का साक्षात्कार किया है व हमें उसका साक्षात्कार करवा कर उसके वास्तविक स्वरूप से जोड़ दे।

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